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	<title>भारतपीडिया - सदस्य द्वारा योगदान [hi]</title>
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		<title>णमोकार मंत्र</title>
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		<updated>2021-06-24T12:52:07Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;106.207.154.68: /* मंत्र */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{जैन धर्म}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&#039;&#039;&#039;णमोकार मन्त्र&#039;&#039;&#039; [[जैन धर्म]] का सर्वाधिक महत्वपूर्ण [[मन्त्र]] है। इसे &#039;नवकार मन्त्र&#039;, &#039;नमस्कार मन्त्र&#039; या &#039;पंच परमेष्ठि नमस्कार&#039; भी कहा जाता है। इस मन्त्र में [[अरिहन्त|अरिहन्तों]], [[सिद्ध|सिद्धों]], आचार्यों, उपाध्यायों और साधुओं का नमस्कार किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
णमोकार महामंत्र&#039; एक लोकोत्तर मंत्र है। इस मंत्र को जैन धर्म का परम पवित्र और अनादि मूल मंत्र माना जाता है। इसमें किसी व्यक्ति का नहीं, किंतु संपूर्ण रूप से विकसित और विकासमान विशुद्ध आत्मस्वरूप का ही दर्शन, स्मरण, चिंतन, ध्यान एवं अनुभव किया जाता है। इसलिए यह अनादि और अक्षयस्वरूपी मंत्र है। लौकिक मंत्र आदि सिर्फ लौकिक लाभ पहुँचाते हैं, किंतु लोकोत्तर मंत्र लौकिक और लोकोत्तर दोनों कार्य सिद्ध करते हैं। इसलिए णमोकार मंत्र सर्वकार्य सिद्धिकारक लोकोत्तर मंत्र माना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== मंत्र ==&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; &lt;br /&gt;
! प्राकृत !! My&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&#039;&#039;&#039;णमो अरिहंताणं&#039;&#039;&#039; - [[अरिहंत|अरिहंतो]] को नमस्कार हो&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&#039;&#039;&#039;णमो सिद्धाणं&#039;&#039;&#039; - [[सिद्ध (जैन धर्म)|सिद्धो]] को नमस्कार हो&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&#039;&#039;&#039;णमो आइरियाणं&#039;&#039;&#039; - [[जैन आचार्य|आचार्यो]] को नमस्कार हो&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&#039;&#039;&#039;णमो उवज्झायाणं&#039;&#039;&#039; - [[उपाध्याय (जैन)|उपाध्यायो]] को नमस्कार हो&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&#039;&#039;&#039;णमो लोए सव्व साहूणं&#039;&#039;&#039; - इस लोक के सभी [[जैन मुनि|साधु]] - साध्वियो को नमस्कार हो&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== इतिहास ==&lt;br /&gt;
[[File:Hatigumfa.jpg|thumb|250px|उदयगिरी की पहाड़ी पर हाथीगुम्फा अभिलेख]]&lt;br /&gt;
162 ईसापूर्व में [[हाथीगुम्फा शिलालेख|हाथीगुम्फा]] अभिलेख में णमोकार मंत्र एवं जैन राजा खारबेळा का उल्लेख है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महिमा ==&lt;br /&gt;
इस महामंत्र को जैन धर्म में सबसे प्रभावशाली माना जाता है। ये पाँच [[परमेष्ठी]] हैं। इन पवित्र आत्माओं को शुद्ध भावपूर्वक किया गया यह पंच नमस्कार सब पापों का नाश करने वाला है। संसार में सबसे उत्तम मंगल है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस मंत्र के प्रथम पाँच पदों में ३५ अक्षर और शेष दो पदों में ३३ अक्षर हैं। इस तरह कुल ६८ अक्षरों का यह महामंत्र समस्त कार्यों को सिद्ध करने वाला व कल्याणकारी अनादि सिद्ध मंत्र है। इसकी आराधना करने वाला स्वर्ग और मुक्ति को प्राप्त कर लेता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
णमोकार-स्मरण से अनेक लोगों के रोग, दरिद्रता, भय, विपत्तियाँ दूर होने की अनुभव सिद्ध घटनाएँ सुनी जाती हैं। मन चाहे काम आसानी से बन जाने के अनुभव भी सुने हैं।&lt;br /&gt;
==अन्य नाम==&lt;br /&gt;
* मूलमंत्र: यह मंत्र सभी मंत्रों में मूल अर्थात जड़ है।&lt;br /&gt;
*महामंत्र: यह सभी मंत्रों में महान है।&lt;br /&gt;
*पंचनमस्कार मंत्र: इस में पांचों परमेष्ठियों को नमस्कार किया गया है।&lt;br /&gt;
*अनाधिनिधन मंत्र:यह अनादिकाल से है तथा अनंत काल तक रहेगा क्योंकि पंचपरमेष्ठी अनादिकाल से होते आते हैं तथा अनंत काल तक होते रहेंगे।&lt;br /&gt;
*मृत्युंजयी मंत्र: इस पर सच्चा श्रद्धान करने से व्यक्ति मृत्यु पर विजय प्राप्त कर सकता है। &lt;br /&gt;
*इसे पंचपरमेष्ठी मंत्र, सर्वसिद्धिदायक मंत्र आदि नामों से भी जाना जाता है।&lt;br /&gt;
==इन्हें भी देखें==	&lt;br /&gt;
* [[प्रवेशद्वार:जैन धर्म]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* [[जैन आचार्य]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* [[जैन मुनि]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== बाहरी कड़ियाँ ==&lt;br /&gt;
* [https://www.jainismknowledge.com/2019/12/namokarmantra.html &#039;&#039;&#039;मूलमंत्र&#039;&#039;&#039;]&lt;br /&gt;
* [https://www.jainismknowledge.com/2020/05/namokar-mantra-kya-hai.html जैन धर्म में नवकार मंत्र क्या होता है ?]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* [https://web.archive.org/web/20130409034502/http://www.worldrecordsindia.com/2012/08/worlds-first-english-book-on-navkar-mantra/ First Navkarmanta in English version]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{जैन ग्रंथ}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:जैन धर्म]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:जैन दर्शन]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>106.207.154.68</name></author>
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