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	<title>भारतपीडिया - सदस्य द्वारा योगदान [hi]</title>
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	<updated>2026-08-26T18:14:55Z</updated>
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		<title>खुला</title>
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		<updated>2021-06-27T13:48:33Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;2402:8100:2158:E0AF:0:0:2F8:9575: /* विवरण */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{फ़िक़्ह्|फ़िक़्ह्=}}&lt;br /&gt;
&#039;&#039;&#039;खुला&#039;&#039;&#039; ([[अंग्रेज़ी]]:[[:en:Khul&#039;|Khul&#039;]]) इस्लाम धर्म में [[इस्लाम में तलाक़|तलाक]] की एक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से महिला तलाक ले सकती है। पारंपरिक &lt;br /&gt;
[[फ़िक़्ह]] के आधार पर और कुरआन और हदीस में संदर्भित ख़ुला महिला को तलाक लेने की अनुमति देता है। तलाक और खुला में कुुुछ अंतर होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
===विवरण===&lt;br /&gt;
{{मुख्य|इस्लाम में तलाक़|इस्लाम में तलाक़=}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
खुला को खुल,ख़ुला,&#039;&#039;&#039;ख़ुलअ़&#039;&#039;&#039;,खुल्अ भी लिखते हैं। तलाक़ की तरह खुला का विवरण भी क़ुरआन और हदीस में मिलता है। तलाक़ पति देता है और उसको [[मेहर]] देना होती है। खुला में पत्नी तलाक़ लेती है और उसे ही कुछ नियम से देना होता है। &lt;br /&gt;
क्या पत्नी एक बार मे ही खुला कर सकती है उसके लिए कितने गवाह चाहिए और क्या शर्त है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==क़ुरआन में उल्लेख==&lt;br /&gt;
{{क़ुरआन}}&lt;br /&gt;
[[सूरा]] अल् बक़रा की आयत :&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;blockquote&amp;gt; तलाक़ दो बार है; फिर नियमानुसार स्त्री को रोक लिया जाये या भली-भाँति विदा कर दिया जाये और तुम्हारे लिए ये ह़लाल (वैध) नहीं है कि उन्हें जो कुछ तुमने दिया है, उसमें से कुछ वापिस लो। फिर यदि तुम्हें ये भय[1] हो कि पति पत्नि अल्लाह की निर्धारित सीमाओं को स्थापित न रख सकेंगे, तो उन दोनों पर कोई दोष नहीं कि पत्नि अपने पति को कुछ देकर मुक्ति[2] करा ले। ये अल्लाह की सीमायें हैं, इनका उल्लंघन न करो और जो अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करेंगे, वही अत्याचारी हैं। &lt;br /&gt;
1. अर्थात पति के पति के संरक्षकों को। 2. पत्नि के अपनी पति को कुछ दे कर विवाह बंधन से मुक्त करा लेने को इस्लाम की परिभाषा में &amp;quot;&#039;&#039;&#039;खुल्अ&#039;&#039;&#039;&amp;quot; कहा जाता है। इस्लाम ने जैसे पुरुषों को तलाक़ का अधिकार दिया है, उसी प्रकार स्त्रियों को भी &amp;quot;खुल्अ&amp;quot; ले लेने का अधिकार दिया है। अर्थात वह अपने पति से तलाक़ माँग सकती हैं। (क़ुरआन, 2:229) &lt;br /&gt;
&amp;lt;ref&amp;gt;Translation of the meanings Surah Al-Baqarah - Hindi translation - The Noble Qur&#039;an Encyclopedia https://quranenc.com/en/browse/hindi_omari/2/229&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;lt;/blockquote&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==हदीस में उल्लेख==&lt;br /&gt;
{{इस्लाम}}&lt;br /&gt;
[[सहीह अल-बुख़ारी]] में (रूपांतर:)&lt;br /&gt;
&amp;lt;blockquote&amp;gt;साबित बिन क़ैस &lt;br /&gt;
की पत्नी, अल्लाह उसे आशीर्वाद दे और उसे शांति प्रदान करे।  वह नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सेवा में आयी और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल! उनकी नैतिकता और धर्म के कारण मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है। परन्तु मुझे मुसलमान होते हुए भी पाप का भय है। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उनसे कहा, &#039;क्या तुम उनका बाग (जो उन्होंने दहेज में दिया था) वापस कर सकती हो?&#039; &amp;quot;हाँ,&amp;quot; उन्होंने कहा। फिर पैगंबर ने साबित से कहा, &#039;&#039;&#039;हे साबित&#039;&#039;&#039;!  अपने बगीचे को स्वीकार करें, और उसे एक बार तलाक दें।&amp;lt;ref&amp;gt;Sahih Bukhari Hadith No. 5273 - Read English &amp;amp; Urdu Translation&lt;br /&gt;
https://hamariweb.com/islam/hadith/sahih-bukhari-5273/&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;lt;/blockquote&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==खुला और तलाक़ में अंतर==&lt;br /&gt;
{{मुख्य|महर|महर=}}&lt;br /&gt;
{{मुख्य|इद्दत|इद्दत=}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुहद्दिस डॉक्टर जिया उर रहमान आज़मी के अनुसार अंतर:&amp;lt;ref&amp;gt;&amp;quot;ख़ुलअ़&amp;quot;- प्रो. डॉक्टर जियाउर्रहमान आज़मी, कुरआन मजीद की इन्साइक्लोपीडिया, हिंदी संस्करण(2010),  पृष्ठ 269&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1. तलाक़ में रूजू है अर्थात पूरी प्रक्रिया तक विवाह बनाये रखने का प्रयत्न किया जाता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2.  खुला कभी भी, तलाक़ पाकी की हालत में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3. तीन तलाक़ के बाद ज़रूरी है वापस निकाह से पहले किसी और से निकाह और [[इद्दत]] हुई हो। खुला होने के बाद वापस कभी भी निकाह (नए मेहर के साथ) किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
4. इद्दत नये विवाह से पहले दोनों के लिए अनिवार्य है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==इन्हें भी देखें==&lt;br /&gt;
[[इद्दत]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[महर]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==सन्दर्भ==&lt;br /&gt;
{{Reflist}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:इस्लाम]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:अरबी शब्द]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:इस्लामी शब्द]]&lt;/div&gt;</summary>
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