सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
बदलते रिश्ते (1978 फ़िल्म)
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
== संक्षेप == सावित्री ([[रीना रॉय]]) एक संगीत शिक्षिका है जो बच्चों को संगीत सिखाती है। वह अपनी माँ ([[दीना पाठक]]) व रंगाई ठेकेदार भाई चंदर ([[असरानी]]) के साथ रहती है। एक दिन वह मनोहर धनी ([[ऋषि कपूर]]) से मिलती है और दोनों में प्रेम हो जाता है। इधर सागर सिंह ([[जितेन्द्र]]) नामक व्यापारी अमेरिका से लौटता है। उसकी बहन सावित्री से संगीत सीखती है, जिसका गाना सुन कर सागर उस पर मोहित हो जाता है। एक दिन चंदर का एक मित्र अपने ज्योतिषी पिता प्रोफ़ेसर ([[ए के हंगल]]) के साथ आता है। प्रोफ़ेसर चंदर को आनेवाले अच्छे समय, उसकी माँ के कठिन समय के बारे में बताता है, परन्तु सावित्री के विषय में कुछ भी बताना, टाल जाता हैं। चंदर से पुरानी मित्रता के कारण सागर उसकी मदद करने के साथ उसकी बहन से विवाह करना चाहता है। इस बीच सागर सावित्री को एक चिट्ठी भेजता है जिसे पढ़ वह भभक उठती है। सागर की भाभी उससे विवाह करने की सागर का विचार बताती है। सागर का परिवार सावित्री के घर उसके सावित्री से विवाह का प्रस्ताव भेजता है जिसे सावित्री की माँ स्वीकार कर लेती है। सावित्री इस विवाह प्रस्ताव को नकार देती है। इस बीच चंदर एक दुर्घटना में घायल हो जाता है और अस्पताल में भर्ती होता है। अपनी बीमार माँ की बात को मान कर सावित्री, सागर से विवाह कर लेती है जिसमे उसकी सहेली प्रोफ़ेसर की बात उसे बताती है। सावित्री सागर को प्रोफ़ेसर की बात बताने पर भी वह उससे विवाह करता है। इधर सावित्री सारी बात मनोहर को पत्र में बताती है। कुछ दिन बात मनोहर चंदर के विवाह में सावित्री से मिल प्रोफ़ेसर के बात की आड़ में सागर को मारने की बात बताता है जिसपर वह मनोहर से द्वेष करने लगती है। कुछ दिनों में मनोहर सागर से मित्रता किए घर आने पर सावित्री उसे निकाल देती है। सावित्री सागर को मनोहर के विचार बताने पर वह मनोहर से लड़ पड़ता है। मनोहर तमंचे से सागर पर गोली चलाने पर सावित्री उसे बचाए मनोहर को वहां से जाने कहती है। बाद में चंदर अपनी पत्नी को समझाता है के सागर के प्रति सावित्री के प्रेम के लिए मनोहर ने अपने रिश्ते बदले।
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)