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	<title>भारतपीडिया - सदस्य द्वारा योगदान [hi]</title>
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		<title>ईद अल-अज़हा</title>
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		<updated>2021-07-22T18:53:57Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;2402:3A80:11FE:A819:2648:3043:FAB1:B0F2: /* त्याग का उत्थान */कुर्बानी सुन्नते हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम है&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{Multiple issues|&lt;br /&gt;
{{दृष्टिकोण|date=जुलाई 2020}}&lt;br /&gt;
{{स्रोत कम|date=जुलाई 2020}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{Infobox holiday&lt;br /&gt;
|holiday_name = बकरीद&lt;br /&gt;
|image     = Eid Blessings WDL6855.png&lt;br /&gt;
|caption    = ईद-उल-अज़हा&lt;br /&gt;
|observedby = [[मुसलमान|मुस्लिम]]&lt;br /&gt;
|type = [[इस्लाम]] &lt;br /&gt;
|longtype = इस्लाम &lt;br /&gt;
|significance =&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|begins = 10 [[ज़ु अल-हज्जा]]&lt;br /&gt;
|ends = 13 [[ज़ु अल-हज्जा]]&lt;br /&gt;
|date2014 = 5 अक्टूबर&lt;br /&gt;
|date2015 = 24 सितम्बर&lt;br /&gt;
|date2016 = 11 सितम्बर&lt;br /&gt;
|celebrations =&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{इस्लामी संस्कृति}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&#039;&#039;&#039;ईद अल-अज़हा&#039;&#039;&#039; या &#039;&#039;&#039;बकरीद&#039;&#039;&#039; (अरबी में &#039;&#039;&#039;عید الاضحیٰ&#039;&#039;&#039;; ईद-उल-अज़हा अथवा ईद-उल-अद्&#039;हा - जिसका मतलब क़ुरबानी की ईद) [[इस्लाम]] धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्यौहार है। रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति के लगभग ७० दिनों बाद इसे मनाया जाता है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार हज़रत इब्राहिम अपने पुत्र हज़रत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा कि राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उसके पुत्र को जीवनदान दे दिया जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{Cite web|url=https://www.india.com/hindi-news/faith-hindi/eid-ul-adha-2020-know-why-eid-ul-azha-is-celebrated-what-is-the-meaning-of-kurbani-4096155/|title=Eid-ul-Adha 2020: जानें आखिर क्यों मनाया जाता है बकरीद का त्योहार, क्या है कुर्बानी का मतलब|last=Desk|first=India com Hindi News|website=India News, Breaking News, Entertainment News {{!}} India.com|language=hi|access-date=2020-08-01}}&amp;lt;/ref&amp;gt; अरबी भाषा में &#039;बक़र&#039; का अर्थ है गाय&amp;lt;ref&amp;gt; بقرة - Wiktionary पर अरबी शब्द बक़रा का अर्थ&lt;br /&gt;
https://en.m.wiktionary.org/wiki/%D8%A8%D9%82%D8%B1%D8%A9 &amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;lt;ref&amp;gt;अरबिक विकि بقرة - ويكيبيديا पर अरबी शब्द बक़रा का अर्थ&lt;br /&gt;
https://ar.wikipedia.org/wiki/%D8%A8%D9%82%D8%B1%D8%A9 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200711094817/https://ar.wikipedia.org/wiki/%D8%A8%D9%82%D8%B1%D8%A9 |date=11 जुलाई 2020 }}&amp;lt;/ref&amp;gt; लेकिन इधर हिंदी उर्दू भाषा के बकरी-बकरा से इसका नाम जुड़ा है, अर्थात इधर के देशों में बकरे की क़ुर्बानी के कारण असल नाम से बिगड़कर आज भारत, पाकिस्तान व बांग्ला देश में यह &#039;बकरा ईद&#039; से ज्यादा विख्यात हैं।&amp;lt;ref name=&amp;quot;:0&amp;quot;&amp;gt;{{Cite web|url=https://news.jagatgururampalji.org/bakrid-eid-ul-adha-hindi/|title=Bakrid (Eid Ul Adha): बकरीद पर बाखबर से प्राप्त करें अल्लाह की सच्ची इबादत|date=19 July 2021|website=SA News Channel|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20200731033404/https://news.jagatgururampalji.org/bakrid-2020-hindi/|archive-date=19 July 2021|access-date=2021-07-19|url-status=live}}&amp;lt;/ref&amp;gt; ईद-ए-कुर्बां का मतलब है बलिदान की भावना। अरबी में &#039;क़र्ब&#039; नजदीकी या बहुत पास रहने को कहते हैं मतलब इस मौके पर अल्लाह् इंसान के बहुत करीब हो जाता है। कुर्बानी उस पशु के जि़बह करने को कहते हैं जिसे 10, 11, 12 या 13 जि़लहिज्ज (हज का महीना) को खुदा को खुश करने के लिए ज़िबिह किया जाता है। कुरान में लिखा है: हमने तुम्हें हौज़-ए-क़ौसा दिया तो तुम अपने अल्लाह के लिए नमाज़ पढ़ो और कुर्बानी करो।&amp;lt;ref&amp;gt;{{Cite web |url=http://navbharattimes.indiatimes.com/other/sunday-nbt/special-story/-/articleshow/10627860.cms |title=संग्रहीत प्रति |access-date=28 सितंबर 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150928124452/http://navbharattimes.indiatimes.com/other/sunday-nbt/special-story/-/articleshow/10627860.cms |archive-date=28 सितंबर 2015 |url-status=live }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&#039;&#039;&#039;इस ईद को विभिन्न नामों से जाना जाता है जैसे&#039;&#039;&#039;&lt;br /&gt;
* ईदुल अज़हा &lt;br /&gt;
* ईद अल-अज़हा&lt;br /&gt;
* ईद उल-अज़हा&lt;br /&gt;
* ईद अल-अधा&lt;br /&gt;
* ईदुज़ जुहा &lt;br /&gt;
=== त्याग का उत्थान===&lt;br /&gt;
बकरीद का त्यौहार [[हिजरी]] के आखिरी महीने [[ज़ु अल-हज्जा]] में मनाया जाता है। पूरी दुनिया के मुसलमान इस महीने में [[मक्का]] [[सउदी अरब|सऊदी अरब]] में एकत्रित होकर हज मनाते है। ईद उल अजहा भी इसी दिन मनाई जाती है। वास्तव में यह हज की एक अंशीय अदायगी और मुसलमानों के भाव का दिन है। दुनिया भर के मुसलमानों का एक समूह मक्का में हज करता है बाकी मुसलमानों के अंतरराष्ट्रीय भाव का दिन बन जाता है। ईद उल अजहा का अक्षरश: अर्थ त्याग वाली ईद है इस दिन जानवर की कुर्बानी देना एक प्रकार की प्रतीकात्मक कुर्बानी है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{Cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/astro/photo/bakrid-2020-why-and-how-eid-al-adha-is-celebrated-82852/|title=Page 2 : Eid Al-Adha Bakrid 2020: क्‍यों मनाई जाती है बकरीद और क्‍या होता है बकरे के गोश्‍त का|last=नवभारतटाइम्स.कॉम|date=2020-07-30|website=नवभारत टाइम्स|language=hi-IN|access-date=2020-08-01}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[गरीबदास|संत गरीबदास जी]] ने अपनी वाणी में कहा है:&amp;lt;blockquote&amp;gt;नबी मुहम्मद नमस्कार है, राम रसूल कहाया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एक लाख अस्सी कूं सौगंध, जिन नही करद चलाया।।&amp;lt;/blockquote&amp;gt;&amp;lt;blockquote&amp;gt;अर्श कुर्स पर अल्लह तख्त हैं, खालिक बिन नही खाली।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
वे पैगम्बर पाक पुरुष थे, साहिब के अब्दाली।।&amp;lt;/blockquote&amp;gt;&amp;lt;blockquote&amp;gt;मारी गऊ शब्द के तीरम, ऐसे थे मोहम्मद पीरम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
शब्दे फिर जिवाई, हंसा राख्या माँस नही भाख्या, ऐसे पीर मुहम्मद भाई।।&amp;lt;/blockquote&amp;gt;पवित्र तौरात पुस्तक के अंदर ‘पैदाइश’ में पृष्ठ नंबर 2 और 3 में लिखा है कि अल्लाह ने मनुष्यों को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया। जो बीज वाले फल हैं, उन्हें मनुष्यों को खाने का आदेश दिया तथा जीव जंतुओं को घास फूस खाने का आदेश दिया, मांस खाने का आदेश कहीं पर भी नहीं है यदि कुरान में मास कहने का आदेश कहीं है तो वह अल्लाह का नहीं बल्कि जिब्रईल देवता का है। इस प्रकार परमेश्वर ने छः दिन में सृष्टि रची औऱ सातवें दिन तख्त पर जा विराजा।&amp;lt;ref name=&amp;quot;:0&amp;quot; /&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हज और उसके साथ जुड़ी हुई पद्धति हजरत इब्राहीम और उनके परिवार द्वारा किए गए कार्यों को प्रतीकात्मक तौर पर दोहराने का नाम है। हजरत [[अब्राहम|इब्राहीम]] के परिवार में उनकी पत्नी हाजरा और पुत्र इस्माइल थे। मान्यता है कि हजरत इब्राहीम ने एक स्वप्न देखा था जिसमें वह अपने पुत्र इस्माइल की कुर्बानी दे रहे थे हजरत इब्राहीम अपने दस वर्षीय पुत्र इस्माइल को ईश्वर की राह पर कुर्बान करने निकल पड़े। पुस्तकों में आता है कि ईश्वर ने अपने फरिश्तों को भेजकर इस्माइल की जगह एक जानवर की कुर्बानी करने को कहा। दरअसल इब्राहीम से जो असल कुर्बानी मांगी गई थी वह थी उनकी खुद की थी अर्थात ये कि खुद को भूल जाओ, मतलब अपने सुख-आराम को भूलकर खुद को मानवता/इंसानियत की सेवा में पूरी तरह से लगा दो। तब उन्होनें अपने पुत्र इस्माइल और उनकी मां हाजरा को मक्का में बसाने का निर्णल लिया। लेकिन [[मक्का]] उस समय रेगिस्तान के सिवा कुछ न था। उन्हें मक्का में बसाकर वे खुद मानव सेवा के लिए निकल गये।&amp;lt;ref&amp;gt;{{Cite web|url=https://www.bhaskar.com/jharkhand/giridih/news/today-will-be-sacrificed-in-memory-of-hazrat-ismail-alaihis-salam-094005-5229673.html|title=हजरत इस्माइल अलैहिस सलाम की याद में आज होगी कुर्बानी|date=2019-08-12|website=Dainik Bhaskar|language=hi|access-date=2020-09-27}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस तरह एक रेगिस्तान में बसना उनकी और उनके पूरे परिवार की कुर्बानी थी जब इस्माइल बड़े हुए तो उधर से एक काफिला (कारवां) गुजरा और इस्माइल का विवाह उस काफिले (कारवां) में से एक युवती से करा दिया गया फिर प्रारम्भ हुआ एक वंश जिसे इतिहास में इश्माइलिट्स, या वनु इस्माइल के नाम से जाना गया। हजरत मुहम्मद साहब का इसी वंश में जन्म हुआ था।&lt;br /&gt;
ईद उल अजहा के दो संदेश है पहला परिवार के बड़े सदस्य को स्वार्थ के परे देखना चाहिए और खुद को मानव उत्थान के लिए लगाना चाहिए ईद उल अजहा यह याद दिलाता है कि कैसे एक छोटे से परिवार में एक नया अध्याय लिखा गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==अन्य भाषाओं में देशों में नाम ==&lt;br /&gt;
अरबी के अलावा अन्य भाषाओं में, नाम को अक्सर स्थानीय भाषा में अनुवादित किया जाता है, जैसे कि &lt;br /&gt;
* इंग्लिश - दावत ऑफ़ द सैक्रिफ़ाइस, &lt;br /&gt;
* जर्मन - ओफ़रफेस्ट, &lt;br /&gt;
* डच - ऑफ़रफेस्ट&lt;br /&gt;
* रोमानियाई साबरबोआटेरा सैक्रिफिइलुई, &lt;br /&gt;
* हंगेरियन- ओल्डोज़ेटी यूनेप। &lt;br /&gt;
* स्पेनिश में इसे फिएस्टा डेल कोर्डेरो या फिएस्टा डेल बोर्रेगो (दोनों का अर्थ &amp;quot;मेमने का त्योहार) के रूप में जाना जाता है। &lt;br /&gt;
* इसे ईरान में عید قربان के रूप में भी जाना जाता है, &lt;br /&gt;
* तुर्की में कुर्बान बेरामाइ &lt;br /&gt;
* बांग्लादेश में बक़र ईद, &lt;br /&gt;
* मग्रेब में बड़ी ईद, ईद उल अधा &lt;br /&gt;
* सिंगापुर, मलेशिया, इंडोनेशिया में हरि राया आइदुलाधा, हारी राया के रूप में और &lt;br /&gt;
* फ़िलीपींस में क़ुर्बान, &lt;br /&gt;
* पाकिस्तान और भारत में بقر عید &amp;quot;बक़र ईद&amp;quot; के रूप में, &lt;br /&gt;
* त्रिनिदाद में बकरा ईद, &lt;br /&gt;
* सेनेगल, गिनी, और गाम्बिया में तबस्की या टोबास्की के रूप में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==ईद की नमाज==&lt;br /&gt;
{{Main|ईद की नमाज़}}&lt;br /&gt;
[[File:The Badshahi in all its glory during the Eid Prayers.JPG|thumb|right|बादशाही मस्जिद में ईद की नमाज़]]&lt;br /&gt;
मस्जिद में भक्त ईद अल-अधा प्रार्थना करते हैं। ईद अल-अधा की प्रार्थना किसी भी समय की जाती है जब सूरज पूरी तरह से जुहर के प्रवेश से ठीक पहले उठता है, 10 वीं तारीख को धु अल-हिजाह पर। एक बल की घटना (उदाहरण के लिए प्राकृतिक आपदा) की स्थिति में, प्रार्थना को धु-अल-हिजाह की 11 वीं और फिर धु-अल-हिज्जाह की 12 वीं तक देरी हो सकती है। &amp;lt;ref name=&amp;quot;H. X. Lee&amp;quot;&amp;gt;{{cite book |last1=H. X. Lee |first1=Jonathan |title=Asian American Religious Cultures [2 volumes] |date=2015 |publisher=ABC-CLIO |isbn=978-1598843309 |page=357 |url=https://books.google.com/?id=taNZCgAAQBAJ&amp;amp;pg=PA357&amp;amp;lpg=PA357&amp;amp;dq=time+of+Eid+al-Adha+prayer+sun+completely+rises+up#v=onepage&amp;amp;q=time%20of%20Eid%20al-Adha%20prayer%20sun%20completely%20rises%20up&amp;amp;f=false}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सामूहिक तौर पर ईद की नमाज़ अदा की जानी चाहिए। प्रार्थना मण्डली में महिलाओं की भागीदारी समुदाय से समुदाय में भिन्न होती है। इसमें दो राकात (इकाइयाँ) शामिल हैं, जिसमें पहली राकात में सात तक्बीर और दूसरी राकात में पाँच तकबीरें हैं। शिया मुसलमानों के लिए, सलात अल-ईद पाँच दैनिक विहित प्रार्थनाओं से अलग है जिसमें कोई ईशान (नमाज़ अदा करना) या इक़ामा (कॉल) दो ईद की नमाज़ के लिए स्पष्ट नहीं है। सलाम (प्रार्थना) के बाद इमाम द्वारा खुतबा, या उपदेश दिया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रार्थनाओं और उपदेशों के समापन पर, मुसलमान एक दूसरे के साथ गले मिलते हैं और एक दूसरे को बधाई देते हैं ([[ईद मुबारक]]), उपहार देते हैं और एक दूसरे से मिलते हैं। बहुत से मुसलमान अपने ईद त्योहारों पर अपने गैर-मुस्लिम दोस्तों, पड़ोसियों, सहकर्मियों और सहपाठियों को इस्लाम और मुस्लिम संस्कृति के बारे में बेहतर तरीके से परिचित कराने के लिए इस अवसर पर आमंत्रित करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[File:Cattle Shower.jpg|thumb|ईद-उल-अधा के लिए पशु बाजार में ले जाने से पहले मालिक अपनी गाय की सफाई कर रहा है। बोशिला, ढाका, बांग्लादेश।]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==परंपराऐं और प्रथाऐं==&lt;br /&gt;
इन्हें भी देखें: ईद के व्यंजन और ईदी (उपहार)&lt;br /&gt;
[[File:PikiWiki Israel 28887 Eid al-Adha Homemade Cookies.jpg|thumb|Cookies of Eid ([[ma&#039;amoul]])]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ईद अल-अधा के दौरान, लोगों के बीच मांस वितरित करना, पहले दिन ईद की नमाज से पहले तकबीर का जाप करना और ईद के तीन दिनों के दौरान प्रार्थना के बाद, इस महत्वपूर्ण इस्लामिक त्योहार के आवश्यक हिस्से माने जाते हैं। &amp;lt;ref name=&amp;quot;McKernan&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |last1=McKernan |first1=Bethan |title=Eid al-Adha 2017: When is it? Everything you need to know about the Muslim holiday |url=https://www.independent.co.uk/news/world/eid-al-adha-2017-when-is-it-muslim-holiday-sacrifice-feast-islam-august-5-days-september-a7918006.html |website=.independent |access-date=9 अगस्त 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190809124658/https://www.independent.co.uk/news/world/eid-al-adha-2017-when-is-it-muslim-holiday-sacrifice-feast-islam-august-5-days-september-a7918006.html |archive-date=9 अगस्त 2019 |url-status=live }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
तकबीर में शामिल हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
الله أكبر الله ركبر &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
لا إله إلا الله &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
الله أكبر الله ركبر &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ولله الحمد&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ला इलाहा इल्लल्लाहु, अल्लाहु अकबर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अल्लाहू अकबर, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
व लिल्लाहिल हम्द  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;ref name=&amp;quot;H. X. Lee&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पुरुषों, महिलाओं और बच्चों से अपेक्षा की जाती है कि वे ईदगाह या मस्जिद नामक एक खुली वक्फ (&amp;quot;रोक&amp;quot;) मैदान में एक बड़ी सभा में ईद की नमाज़ अदा करने के लिए अपने बेहतरीन कपड़ों में तैयार हों। संपन्न मुसलमान जो इसे खरीद सकते हैं वे अपने सबसे अच्छे हलाल घरेलू पशुओं (आमतौर पर एक गाय, लेकिन इस क्षेत्र के आधार पर ऊंट, बकरी, भेड़ या राम भी हो सकते हैं) को इब्राहीम की इच्छा के प्रतीक के रूप में अपने इकलौते बेटे की बलि चढ़ा सकते हैं। बलिदान किए गए जानवर, जिन्हें अधिया (अरबी : أضحية‎ ) कहा जाता है, जिसे फारस-अरबी शब्द कुर्बानी से भी जाना जाता है, उन्हें कुछ निश्चित आयु और गुणवत्ता मानकों को पूरा करना पड़ता है या फिर पशु को अस्वीकार्य बलिदान माना जाता है। अकेले पाकिस्तान में २.० बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की लागत वाले लगभग दस मिलियन जानवरों की ईद के दिन कुर्बानी कर दी जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कुर्बानी वाले जानवर के मांस को तीन भागों में विभाजित किया जाना पसंद किया जाता है। परिवार में एक तिहाई हिस्सा बरकरार रहता है;  और एक  तिहाई रिश्तेदारों, दोस्तों, और पड़ोसियों को दिया जाता है; और शेष तीसरा हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को दिया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुसलमान अपने नए या सबसे अच्छे कपड़े पहनते हैं। महिलाएं विशेष पकवानों को पकाती हैं, जिसमें मैमौल (शॉर्टब्रेड कुकीज) भी शामिल हैं। वे परिवार और दोस्तों के साथ इकट्ठा होते हैं। &amp;lt;ref name=&amp;quot;H. X. Lee&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==ग्रेगोरियन कैलेंडर में ईद अल-अधा==&lt;br /&gt;
{{Main|इस्लामी कैलेंडर}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जबकि ईद अल-अधा हमेशा इस्लामिक कैलेंडर के एक ही दिन होता है, लेकिन ग्रेगोरियन कैलेंडर की तारीख साल-दर-साल बदलती रहती है क्योंकि इस्लामी कैलेंडर एक चंद्र कैलेंडर है और ग्रेगोरियन कैलेंडर एक सौर कैलेंडर है। सौर कैलेंडर की तुलना में चंद्र कैलेंडर लगभग ग्यारह दिन छोटा होता है। प्रत्येक वर्ष, ईद अल-अधा (अन्य इस्लामी छुट्टियों की तरह) दुनिया के विभिन्न हिस्सों में लगभग दो से चार अलग-अलग ग्रेगोरियन तिथियों में से एक पर पड़ता है, क्योंकि अर्ध-दृश्यता की सीमा इंटरनेशनल डेट लाइन से अलग है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
निम्नलिखित सूची सऊदी अरब के लिए ईद अल-अधा की आधिकारिक तारीखों को दर्शाती है जैसा कि सर्वोच्च न्यायिक परिषद द्वारा घोषित किया गया है। सऊदी अरब के उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार भविष्य की तारीखों का अनुमान है। उम्म अल-क़ुरा सिर्फ नियोजन उद्देश्यों के लिए एक मार्गदर्शक है न कि तारीखों का पूर्ण निर्धारक या निर्धारणकर्ता। चांद दिखने की वास्तविक तारीखों की पुष्टि हज़रत की रस्म और उसके बाद के ईद त्योहार दोनों के लिए विशेष तिथियों की घोषणा करने के लिए धू अल-हिजाह [39] से पहले चंद्र महीने के 29 वें दिन लागू होती है। सूचीबद्ध तिथि के तीन दिन बाद भी त्योहार का हिस्सा हैं। सूचीबद्ध तिथि से पहले का समय तीर्थयात्री माउंट अराफात का दौरा करते हैं और सूचीबद्ध दिन के सूर्योदय के बाद इससे उतरते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कई देशों में, किसी भी चंद्र हिजरी महीने की शुरुआत स्थानीय धार्मिक अधिकारियों द्वारा अमावस्या के अवलोकन के आधार पर भिन्न होती है, इसलिए उत्सव का सही दिन स्थानीयता द्वारा भिन्न होता है।&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! इस्लामी साल !! ग्रेगोरियन तिथि&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1438||	1 सितंबर 2017&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1439||	21 अगस्त 2018&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1440||	11 अगस्त 2019&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1441||	31 जुलाई 2020 (गणना)&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1442||	20 जुलाई 2021 (गणना)&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== इन्हें भी देखें ==&lt;br /&gt;
* [[इस्लामी त्यौहार|मुस्लिम त्यौहार]]&lt;br /&gt;
* [[हज]]&lt;br /&gt;
* [[ईद की नमाज़]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==सन्दर्भ==&lt;br /&gt;
{{सन्दर्भ}}&lt;br /&gt;
{{ईद}}&lt;br /&gt;
{{मुस्लिम त्यौहार}}&lt;br /&gt;
{{इस्लाम धर्म के त्यौहार}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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[[श्रेणी:धर्म]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:मुस्लिम त्यौहार]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:धार्मिक त्यौहार]]&lt;/div&gt;</summary>
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