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== परिचय == [[चित्र:Nankana Sahib.JPG|thumb|250px|right|गुरुद्वारा]]ननकाना साहिब इनका जन्म [[रावी नदी]] के किनारे स्थित [[तलवंडी|तलवण्डी]] नामक गाँव में [[कार्तिक|कार्तिकी]] [[पूर्णिमा]] को एक खत्रीकुल में हुआ था। तलवण्डी पाकिस्तान में पंजाब प्रान्त का एक नगर है। कुछ विद्वान इनकी जन्मतिथि 15 अप्रैल, 1469 मानते हैं। किन्तु प्रचलित तिथि कार्तिक पूर्णिमा ही है, जो अक्टूबर-नवम्बर में दीवाली के [[१५|15]] दिन बाद पड़ती है। इनके पिता का नाम मेहता कालूचन्द खत्री तथा माता का नाम तृप्ता देवी था। तलवण्डी का नाम आगे चलकर नानक के नाम पर [[ननकाना साहिब|ननकाना]] पड़ गया। इनकी बहन का नाम नानकी था। [[File:Baba Nanak goes to school.jpg|thumb|विद्यालय जाते हुए बालक नानक]] बचपन से इनमें प्रखर बुद्धि के लक्षण दिखाई देने लगे थे। लड़कपन ही से ये सांसारिक विषयों से उदासीन रहा करते थे। पढ़ने-लिखने में इनका मन नहीं लगा। [[७|7]]-[[८|8]] साल की उम्र में स्कूल छूट गया क्योंकि भगवत्प्राप्ति के सम्बन्ध में इनके प्रश्नों के आगे अध्यापक ने हार मान ली तथा वे इन्हें ससम्मान घर छोड़ने आ गए। तत्पश्चात् सारा समय वे आध्यात्मिक चिन्तन और सत्संग में व्यतीत करने लगे। बचपन के समय में कई चमत्कारिक घटनाएँ घटीं जिन्हें देखकर गाँव के लोग इन्हें दिव्य व्यक्तित्व मानने लगे। बचपन के समय से ही इनमें श्रद्धा रखने वालों में इनकी बहन नानकी तथा गाँव के शासक राय बुलार प्रमुख थे। [[File:Rai-Bular-Nanak-Circa-1900-Bular-archives3.jpg|thumb|नानक के सिर पर सर्प द्वारा छाया करने का दृश्य देखकर राय बुलार का नतमस्तक होना]] इनका विवाह बालपन मे सोलह वर्ष की आयु में [[गुरदासपुर]] जिले के अन्तर्गत लाखौकी नामक स्थान के रहनेवाले मूला की कन्या सुलक्खनी से हुआ था। [[३२|32]] वर्ष की अवस्था में इनके प्रथम पुत्र श्रीचन्द का जन्म हुआ। चार वर्ष पश्चात् दूसरे पुत्र लखमीदास का जन्म हुआ। दोनों लड़कों के जन्म के उपरान्त [[१५०७|1507]] में नानक अपने परिवार का भार अपने श्वसुर पर छोड़कर मरदाना, लहना, बाला और रामदास इन चार साथियों को लेकर तीर्थयात्रा के लिये निकल पडे़। उन पुत्रों में से 'श्रीचन्द आगे चलकर [[उदासी संप्रदाय|उदासी सम्प्रदाय]] के प्रवर्तक हुए।'<ref>{{cite book |last1=आचार्य रामचन्द्र |first1=शुक्ल |title=हिंदी साहित्य का इतिहास |date=2013 |publisher=लोकभारती प्रकाशन |location=इलाहाबाद |isbn=978-81-8031-201-4 |page=55 |edition=पुनर्मुद्रण}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://news.jagatgururampalji.org/guru-nanak-jayanti-hindi/|title=Guru Nanak Jayanti [Hindi]: गुरुनानक जयंती पर जानिए नानक जी को गहराई से|date=2020-11-23|website=S A NEWS|language=en-US|access-date=2020-11-29}}</ref>
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