सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
द लॉर्ड ऑफ़ द रिंग्स
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
== मध्य धरती == मध्य धरती ([[:en:Middle Earth]]) इस उपन्यास में ज़िक्र एक काल्पनिक महाद्वीप है जो चारों तरफ़ से समन्दरों से घिरा हुआ है। इसके पश्चिम में एक और महाद्वीप है, जिसका नाम '''वालिनोर''' ([[:en:valinor]]) है। वालिनोर [[देवता]]ओं की भूमि है जहाँ इंसान नहीं जा सकते। कहानी शुरू होती है मध्य धरती में एक शैतान काले राक्षस से, जिसका नाम था '''सौरॉन''' ([[:en:Sauron]]) और जो काले जादू में माहिर था। प्रथम युग के अन्त में सौरॉन अपने शैतानी मालिक [[मोर्गोथ]] मेल्कॉर की देवताओं द्वारा हार से बच निकलता है। दूसरे युग में सौरॉन दुनिया का बादशाह बनने के सपने संजोने लगता है। इसके लिये वो तोहफ़ों के मालिक '''अन्नतर''' () का सुन्दर भेस बनाकर गन्धर्वों ([[:en:Elf (Middle-earth)|elves]]) के पास गया और उनके लोहारों के मुखिया केलेब्रिम्बोर ([[:en:Celebrimbor]]) और दूसरे लोहारों को धोखे से फुसलाकर उनसे कई जादुई अंगूठियाँ बनवाईं। लेकिन रहस्यमयी और गुप्त तरीके से उसने स्वर्ण की एक और अंगूठी स्वयं बनायी : '''वो एक अंगूठी''' ([[:en:One Ring|The One Ring]])। इसमें उसने दुनिया की सारी शैतानियत और जादुई ताकत भर दी। '''वो एक अंगूठी''' बाकी सभी अंगूठियों की स्वामिनी थी और उसको पहनने वाला बकी सभी अंगूठी पहनने वालों को अपना ग़ुलाम बना सकता था। ये योजना नाकामयाब होती है जब गन्धर्वों को इस धोखे का पता चलता है और वो अपने लिये बनायी तीन अंगूठियों को उतार देते हैं। सौरॉन गन्धर्वों ये युद्ध करने बाकी सारी अंगूठियाँ छीन लेता है। सात अंगूठियाँ सौरॉन ने बौनों के सरदारों को दीं और नौ इंसानों के सरदारों को। गन्धर्वों ने अपनी तीन अंगूठियाँ बचा कर छुपा लीं। बौने अपने आन्तरिक जादू की वजह से अंगूठियों से ख़ास प्रभावित नहीं हुए, पर इंसान प्रभावित हुए। अंगूठी पहनने वाले नौ इंसान कुछ ही सालों में शैतानी प्रेत ([[:en:Nazgul]]) बन गये और अन्त तक सौरॉन के वफ़ादार नौकर बने रहे। [[नूमेनोर]] ([[:en:Numenor]]) द्वीप का राजा (इंसान) '''आर-फ़राजौन''' ([[:en:Ar-Pharazôn]]) मध्य धरती पर कब्ज़ा करने आता है और सौरोन को बन्दी बनाकर नूमेनोर ले जाता है। उल्टे वहाँ सौरॉन राजा को फुसलाकर उसे दुष्टता के रास्ते ले जाता है और नूमेनोर द्वीप और लगभग सभी नूमेनोरवासियों का सर्वनाश करा देता है। कुछेक अच्छे नूमेनोरी इंसान मध्य भूमि तक बचकर पहुँच जाते हैं और वहाँ एक नई सभ्यता बसाते हैं : [[गॉन्दोर]] ([[:en:Gondor]]) का राज्य। इधर अमर सौरॉन एक दूसरा रूप लेकर वापस मध्य भूमि पहुँचता है, बाकी नूमेनोरियों को ख़त्म करने। इस समय गन्धर्व और इंसान एक मैत्री संगठन बनाते हैं और मिलकर सौरॉन और उसकी दैत्यों ([[:en:Orc (Middle-earth)|orcs]]) की सेना को हरा देते हैं। नूमेनोरियों का युवराज इसील्दूर एलेन्दिल ([[:en:isildur|Isildur Elendil]]) अपने मृत पिता की टूटी हुई तल्वार '''नार्सिल''' से सौरॉन की उंगली काटकर उससे वो एक अंगूठी छीन लेता है और सौरॉन का जिस्मानी वजूद ख़त्म कर देता है। सौरॉन की प्रेतात्मा कहीं और भाग जाती है। इस तरह तीसरे युग की शुरुआत होती है। अब नूमेनोरोयों के नये राजा इसील्दूर का कर्त्तव्य बनता था कि वो उस एक अंगूठी को विनाश के पर्वत ([[:en:Mount Doom]] or Orodruin), जो एक ज्वालामुखी था, में जलते हुए लावे में डाल दे, क्योंकि इस दुष्ट अंगूठी और इसके स्वामी के सर्वनाश का कोई और तरीका नहीं था। लेकिन उस एक अंगूठी की अपनी एक जादुई चाहत थी, किसी तरह अपने स्वामी सौरॉन के पास वापस जाने की। उस जादुई अंगूठी के प्रभाव से इसील्दूर ने उसे नष्ट नहीं किया बल्कि अपने पास रख लिया। बाद में कुछ दैत्यों ने उसे मार डाला और उसका शव नदी में गिरा दिया। इस तरह वो शैतानी अंगूठी पानी में गुम हो गयी, एक पूरे युग के लिये। ये सारी कहानी ज़्यादातर [[द सिल्मैरिल्यॉन]] उपन्यास में ज़िक्र है। [[द हॉबिट]] उपन्यास में एक इंसान-जैसी नस्ल का वर्णन है, जो '''हॉबिट''' ([[:en:Hobbit]]) कहे जाते थे। हॉबिट शान्तिप्रिय नन्हें इंसान होते थे, लगभग बौनों के कद जितने। गोल्लुम ([[:en:Gollum]], जन्म : स्मीगोल ''Smeagol'') नाम के एक बहिष्कृत हॉबिट के हाथों एक बार वो एक अंगूठी लग जाती है। गोल्लुम को वो शैतानी अंगूठी एक पागल, भद्दे और दुष्ट जानवर-नुमा जीव में तबदील कर देती है। एक हॉबिट '''बिल्बो बैगिन्स''' ([[:en:Bilbo Baggins]]) को अपनी रोमांचक यात्रा के दौरान किसी तरह (धोखा करके) गोल्लुम से वो शैतानी अंगूठी मिल जाती है। बिल्बो के बुढ़ापे से '''द लॉर्ड ऑफ़ द रिंग्स''' उपन्यास की कहानी शुरू होती है।
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)