सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
ग्रेस कुजूर
" सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
'''ग्रेस कुजुर''' (जन्मः 13 अप्रैल 1949) भारत की एक प्रमुख आदिवासी कवयित्री हैं। रांची (झारखंड) के इटकी में एक ‘उरांव’ आदिवासी परिवार में इनका जन्म हुआ। इनकी मातृभाषा ‘कुड़ुख’ है। इनके पिता पैट्रिक कुजूर अस्पताल में कंपाउंडर थे और मां रूथ केरकेट्टा हेल्थ विजीटर थीं। <ref>हिन्दी कविताओं की रचयिता - ग्रेस कुजुर | http://kurukhworld.com/literature/misc/gress.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180923144810/http://kurukhworld.com/literature/misc/gress.htm |date=23 सितंबर 2018 }}</ref> इनकी आरंभिक एवं उच्च शिक्षा रांची में पूरी हुई। इन्होंने क्रमशः उर्सूलाइन कॉन्वेट स्कूल रांची से मैट्रिक, संत जेवियर कॉलेज रांची से एम.ए, बी.एड. की शिक्षा पाई। फरवरी 1976 में उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो की सर्विस में कार्यक्रम अधिशासी के रूप में ज्वाईन किया। इस संस्थान में रहते हुए उन्होंने रांची, पटना दिल्ली, भागलपुर आदि जगहों पर अपनी सेवाएं दी। बाद में वे निदेशक भी बनीं। 2008 में इन्होंने ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) से महानिदेशक (कार्यक्रम) के पद से अवकाश ग्रहण किया।<ref>ग्रेस कुजूर की कविताएं | https://www.facebook.com/AdivasiLiterature/photos/a.159734160887444/178801625647364/?type=1&theater</ref> ग्रेस कुजूर ने 1966 से लेखन कार्य आरंभ किया। ये मुयख्तः हिंदी में लिखती हैं और इनकी कविताएं ‘हिन्दुस्तान’, ‘आज’, ‘युद्धरत आम आदमी’, ‘आर्यावर्त्त’, ‘झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।<ref>पूर्वोत्तर भारत का जनजातीय साहित्य, पृ. 12 | https://books.google.co.in/books?id=eRPcDgAAQBAJ</ref> ‘कलम उगलती आग', ‘लोकप्रिय आदिवासी कविताएं’ और ‘कलम को तीर होने दो’ नामक संग्रहों में इनकी कविताएं संकलित हैं।<ref>कलम को तीर होने दो, पृ। 82 | https://books.google.co.in/books?id=WTO6DQAAQBAJ&</ref> अब तक इनका अपना कोई स्वतंत्र संकलन प्रकाशित नहीं हो सका है। ग्रेस कुजूर ने रेडियो नाटक तथा प्रहसन भी लिखे हैं। डायन-प्रथा पर ‘महुआ गिरे आधी रात’ नामक इनका रेडियो नाटक चर्चित रहा है। ==सन्दर्भ== [[श्रेणी: आदिवासी]] [[श्रेणी: आदिवासी (भारतीय)]] [[श्रेणी: उरांव आदिवासी]] [[श्रेणी: झारखंड]] [[श्रेणी: आदिवासी साहित्य]] [[श्रेणी: आदिवासी साहित्यकार]] [[श्रेणी:भारतीय महिला साहित्यकार]] [[श्रेणी:भारतीय आदिवासी महिला साहित्यकार]] [[श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन]]
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)
इस पृष्ठ पर प्रयुक्त साँचा:
साँचा:Webarchive
(
सम्पादित करें
)