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== इतिहास == जीवसांख्यिकी का प्रारंभिक अर्थ संकुचित था। इसका तात्पर्य था आँकड़े की विधि से, विशेषत: सहसँबंध गुणांक (Correlation coefficient) की विधि सं वंश परंपरा का अध्ययन करना। सर फ्रैंसिस गाल्टन (Sir Francies Galton, सन् 1822-1911) जीव सांख्यिकी के संस्थापक माने जाते हैं। वे जानना चाहते थे कि पिता से पुत्र में और फिर पौत्र में, इसी भाँति पीढ़ी दर पीढ़ी किसी गुण विशेष का संचरण किस प्रकार होता है। उन्होंने दो नियमों का प्रतिपादन किया, एक पैतृक वंशानुक्रमण का नियम (Law of Ancestral Inheritance) और दूसरा वंश अवनति का (Law of Filial Regression)। फ्रांसिस गॉल्टन ने 1901 ई में लिखा था कि ""जीव सांख्यिकी का मुख्य लक्ष्य ऐसे उपकरण प्रदान करने हैं, जिनके द्वारा जीवविकास के अंतर्गत घटित होनेवाले उन प्रारंभिक परिवर्तनों का, जो इतने नगण्य हैं कि अन्य विधियों से उनका पता नहीं लगाया जा सकता, अनुसंधान ठीक ठाक हो।"" उन्होंने फिर कहा ""आधुनिक आँकड़ा विधियों का जीवविज्ञान में प्रयोग जीवसांख्यिकी है""। उन दिनों आँकड़ा विज्ञान (Statistics) की आधुनिक विधि का तात्पर्य था सहसंबंध गुणांक (Correlation Coefficient) का प्रयोग। पीछे कार्ल पियर्सन (Karl Pearson), फिशर (R. A. Fisher) तथा अन्य व्यक्तियों ने गॉल्टन की प्रणाली को और आगे बढ़ाया। फिशर के ""स्टैटिस्टिकल मेथड्स फॉर रिसर्च वर्कस"" के प्रकाशन (1925 ई) के पश्चात् इसके अध्ययन का तीव्रता से विस्तार हुआ। जीवसांख्यिकी में अधिक आधुनिक प्रगति इस समस्या में निर्दिष्ट हैं कि किस प्रकार के प्रयोगों की कल्पना की जाय कि अपेक्षाकृत कम से कम प्रेक्षण के आधार पर सांख्यिकी की समस्याओं का समाधान हो सके। फिशर (Fisher) तथा स्नेडिकोर (George Snedicor) इन समस्याओं को, विशेषत: कृषि संबंधी प्रयोगों के क्षेत्र में सुलझाने में विशेष रूप् से सफल हुए। अनेक जीव सांख्यिकी गवेषणों के परिणाम जीवसांख्यिकी (Biometric) नामक पत्रिका में प्रकाशित होते रहते हैं।
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