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== बन्दूक का क्षेपण विज्ञान (Gun ballistics) == [[चित्र:Inclinedthrow.gif|अंगूठाकार|समान कोण (70°) पर फेंके गये तीन पिण्डों के पथ। काला पिण्ड किसी प्रकार का विकर्ष (drag) अनुभव नहीं करता और इस कारण इसका पथ परवलयाकार है। नीले पिण्ड पर [[स्टोक्स विकर्ष]] (वेग के समानुपाती विकर्ष) लग रहा है जबकि हरे पिण्ड पर [[न्यूटनीय विकर्ष]] (वेग के वर्ग के समानुपती विकर्ष) लग रहा है।]] [[चित्र:Newton Cannon.svg|अंगूठाकार|न्यूटन की तोप]] [[बन्दूक]] के क्षेपण विज्ञान में क्षेपक ([[गोली]], [[गोला (प्रक्षेप्य)|गोला]], स्फोट आदि) को दागने से लेकर लक्ष्य पर प्रहार करने एवं उसके प्रभाव का विश्लेषण किया जाता है। स्थूलत: इस विषय के अध्ययन को चार प्रमुख भागों में विभाजित किया जा सकता है: * 1. आभ्यन्तर क्षेपण विज्ञान (Internal ballistics) * 2. माध्यमिक क्षेपण विज्ञान (Transition or Intermediate Ballistics) * 3. बाह्य क्षेपण विज्ञान (External ballistics) * 4. अन्तस्थ क्षेपण विज्ञान (Terminal ballistics) '''आभ्यन्तर क्षेपण विज्ञान''' - इसमें गोले की गति तथा प्रक्षेप्य वस्तु के बंदूक या तोप की नाल के भीतर रहने तक गति की नियामक परिस्थितियों के संबंध में अध्ययन किया जाता है। गोले को इसी अवधि में अधिकांश [[उर्जा]] प्राप्त होती है। '''माध्यमिक क्षेपण विज्ञान''' - इसके अन्तर्गत प्रक्षेप की वह अवस्था का अध्ययन करते हैं जब वह बन्दूक की नाल से बाहर निकलता है और प्रक्षेप के आगे-पीछे का दबाव तेजी से समान हो जाता है। '''बाह्य क्षेपण विज्ञान''' - बाह्य क्षेपण विज्ञान वह शास्त्र है जिसमें प्रक्षेप के मोहरी छोड़ देने के पश्चातवाली गति का विचार किया जाता है। यह तो सभी को ज्ञात है कि यदि वायु का प्रतिरोध न हो तो प्रक्षेप का मार्ग [[परवलय]] के रूप में होगा। किन्तु वायु में गतिमान प्रक्षेप की गति के लिये अधिक जटिल गणितीय समीकरणों का सहारा लिया जाता है। '''अंतस्थ क्षेपण विज्ञान''' - यह क्षेपण विज्ञान की यह शाखा है जिसमें इस बात पर विचार किया जाता है कि जब गोला लक्ष्य को बेधता है तो क्या होता है।
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