सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
भारतीय भाषा संस्थान
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
== उद्देश्य == * भारतीय भाषा संस्थान भाषा के मामलों में केंद्र व राज्य सरकारों को सलाह एवं सहायता प्रदान करता है। * संस्थान विषयवस्तु व कॉर्पस निर्माण द्वारा सभी भारतीय भाषाओं के विकास में योगदान देता है। * यह गौण, अल्पसंख्यक एवं आदिवासी भाषाओं का प्रलेखीकरण व उनका संरक्षण करता है। * भारतीय भाषा संस्थान 15 भारतीय भाषाओं में द्वितीय-भाषा शिक्षार्थियों को शिक्षण देकर भाषाई सद्भाव को बढ़ावा देता है।<ref>[https://ciil.org/Hindi_aboutAims.aspx भारतीय भाषा संस्थान : उद्देश्य व लक्ष्य]</ref> सीआईआईएल, मैसूर के उद्देश्यों को निम्नलिखित चार श्रेणियों की योजनाओं के अतंर्गत कार्यान्वित किया जाता हैं- === प्रथम योजना : भारतीय भाषाओं का विकास === इस योजना का उद्देश्य अनुसंधान, मानव संसाधनों के विकास और जनजातीय/लघु/अल्पसंख्यक भाषाओं सहित आधुनिक भारतीय भाषाओं में, में सामग्री का उत्पादन करके भारतीय भाषाओं का विकास करना है। === द्वितीय योजना : क्षेत्रीय भाषा केन्द्र === इस योजना का उद्देश्य सरकार के त्रिभाषा सूत्र का कार्यान्वयन और शिक्षण सामग्री तैयार करना है। राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा प्रतिनियुक्त माध्यमिक स्कूल शिक्षकों को उनकी मातृभाषा से इतर भाषाओं में प्रशिक्षित किया जाता है। सात क्षेत्रीय भाषा केन्द्र शिक्षक-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। प्रशिक्षण के अलावा, इस संबंध में शिक्षण सामग्री तैयार करने के लिए अनेक कार्यशालाएं और सेमिनार भी आयोजित किए जाते हैं। इनके अलावा, पूर्व-शिक्षक प्रशिक्षणार्थियों के लिए राष्ट्रीय एकीकरण शिविर और पुनश्चर्या पाठयक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। === तृतीय योजना : सहायता -अनुदान === भारतीय भाषाओं में, जनजातीय भाषाओं सहित (हिन्दी, उर्दू, सिंधी, संस्कृत और अंग्रेजी को छोडकर) प्रकाशनों के लिए अलग-अलग व्यक्तियों और स्वैछिक संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। === चतुर्थ योजना : केन्द्रीय प्राचीन तमिल संस्थान, चैन्नई === केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 30/1/08 को हुई बैठक में चैन्नई में केन्द्रीय प्राचीन भाषा संस्थान गठित करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया। केन्द्रीय प्राचीन तमिल संस्थान, चैन्नई में गठित एक स्वायत संस्था होगी जिसके लिए तमिल सरकार नें संस्था के लिए नि:शुल्क 17 एकड भूमि आवंटित की है। केन्द्र सरकार, संस्थान का 100% निधियन करेगी। इसके लिए 149 स्टाफ की परिकल्पना की गई है जिसमें 79 शिक्षण और 70 गैर शिक्षण स्टाफ होगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को शासी परिषद के पदेन अध्यक्ष के रूप में निर्दिष्ट किया गया है, इस संस्थान के 12 विभाग होंगे। प्राचीन तमिल भाषा विकास के लिए विद्यमान केन्द्रीय योजना को केन्द्रीय प्राचीन तमिल संस्थान में सम्मिलित किया जाएगा। केन्द्रीय प्राचीन तमिल संस्थान के संगम ज्ञापन को तमिलनाडु राज्य सरकार को भेजा गया है और सरकार को संस्थान को रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटीज, चैन्नई के साथ पंजीकृत करने के लिए अनुरोध किया गया है।
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)