सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
प्रत्याहार (योग)
" सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
{{आधार}} [[संस्कृत व्याकरण]] के सन्दर्भ में '''[[प्रत्याहार]]''' का अलग अर्थ है। यहाँ पातंजल योग से सम्बन्धित '''प्रत्याहार''' की चर्चा की गयी है। प्रत्याहार में ख्याल नहीं रहता है , मन भागता रहता है । कभी - कभी दूर - दूर तक , देर - देर तक ख्याल नहीं रहता है । बहुत देर के बाद ख्याल आता है कि ध्यान करने के लिए बैठा था , मन कहाँ - कहाँ चला गया , यह लँगड़ा प्रत्याहार है जिसको प्रत्याहार नहीं होगा , उसको धारणा कहाँ से होगी । धारणा ही नहीं होगी , तो ध्यान कहाँ से होगा ? इसीलिए मुस्तैदी से भजन करो । ([https://satsangdhyan.blogspot.com/2020/10/s99-importance-of-pratyahar.htmlसद्गुरु महर्षि मेंहीं प्रवचन 99 सद्गुरु महर्षि मेंहीं प्रवचन 99]) ---- '''प्रत्याहार''', [[पतञ्जलि|पातंजल]] द्वारा प्रतिपादित अष्टांग [[योग]] का पाँचवाँ चरण है। == बाहरी कड़ियाँ == * [http://www.jkhealthworld.com/detail.php?id=3373 प्रत्याहार]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (जे के स्वास्थ्य) * [https://web.archive.org/web/20100129152556/http://hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0807/16/1080716109_1.htm प्रत्याहार : आष्टांग योग का पाँचवा अंग] * [http://books.google.co.in/books?id=sVwVFEcoG8sC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false प्राणायाम, कुण्डलिनी और हठयोग] (आचार्य भगवान देव) * [http://books.google.co.in/books?id=8BH5nsZeKJAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false पातंजल योगदर्शन : व्यासभाष्य, उसका हिन्दी अनुवाद एवं सुविशद व्याख्या] (गूगल पुस्तक ; व्याख्याकर - हरिहरानन्द आचार्य) * [https://web.archive.org/web/20100303142741/http://sathya-sai-baba.org/stages.html#Pratyahara Pratyahara] Comments on the Patanjali’s Scheme. * [https://web.archive.org/web/20110706093949/http://www.discover-yoga-online.com/pratyahara.html Pratyahara, by ''Yogacharya''] [[श्रेणी:योग]] [[श्रेणी:दर्शन]]
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)
इस पृष्ठ पर प्रयुक्त साँचें:
साँचा:Dead link
(
सम्पादित करें
)
साँचा:आधार
(
सम्पादित करें
)