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== परिचय == [[चित्र:1911 Anvers Congrès Esperanto.jpg|right|thumb|300px|७वीं एस्परान्तो कांग्रेस, १९११, अन्तवर्प (Antwerp)]] अनेक वर्षों से [[अंतर्राष्ट्रीय भाषा]] का प्रश्न राजनीतिज्ञों, वैज्ञानिकों और भाषाशास्त्रियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। वैज्ञानिक नाप-तौल के लिए दुनिया भर में एक से अंतर्राष्ट्रीय शब्द व्यवहार में लाए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय व्यवहार के पारिभाषिक शब्द बहुत बड़ी संख्या में गढ़े जा रहे हैं और मान्यता प्राप्त कर रहे हैं। भाषा शास्त्री इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं कि थोड़े से [[व्याकरण]] के सर्वस्वीकृत नियम बना लेने से एक अंतर्राष्ट्रीय भाषा तैयार हो जाएगी। सन् १८८७ ई. में डाक्टर एल. एल. ज़ामेनहोफ़ ने एस्पेरांतो की रचना की। आविष्कार्ता के अनुसार एस्पेरांतो में अंतर्राष्ट्रीय भाषा बनने की सब विशेषताएँ मौजूद हैं। उसकी वाक्यावली तर्क और वैज्ञानिक नियमों पर आधारित है। उसके व्याकरण को आधे घंटे में समझा जा सकता है। प्रत्येक नियम अपवादरहित है। शब्दों के हिज्जे का आधार ध्वन्यात्मक है। उसका शब्दकोश बहुत छोटा है। फिर भी उसमें साहित्यिक शक्ति है, शैलीसौंदर्य है और विचारों को व्यक्त करने में वह काँटे की तौल उतरती है। लचीलापन भी उसमें यथेष्ट मात्रा में है। २० वर्ष पूर्व के आँकड़ों के अनुसार एस्पेरांतो भाषा में उस समय तक ४,००० से अधिक मौलिक और अनूदित पुस्तके प्रकाशित हो चुकी थीं और १०० से अधिक मासिक पत्र नियमित रूप से प्रकाशित होते थे। [[द्वितीय विश्वयुद्ध|दूसरे महायुद्ध]] के पूर्व संसार के अनेक देशों में भाषा के रूप में एस्पेरांतो विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाई जाती थी। [[पेरिस]] के चेंबर ऑव कामर्स और लंदन की काउंटी कौंसिल कमर्शल विद्यालयों में एस्पेरांतो की शिक्षा दी जाती थी। सन् १९२५ ई. में अंतर्राष्ट्रीय टैलिग्रैफिक यूनियन ने एस्पेरांतो को [[तार]] की अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्वीकार किया। मई, सन् १९२७ में अंतर्राष्ट्रीय रेडियोफ़ोनिक यूनियन से उसे प्रसार के योग्य भाषा के रूप में स्वीकार किया। उसी वर्ष दिसंबर मास तक विविध देशों में ४४ आकाशवाणी केंद्र एस्पेरांतो में प्रसार करते थे। २० वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय एस्पेरांतो सम्मलेन में अखिल विश्व से १,००० से लेकर ४,००० प्रतिनिधि तक सम्मिलित हुए थे। सन् १८८७ में एस्पेरांतो का जो रूप था उसमें सन् १९०७ ई. में अनेक परिवर्तन करके उसे और अधिक सरल तथा वैज्ञानिक बनाया गया। एस्पेरांतो के इस नए रूप का नाम [[ईडो|ईदो]] रखा गया। अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में एस्पेरांतो से प्रतिस्पर्धा करनेवाली आज और भी अनेक भाषाएं क्षेत्र में हैं।
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