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== प्रारंभिक जीवन एवं परिचय == पीयूष गोयल का जन्म १० फरवरी, सन १९६७ को [[उत्तर प्रदेश]] के [[दादरी]] गाँव में हुआ। इनकी माता का नाम श्रीमती रविकांता एवं पिता डॉ॰ देवेन्द्र कुमार गोयल हैं। गोयल पेशे से एक यांत्रिक इंजीनियर हैं और एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में कार्यरत हैं। लेखन और कला में प्रारंभिक दिनों से ही रूचि रही। पीयूष गोयल दुनिया की पहली मिरर इमेज पुस्तक [[श्रीमदभागवतगीता]] के रचनाकार हैं। गोयल ने [[श्रीमदभागवतगीता]] के सभी १८ अध्याय ७०० श्लोक अनुवाद सहित हिंदी व अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में लिखा है।<ref>{{समाचार सन्दर्भ|title=उलटे अक्षर सीधा ज्ञान|url=https://4.bp.blogspot.com/-SRDbYdTgm1I/VsmHwyJ1NeI/AAAAAAAAEQs/aUWHJns_kew/s1600/signature%2B%252821%2529.jpg|agency=|publisher=[[दैनिक जागरण]]|date=१७ सितम्बर २००७}}</ref> इसके अतिरिक्त वें सुई से लिखी [[मधुशाला]] के रचयिता हैं, जो दुनिया का पहला नीडल बुक है।<ref>{{जर्नल सन्दर्भ|title=Logout|journal=BTW Magazine|date=|issue=अक्टूबर, २०१४|page=पृष्ठ क्रमांक ४६|url=http://www.btw.co.in/VOL75_Oct14/logout.htm|accessdate=२२ मई २०१६|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304113335/http://www.btw.co.in/VOL75_Oct14/logout.htm|archive-date=4 मार्च 2016|url-status=dead}}</ref> इनकी अब तक ३ पुस्तकें प्रकशित हो चुकी हैं। गुरुदेव [[रविन्द्रनाथ टैगोर]] की [[गीतांजलि]] को [[मेंहदी]] कोन से लिख, इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में स्थान पाया। इन्हों ने अपनी ही लिखी पुस्तक "पीयूष वाणी" को कील से ए-४ साईज की एलुमिनियम शीट पर लिखा है। कार्बन पेपर की मदद से [[विष्णु शर्मा|आचार्य विष्णु शर्मा]] द्वारा लिखी [[पंचतंत्र]] के सभी (पाँच तंत्र, ४१ कथाएँ) को भी लिखने का श्रेय इन्हें जाता है।<ref>{{जर्नल सन्दर्भ|title=सुई से लिखी मधुशाला|journal=कार्टून वाच|date=अगस्त, २०१३|page=पृष्ठ क्रमांक ३२|url=https://issuu.com/icantechnology/docs/cw_august_2013__color__1|accessdate=२२ मई २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160816143337/https://issuu.com/icantechnology/docs/cw_august_2013__color__1|archive-date=16 अगस्त 2016|url-status=live}}</ref><ref>{{पुस्तक सन्दर्भ|title=पााँच तरीके से लिखी गई पााँच पुस्तकें|date=अप्रैल - जून २०१६|publisher=परिवर्तन पत्रिका|issn=2455 - 5169|page=६२, ६३, ६४|edition=द्वितीय|url=http://www.parivartanpatrika.in/wp-content/uploads/2016/04/Piyush-Goel.pdf|access-date=22 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160815201351/http://www.parivartanpatrika.in/wp-content/uploads/2016/04/Piyush-Goel.pdf|archive-date=15 अगस्त 2016|url-status=dead}}</ref><ref>{{समाचार सन्दर्भ|title=पाँच तरीको से लिखी विश्व प्रसिद्ध पाँच पुस्तके|url=http://hindi.ashanews.com/2015/08/Piyush-Kumar-Goel-5-famous-books-in-world-india-2015.html|accessdate=9 अगस्त २०१५|publisher=आशा न्यूज़|archive-url=https://web.archive.org/web/20161218195309/http://hindi.ashanews.com/2015/08/Piyush-Kumar-Goel-5-famous-books-in-world-india-2015.html|archive-date=18 दिसंबर 2016|url-status=dead}}</ref><ref>{{समाचार सन्दर्भ|last1=चतुर्वेदी|first1=संजय|title=In reverse order|url=https://2.bp.blogspot.com/-vfXok86jFrg/VsmILTa8mBI/AAAAAAAAEQ0/qm6QWpO7ZPI/s1600/signature%2B%252823%2529.jpg| language = en|publisher=[[टाइम्स ऑफ़ इंडिया]]|date=२२ मई २०११}}</ref>
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