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== जीवन-परिचय == निकोलाई गोगोल का जन्म यूक्रेन के एक जमींदार परिवार में २० मार्च, १८०९ ई०<ref>[[हिंदी विश्वकोश]], भाग-4, नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी, संस्करण-2003, पृ०-17.</ref> ([[ग्रेगोरी कैलेंडर|नये कैलेंडर]] के अनुसार १ अप्रैल, १८०९ ई०)<ref name="अ" /> को हुआ था। उनके पिता भी उत्तम शिक्षा प्राप्त व्यक्ति थे तथा कविताएँ एवं हास्य भी लिखते थे। इसके अतिरिक्त वे [[रंगमंच]] पर अभिनय भी किया करते थे। अपने पिता के इन गुणों के कारण गोगोल को बचपन से साहित्य के साथ-साथ रंगमंच के प्रति भी अभिरुचि जग गयी। जिमनेजियम में शिक्षा प्राप्त करते हुए गोगोल रंगमंच पर अभिनय भी किया करते थे। गोगोल की शिक्षा के समय गुप्त रूप से अभिजात वर्ग के बीच प्रगतिशील स्वच्छंदतावादी विचारों का उदय एवं प्रसार भी आरंभ हो चुका था। जिमनेजियम में प्रगतिशील शिक्षकों का भी एक दल था जिसका नेतृत्व बेलाऊसोव करते थे। १८२०ई० में [[त्सार|ज़ार सरकार]] के द्वारा इन पर अभियोग लगाया गया तथा इसी सम्बन्ध में विद्यार्थी भी बुलाये गये। इस समय गोगोल ने बेलाऊसोव के पक्ष में बयान दिया था। बेलाऊसोव के व्याख्यानों के अतिरिक्त [[पुश्किन]], रील्येव तथा अन्य प्रगतिवादियों की रचनाओं ने भी गोगोल के प्रगतिशील दृष्टिकोण के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी। १८२८ ई० में जिमनेजियम की शिक्षा समाप्त कर गोगोल [[सेंट पीटर्सबर्ग|पीटर्सबर्ग]] चले गये। पीटर्सबर्ग जाते हुए गोगोल अपना रोमांटिक काव्य ''मास क्युखेल गार्तन'' भी छिपा कर ले गये थे। वे अपनी इस रचना पर पुश्किन की सम्मति चाहते थे, परंतु यह संभव नहीं हो सका व इस कृति के छपने पर इसकी कड़ी आलोचना हुई और परिणाम स्वरूप गोगोल ने उसकी सारी प्रतियां जला डालीं। पीटर्सबर्ग में आरंभ में वे असफल ही रहे। अलेक्सांद्र थिएटर में अभिनेता बनने की उनकी अभिलाषा भी पूरी नहीं हुई एवं बड़ी कठिनाई से उन्हें एक विभाग में छोटे कर्मचारी की नौकरी मिली। वहाँ काम करते हुए वह शाम को कला अकादेमी में जाया करते थे और चित्रकला सीखते थे।
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