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	<title>भारतपीडिया - सदस्य द्वारा योगदान [hi]</title>
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	<updated>2026-08-26T22:33:52Z</updated>
	<subtitle>सदस्य द्वारा योगदान</subtitle>
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		<title>मंडल आयोग</title>
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		<updated>2021-07-26T12:36:46Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;2409:4053:2D13:976D:AF96:A842:F4C2:4647: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&#039;&#039;&#039;मंडल आयोग&#039;&#039;&#039; सन् 1979 में तत्कालीन [[जनता पार्टी]] की सरकार द्वारा स्थापित किया गया था। इस आयोग का कार्य क्षेत्र सामाजिक एवं आर्थिक रूप से [[अन्य पिछड़ा वर्ग|पिछड़ों]] की पहचान कराना था। श्री [[बिन्देश्वरी प्रसाद मंडल]] इसके अध्यक्ष थे।मंडल कमीशन रिपोर्ट ने विभिन्न धर्मो (मुसलमान भी) और पंथो के 3743 जातियाँ (देश के 44% जनसँख्या) को सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक मापदंडो के आधार पर सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ा (संविधान में आर्थिक पिछड़ा नहीं लिखा है और कमीशन आर्थिक बराबरी के लिए भी नहीं था) घोषित करते हुए 27% (क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 50% अधिकतम का फैसला दिया था और पहले से SC/ST के लिए 22.5 % था), की रिपोर्ट दी।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/india-45653390|title=प्रमोशन में आरक्षण: क्या बदला और क्या नहीं}}&amp;lt;/ref&amp;gt; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस मुद्दे के विरोधियों का तर्क है:&lt;br /&gt;
# जाति के आधार पर कोटा आवंटन नस्लीय भेदभाव का एक रूप है और समानता का अधिकार के विपरीत है। हालांकि जाति और दौड़ के बीच सटीक रिश्ता दूर से अच्छी तरह से स्थापित है&lt;br /&gt;
# Legislating सभी सरकारी शिक्षा संस्थानों में, ईसाई और मुस्लिम धार्मिक अल्पसंख्यकों शुरू होगा के लिए आरक्षण प्रदान करने का एक परिणाम के रूप में [11] जो धर्मनिरपेक्षता के विचारों के विपरीत है और विरोधी धर्म के आधार पर भेदभाव का एक रूप है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हालांकि रिपोर्ट 1 9 80 में पूरी हो चुकी थी, [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] सरकार ने 13अगस्त 1990 को बिन्देश्वरी प्रसाद मंडल के रेपोर्ट  को लागू करने के अपने इरादे की घोषणा की, जिससे व्यापक छात्र विरोध हुए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा अस्थायी प्रवास आदेश प्रदान किया गया, 16 नवम्बर 1 99 2 को सर्वोच्च न्यायालय ने सरकारी नौकरी में 27% आरक्षण 1लाख रुपए की वार्षिक आय की आर्थिक सीमा के भीतर  लागू किया जो 2015में बढकर 8लाख रुपए प्रति वर्ष की आय सीमा हो गया है ।&lt;br /&gt;
इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने 2006 में उच्च शिक्षा में भी पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए सीट आरक्षित की है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुख्य सिफ़ारिशें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1. अनुसूचित जाति और जनजातियों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में 22.5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है. इसके मद्देनजर अन्य पिछड़ा वर्गों को भी सभी सरकारी नौकरियों, तकनीकी और व्यावसायिक संस्थानों में 27 फीसदी आरक्षण दिया जाए.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2. समाज की मुख्य धारा से पीछे छूट गई आबादी के सांस्कृतिक उन्नयन के लिए पिछड़े वर्गों की सघन आबादी वाले इलाकों में शिक्षा की विशेष व्यवस्था होनी चाहिए. इसमें व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए. तकनीकी और व्यावसायिक संस्थानों में आरक्षण कोटे से आए छात्रों के लिए कोचिंग की विशेष व्यवस्था की जाए.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3.ग्रामीण कामगारों के कौशल को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना चला कर उन्हें रियायती दरों पर ऋण मुहैया करना ज़रूरी है. औद्योगिक और व्यावसायिक कारोबार में पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा वित्तीय और तनकीनी संस्थानों का नेटवर्क विकसित किया जाए.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
4. आयोग ने कहा कि समाज का पिछड़ा तबका गुजर बसर करने के लिए धनी किसानों के ऊपर निर्भर है क्योंकि इस वर्ग के पास खेती के लिए बड़े भूखंड नहीं है. इसलिए देश भर में क्राँतिकारी भूमि सुधार लागू करने की ज़रूरत है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
5. पिछड़े वर्गों के लिए कल्याणकारी कार्यक्रम चलाने के वास्ते राज्यों को केंद्रीय सहायता की ज़रूरत है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मंडल आयोग ने पिछड़ी जातियों, वर्गों के निर्धारण के लिए सामाजिक,शैक्षिक और आर्थिक मानकों के आधार पर 11 सूचकांक तय किए थे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सामाजिक स्थिति &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1. वैसी जाति या वर्ग जिन्हें अन्य जाति या वर्गों द्वारा सामाजिक रूप से पिछड़ा समझा जाता है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2.वैसी जाति या वर्ग जो आजीविका के लिए मुख्य रूप से शारीरिक श्रम पर निर्भर है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3. वैसी जातियाँ या तबका जिनमें 17 साल से कम आयु की महिलाओं का विवाह दर ग्रामीण इलाकों में राज्य औसत से 25 प्रतिशत और शहरी इलाकों में दस प्रतिशत अधिक है और इसी आयु वर्ग में पुरुषों का विवाह दर ग्रामीण इलाकों में दस प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में पाँच प्रतिशत ज्यादा है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
शैक्षिक आधार&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1. वैसी जातियाँ या वर्ग जिनमें पाँच से 15 साल की आयु वर्ग में स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों की संख्या राज्य औसत से कम से कम 25 प्रतिशत अधिक हो.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2.इसी आयु वर्ग में जिन जातियों या वर्गों के बच्चों के स्कूल छोड़ने का प्रतिशत राज्य औसत से कम से कम 25 प्रतिशत है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3.वैसी जातियाँ, वर्गों जिनमें मैट्रिक परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राओं का प्रतिशत राज्य औसत से 25 प्रतिशत कम है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर्थिक आधार&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1.वैसी जातियाँ, वर्गों जिनमें औसत पारिवारिक संपत्ति मूल्य राज्य औसत से 25 प्रतिशत कम है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2. ऐसी जातियाँ, वर्ग जिनमें कच्चे घरों में रहने वालों की संख्या राज्य औसत से कम से कम 25 प्रतिशत कम है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3. ऐसे इलाकों में रह रही जातियाँ, वर्ग जिनमें 50 फीसदी परिवारों को पेयजल के लिए आधा किलोमीटर से दूर जाना पड़ता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== इन्हें भी देखें ==&lt;br /&gt;
* [[कोठारी आयोग]]&lt;br /&gt;
भारतीय शिक्षा आयोग (१९६४-१९६६) मुख्य तौर पे हम इसे कोठारी आयोग भी कहते हैं। और ये भारतीय सरकार द्वारा स्थापित एक अनौपचारिक आयोग था जिसका मुखय भूमिका भारत मैं शिक्षा क्षेत्र की निगरानी करना था &lt;br /&gt;
* नियोगी आयोग की रपट&lt;br /&gt;
* [[सचर समिति]]&lt;br /&gt;
* [[लिबराहन आयोग]]&lt;br /&gt;
==सन्दर्भ==&lt;br /&gt;
{{टिप्पणीसूची|2}}&lt;br /&gt;
== बाहरी कड़ियाँ ==&lt;br /&gt;
* [https://web.archive.org/web/20160305123200/http://hashiya.blogspot.com/2007/03/blog-post_1005.html मण्डल आयोग : कब क्या हुआ?]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:विधि]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:भारत में आरक्षण]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>2409:4053:2D13:976D:AF96:A842:F4C2:4647</name></author>
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