सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
गोटी
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
==इतिहास== यह खेल अत्यंत प्राचीन है। इसका प्राचीन नाम चेकर्स (Checkers) है। यूनानी तथा रोमन लोगों का यह अत्यंत प्रिय खेल था। इसकी लोकप्रियता का कुछ आभास इस तथ्य से मिल सकता है कि रामनों के अनेक ऐतिहासिक महत्त्व के भवनों में इसी के पट्ट (board) के चित्र स्थान-स्थान पर बने हुए दिखलाई पड़ते हैं। इससे बहुत कुछ मिलता जुलता एक खेल [[मिस्र]] देशवासी भी सहस्त्रों वर्षो से खेलते आ रहे हैं। यूनान से इस खेल का प्रचार अरब देशों में हुआ और ऐसा प्रतीत होता है कि वहीं से पुन: इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन आदि देशों में आया। [[भारत]] में नौ गोटों का एक खेल बहुत प्राचीनकाल से खेला जाता रहा है। यद्यपि वह इस खेल से बहुत भिन्न है, फिर भी गोटों को बंदी बनाकर उठा लेना और राजा बनाने (मुकुट धारण कराने) की प्रक्रिया आदि इस खेल से बहुत कुछ मिलती जुलती है। इस खेल से संबधित साहित्य का भी विस्तृत परिमाण में निर्माण हुआ है और अंतराष्ट्रीय नियमोपनियमों का भी सृजन होता रहा है। वैलेंशिया के ऐंटोनिया टॉर्किमादा (Antonia Torquemada) ने सन् १५४७ में इस खेल के बारे में सर्वप्रथम पुस्तक प्रकाशित की। इसके बाद इंग्लैंण्ड के सुविख्यात गणितज्ञ [[विलियम पेन]] (William Payne) ने अपनी विश्वविश्रुत पुस्तक 'गाइड टु दि गेम ऑव ड्राफ्ट्स' (ड्राफ्ट के खेलकी संदर्शिका) सन् १७५६ में प्रकाशित की। इनकी प्रेरणा से इस खेल से सबंधित साहित्य में द्रुत गति से अभिवृद्धि होने लगी और लोकरुचि इस ओर केंद्रित होने लगी। १९वीं शताब्दी में ऐंड्रू ऐंडरसन (इंग्लैंड) गोटी-ड्राफ्ट के खेल का विश्वविख्यात विजेता हुआ। वह अनेक प्रतियोगिताओं में समिलित हुआ और अधिकांश में विजयी रहा। इस खेल से संबंधित अनेक नियमोपनियमों का वह प्रवर्तक था। खेल के आधुनिक रूप का शिल्पकार उसे ही कहा जा सकता है। २०वीं शताब्दी में अमरीकनों ने इस खेल में बड़ी प्रगति की और यरोपीय खिलाड़ियों को बहुत पीछे ढकेल दिया।
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)