घर
बेतरतीब
लॉग-इन करें
सेटिंग्स
भारतपीडिया के बारे में
अस्वीकरण
भारतपीडिया
खोजें
"
सम्पत्ति-शास्त्र
" सम्पादित करें
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
{{Infobox किताब | मुखपृष्ठ = | नाम = सम्पत्ति-शास्त्र | मुखपृष्ठ_शीर्षक = मुखपृष्ठ | रचयिता = [[महावीर प्रसाद द्विवेदी|महावीरप्रसाद द्विवेदी]] | मूल_शीर्षक = | अनुवादक = | प्रकाशक = इण्डियन प्रेस, प्रयाग | प्रकाशन_तिथि = | भाषा = हिंदी | देश = [[भारत]] | विषय = साहित्य | शैली = | मुखपृष्ठ_रचना = | मीडिया_प्रकार = ज्ञान साहित्य | पृष्ठ = | ISBN = | भाग = | पिछला_क्रमांक = | अगला_क्रमांक = | टिप्पणियाँ = अर्थशास्त्र संबंधी हिंदी की पहली मौलिक कृति }} '''सम्पत्ति-शास्त्र''' [[महावीर प्रसाद द्विवेदी]] द्वारा लिखित अर्थशास्त्र संबंधी हिंदी की पहली पुस्तक है। इसका पुस्तक रूप में प्रकाशन सन् १९०८ में हुआ। इसके पूर्व १९०७ की सरस्वती के विभिन्न अंकों में सम्पत्ति-शास्त्र के अंश प्रकाशित हो चुके थे। == वर्ण्य-विषय == इस पुस्तक में तत्कालीन भारत की आर्थिक स्थिति का वर्णन है। इसमें खेती, मजदूरी आदि के साथ ही महाजनी और पूंजीपतियों से संबंधित विषयों का विस्तारपूर्वक विवेचन किया गया है। ब्रितानी सरकार द्वारा अपनाई गई कर और व्यापार संबंधी नीतियों का भी उल्लेख किया गया है और उनका भारतीयों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का भी। <ref>{{cite web |last1=महावीरप्रसाद |first1=द्विवेदी |title=सम्पत्ति-शास्त्र |url=https://wikisource.org/wiki/Page:%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0.pdf/8 |website=विकिस्रोत |publisher=इण्डियन प्रेस, प्रयाग }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> == आलोचना == सम्पत्ति-शास्त्र का महत्त्व स्थापित करने वाले हिंदी के आलोचकों में [[रामविलास शर्मा]] सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण हैं। वे [[महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण]] में इसके संबंध में लिखते हैं कि- "इसके अंश १९०७ में 'सरस्वती' में प्रकाशित हुए और पूरी पुस्तक १९०८ में प्रकाशित हुई।"<ref>{{cite book |last1=रामविलास |first1=शर्मा |title=महावीरप्रसाद द्विवेदी |date=२०१५ |publisher=राजकमल प्रकाशन |location=नई दिल्ली |isbn=978-81-267-2320-1 |page=१६}}</ref> मधुरेश महावीरप्रसाद द्विवेदी के प्रसंग में लिखते हैं कि- "यदि उन्होंने आर्य-समाज और भाषा पर लिखा है तो सन् 1908 में ही 'सम्पत्तिशास्त्र' भी लिखा जो नस्लवादी ब्रिटिश साम्राज्यवाद द्वारा भारतीय जनता के शोषण का अप्रतिम और भावात्मक दस्तावेज है।"<ref>{{cite book |last1=मधुरेश |title=हिन्दी आलोचना का विकास |date=२०१२ |publisher=लोकभारती प्रकाशन |location=इलाहाबाद |page=४६}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [https://wikisource.org/wiki/Page:%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0.pdf/2 सम्पत्ति-शास्त्र विकिस्रोत पर]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} == संदर्भ == [[श्रेणी:पुस्तकें]] [[श्रेणी:महावीरप्रसाद द्विवेदी]] [[श्रेणी:अर्थशास्त्र]]
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)
इस पृष्ठ पर प्रयुक्त साँचें:
साँचा:Cite book
(
सम्पादित करें
)
साँचा:Cite web
(
सम्पादित करें
)
साँचा:Dead link
(
सम्पादित करें
)
साँचा:Infobox किताब
(
सम्पादित करें
)