सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
मंगल ग्रह
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
== भौतिक विशेषताएं == {{Multiple image|direction=vertical|align=left|width=150|image1=Mars Earth Comparison.png|image2=Mars.ogv|caption1=[[पृथ्वी]] की मंगल से तुलना|caption2=मंगल-चलचित्र (00:40)}} मंगल, पृथ्वी के [[व्यास]] का लगभग आधा है। यह पृथ्वी से कम घना है, इसके पास पृथ्वी का १५ % आयतन और ११ % द्रव्यमान है। इसका सतही क्षेत्रफल, पृथ्वी की कुल शुष्क भूमि से केवल थोड़ा सा कम है।<ref name="nssdc" /> हालांकि मंगल, [[बुध]] से बड़ा और अधिक भारी है पर बुध की सघनता ज्यादा है। फलस्वरूप दोनों ग्रहों का सतही गुरुत्वीय खिंचाव लगभग एक समान है। मंगल ग्रह की सतह का लाल- नारंगी रंग लौह आक्साइड (फेरिक आक्साइड) के कारण है, जिसे सामान्यतः हैमेटाईट या जंग के रूप में जाना जाता है।<ref name="rust" /> यह बटरस्कॉच भी दिख सकता है,<ref name=ismars/> तथा अन्य आम सतह रंग, भूरा, सुनहरा और हरे शामिल करते है जो कि खनिजों पर आधारित होता है।<ref name=ismars>[http://mars.jpl.nasa.gov/msl/multimedia/videos/index.cfm?v=29&a=2 NASA – ''Mars in a Minute: Is Mars Really Red?''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140720135450/http://mars.jpl.nasa.gov/msl/multimedia/videos/index.cfm?v=29&a=2 |date=20 जुलाई 2014 }} ([http://mars.jpl.nasa.gov/multimedia/videos/movies/miam20111110/miam20111110.pdf Transcript] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151106174558/http://mars.jpl.nasa.gov/multimedia/videos/movies/miam20111110/miam20111110.pdf |date=6 नवंबर 2015 }})</ref> === भूविज्ञान === {{Main|मंगल का भूविज्ञान}} मंगल एक [[स्थलीय ग्रह]] है जो [[सिलिकॉन]] और [[ऑक्सीजन]] युक्त [[खनिज]], [[धातु]] और अन्य तत्वों को शामिल करता है जो आम तौर पर उपरी चट्टान बनाते है। मंगल ग्रह की सतह मुख्यतः [[थोलेईटिक]] [[बेसाल्ट]] की बनी है,<ref name=science324_5928_736/> हालांकि यह हिस्से प्रारूपिक बेसाल्ट से अधिक [[सिलिका]]-संपन्न हैं और पृथ्वी पर मौजूद [[एन्डेसिटीक]] चट्टानों या सिलिका ग्लास के समान हो सकते है। निम्न [[एल्बिडो]] के क्षेत्र [[प्लेजिओक्लेस स्फतीय]] का सांद्रण दर्शाते है, उत्तरी निम्न एल्बिडो क्षेत्रों के साथ परतदार सिलिकेट और उच्च सिलिकॉन ग्लास, सामान्य की तुलना में अधिक सांद्रण प्रदर्शित करते है। दक्षिणी उच्चभूमि के हिस्से पता लगाने योग्य मात्रा में उच्च- कैल्शियम [[पायरोक्सिन]] शामिल करते है। [[हेमेटाईट]] और [[ओलीवाइन|ओलीविन]] की स्थानीयकृत सांद्रता भी पायी गई है।<ref name=jgr107_E6/> अधिकतर सतह [[लौह ऑक्साइड]] धूल के बारीक कणों द्वारा गहराई तक ढंकी हुई है।<ref name=sci300a/><ref name=sci300b/> पृथ्वी की तरह, यह ग्रह भी [[भिन्नता]] (planetary differentiation) से गुजरा है, परिणामस्वरूप सघनता में, धातु कोर क्षेत्र, कम घने पदार्थों द्वारा लदा रहता है।<ref name="Nimmo 2005" /> ग्रह के भीतर के मौजूदा मॉडल, लगभग १७९४ ± ६५ कि॰मी॰ त्रिज्या में एक कोर क्षेत्र दर्शातें है, जो मुख्य रूप से [[लौह]] और १६-१७ % [[सल्फर]] युक्त [[निकल]] से बना है।<ref name=icarus213_2_451/> यह [[लौह सल्फाइड]] कोर आंशिक रूप से तरल पदार्थ है और इसके हल्के तत्वों का सांद्रण पृथ्वी के कोर पर मौजूद तत्वों से दुगुना है। कोर एक सिलिकेट [[मेंटल]] से घिरा हुआ है जिसने ग्रह पर कई विवर्तनिक और ज्वालामुखीय आकृतियों को रचा है, लेकिन अब निष्क्रिय हो गया लगता है। सिलिकॉन और ऑक्सीजन के अलावा, मंगल की पर्पटी में बहुतायत में पाए जाने वाले तत्व लोहा, मैग्नेशियम, एल्युमिनियम, कैल्सियम और पोटेशियम है। १२५ कि॰मी॰ की अधिकतम मोटाई के साथ, ग्रह की पर्पटी की औसत मोटाई लगभग ५० कि॰मी॰ है।<ref name=jacque03/> दोनों ग्रहों के आकार के सापेक्ष, पृथ्वी पर्पटी का औसत ४० कि॰मी॰ है, जो मंगल पर्पटी की मोटाई का केवल एक तिहाई है। यद्यपि मंगल ग्रह पर वर्तमान ढांचागत वैश्विक [[चुंबकीय क्षेत्र]] के कोई सबूत नहीं है,<ref name="magnetosphere" /> अवलोकन दर्शाते है कि ग्रह के भूपटल के कुछ हिस्से चुम्बकित किये गए है और इसके द्विध्रुव क्षेत्र का यह क्रमिक ध्रुवीकरण उलटाव अतीत में पाया गया है। चुम्बकीय अध्ययन से प्राप्त चुंबकीयकृत अतिसंवेदनशील खनिजों के गुण, काफी हद तक [[प्लेट विवर्तनिकी|पृथ्वी के समुद्र तल पर पाए जाने वाली क्रमिक पट्टियों]] के समान है। एक सिद्धांत, १९९९ में प्रकाशित हुआ और अक्टूबर २००५ में फिर से जांचा गया ([[मार्स ग्लोबल सर्वेयर]] की मदद के साथ), वह यह है कि यह पट्टियां चार अरब वर्षों पहले के मंगल ग्रह पर [[प्लेट विवर्तनिकी]] प्रदर्शित करती है, इससे पहले ग्रहीय [[चुम्बकीय तंत्र]] ने कार्य करना बंद कर दिया और इस ग्रह का चुम्बकीय क्षेत्र मुरझा गया।<ref name="plates" /> सौर प्रणाली निर्माण के दौरान, मंगल की रचना एक [[प्रसंभाव्य प्रक्रिया]] के परिणामस्वरूप हुई थी। सौर प्रणाली में अपनी स्थिति की वजह से मंगल की कई विशिष्ट रासायनिक विशेषताएं है। अपेक्षाकृत निम्न क्वथनांक बिन्दुओं के साथ के तत्व, जैसे क्लोरीन, फास्फोरस और सल्फर, मंगल ग्रह पर पृथ्वी की तुलना में अधिक आम हैं; यह तत्व संभाव्यतया नवीकृत तारों की उर्जायुक्त [[सौर वायु]] द्वारा सूर्य के नजदीकी क्षेत्रों से हटा दिए गए थे।<ref name=ssr96_1_4_197/> ग्रहों के गठन के बाद, सभी तथाकथित ' '[[आदि भीषण बमबारी]]' ' (LHB) के अधीन रहे थे। मंगल की लगभग ६०% सतह उस युग से आघातों का एक रिकार्ड दर्शाता है,<ref name=zharkov93/><ref name=icarus165_1/><ref name=barlow88/> जबकि शेष सतह का ज्यादातर हिस्सा शायद उन घटनाओं की वजह से बनी अत्याघात घाटियों द्वारा नीचे कर दिया गया है। मंगल के उत्तरी गोलार्द्ध में एक भारी संघात घाटी का प्रमाण है, जो १०,६०० कि॰मी॰ गुणा ८,५०० कि॰मी॰ में फैली, या करीबन चंद्रमा की [[दक्षिण ध्रुव—ऐटकेन घाटी]] से चार गुना बड़ी, अब तक की खोजी गई सबसे बड़ी संघात घाटी है।<ref name=northcratersn/><ref name=northcraterguard/> यह सिद्धांत सुझाव देता है कि लगभग चार अरब वर्ष पहले मंगल ग्रह [[प्लूटो]] आकार के पिंड द्वारा मारा गया था। यह घटना, [[मंगल का अर्धगोलार्ध विरोधाभास]], का कारण मानी जाती है, जिसने सपाट [[बोरेलिस घाटी]] रची जो कि ग्रह का ४०% हिस्सा समाविष्ट करती है।<ref name=sciam080627/><ref name=nyt080626/> मंगल ग्रह के भूवैज्ञानिक इतिहास को कई अवधियों में विभाजित किया जा सकता है, लेकिन निम्नलिखित तीन प्राथमिक अवधियां हैं:<ref name=jog91/><ref name=ssr_96_1_4/> [[File:734781main pia16804-full full.jpg|thumb|right|200px|मंगल ग्रह की यह चट्टान मार्स साइंस लेबोरेटरी के लिए अपना नीला-भूरा आंतरिक ढांचा उजागर करता हुआI<ref>{{cite web|url=http://www.nasa.gov/mission_pages/msl/multimedia/pia16804.html|title=Bluish Color in Broken Rock in 'Yellowknife Bay'|work=Nasa.gov|accessdate=2013-04-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20130829120250/http://www.nasa.gov/mission_pages/msl/multimedia/pia16804.html|archive-date=29 अगस्त 2013|url-status=live}}</ref>]] * '''नोएचियन काल''' ([[नोएचिस टेरा]] पर से नामित), आज से ४.५ अरब वर्ष पूर्व से लेकर ३.५ अरब वर्ष पूर्व तक की एक अवधि है, इसके दरम्यान मंगल ग्रह के सबसे पुराने मौजूदा सतहों का गठन हुआ था। नोएचियन आयु की सतहें कई बड़े संघात क्रेटरों द्वारा दिए जख्मों से दागदार है। [[थर्सिस]] उभार, एक ज्वालामुखीय उच्चभूमि है, जो तरल पानी द्वारा व्यापक बाढ़ के साथ, इस काल के दौरान बनी गई समझी जाती है। * '''हेस्पेरियन काल''' ([[हेस्पेरिया प्लैनम]] पर से नामित), ३.५ अरब वर्ष पूर्व से लेकर २.९—३.३ अरब वर्ष पूर्व तक की अवधि है, यह काल व्यापक लावा मैदानों के गठन द्वारा चिह्नित है। * '''अमेजोनियन काल''' ([[अमेजोनिस प्लेनिसिया]] पर से नामित), २.९—३.३ अरब वर्ष पूर्व से वर्तमान तक की अवधि है, अमेजोनियन क्षेत्रों के कुछ उल्का संघात क्रेटर है, लेकिन अन्यथा काफी विविध है। [[ओलम्पस मोन्स]] इसी अवधि के दौरान बना था। कुछ भूवैज्ञानिक गतिविधि अभी भी मंगल पर जारी है, [[अथाबास्का वैलेस]] पत्तर-सदृश्य लावा प्रवाहों के लिए लगभग २ अरब वर्ष पूर्व तक का बसेरा है।<ref name=ag44_4/> १९ फ़रवरी २००८ की [[मंगल टोही परिक्रमा यान]] की तस्वीरें ७०० मीटर ऊंची चट्टान से एक हिमस्खलन का प्रमाण दर्शाती है।<ref name=dc080304/> === मृदा === {{Main|मंगल की मिट्टी }} [[चित्र:Tharsis Tholus block.JPG|right|thumb|upright|Annotated image of Tharsis Tholus dark streak, as seen by [[Hirise]]. It is located in the middle left of this picture. [[Tharsis Tholus]] is just off to the right.]] [[फ़ीनिक्स (अंतरिक्ष यान)|फीनिक्स]] लैंडर के वापसी आंकड़े मंगल की मिट्टी को थोड़ा क्षारीय होना दर्शा रही है तथा [[मैग्नीशियम]], [[सोडियम]], [[पोटेशियम]] और [[क्लोराइड]] जैसे तत्वों को सम्मिलित करती है। यह पोषक तत्व पृथ्वी पर हरियाली में पाए जाते हैं एवं पौधों के विकास के लिए आवश्यक हैं।<ref name=bbc080627/> लैंडर द्वारा प्रदर्शित प्रयोगों ने दर्शाया है कि मंगल की मिट्टी की एक ८.३ की [[क्षार|क्षारीय]] [[pH]] है तथा [[लवण]] [[परक्लोरेट]] के अंश सम्मिलित कर सकते है।<ref name="marssalt" /><ref name=jpl_soil/> धारियाँ मंगल ग्रह भर में आम हैं एवं मांदों, घाटियों और क्रेटरों की खड़ी ढलानों पर अनेकों नई अक्सर दिखाई देती हैं। यह धारियाँ पहले स्याह होती है और उम्र के साथ हल्की होती जाती है। कभी कभी धारियाँ एक छोटे से क्षेत्र में शुरू होती हैं जो फिर सैकड़ों मीटरों तक बाहर फैलती जाती है। वे पत्थरों के किनारों और अपने रास्ते में अन्य बाधाओं का अनुसरण करते भी देखी गई है। सामान्य रूप से स्वीकार किये सिद्धांत इन बातों को शामिल करते है कि वे मिटटी की सतहों में गहरी अंतर्निहित रही है जो उज्ज्वल धूल के भूस्खलनों के बाद प्रकट हुई।<ref name=jpl_dust_devil/> कई स्पष्टीकरण सामने रख दिए गए, जिनमें से कुछ [[पानी]] या जीवों की वृद्धि भी शामिल करते है।<ref name=gpl29_23_41/><ref name=oleb33_4_515/> === जलविज्ञान === {{Main|मंगल पर जल}} [[चित्र:Nasa mars opportunity rock water 150 eng 02mar04.jpg|thumb|ओपोर्च्युनिटी रोवर द्वारा ली गई एक सूक्ष्मदर्शी तस्वीर, तरल जल की पूर्व मौजूदगी के संकेत युक्त एक धूसर हैमेटाईट पथरी दिखा रहा है]] निम्न वायुमंडलीय दाब के कारण मंगल की सतह पर तरल जल मौजूद नहीं है,निम्न उच्चतांशों पर अल्प काल के आलावा।<ref name="h" /><ref name=jgr110/> दो ध्रुवीय बर्फीली चोटियां मोटे तौर पर जल से बनी हुई नजर आती हैं। दक्षिण ध्रुवीय बर्फीली चोटी में जलीय बर्फ की मात्रा, अगर पिघल जाये, तो इतनी पर्याप्त है कि समूची ग्रहीय सतह को ११ मीटर गहरे तक ढँक देगा।<ref name=nasa070315/> [[जलीय बर्फ की विशाल मात्रा]] मंगल के मोटे [[क्रायोस्फेयर]] के नीचे फंसी हुई होना मानी गयी हैं। [[मार्स एक्सप्रेस]] और [[मंगल टोही परिक्रमा यान]] से प्रेषित रडार आंकड़े दोनों ध्रुवों (जुलाई 2005)<ref name="specials1" /><ref name=bbc040124/> और मध्य अक्षांशों (नवंबर 2008) पर जलीय बर्फ की बड़ी मात्रा दर्शाते है।<ref name="jsg.utexas.edu" /> ३१ जुलाई २००८ को फीनिक्स लैंडर ने मंगल की उथली मिट्टी में जलीय बर्फ की सीधी जांच की।<ref name="spacecraft1" /> मंगल की दृश्य भूरचनाएँ दृढ़ता से बताती है कि इस ग्रह की सतह पर कम से कम किसी समय तरल जल विद्यमान रहा है। ==== ध्रुवीय टोपियां ==== {{multiple image | align = right | direction = vertical | width = 230 | image1 = Martian north polar cap.jpg <!-- Mars NPArea-PIA00161 modest.jpg --> | caption1 = १९९९ में मंगल की उत्तरी बर्फ टोपी I | image2 = South Polar Cap of Mars during Martian South summer 2000.jpg | caption2 = २००० में मंगल की दक्षिण ध्रुवीय टोपी I }} मंगल की दो स्थायी ध्रुवीय बर्फ टोपियां है। ध्रुव की सर्दियों के दौरान, यह लगातार अंधेरे में रहती है, सतह को जमा देती है और CO<sub>2</sub> बर्फ ([[शुष्क बर्फ]]) की परतों में से वायुमंडल के २५-३० % के [[निक्षेपण]] का कारण होती है।<ref name=icarus169/> जब ध्रुव फिर से सूर्य प्रकाश से उजागर होते है, जमी हुई [[कार्बन डाईऑक्साइड|CO<sub>2</sub>]] का [[उर्ध्वपातन (रसायन)|उर्ध्वपातन]] होता है, जबरदस्त हवाओं का निर्माण होता है जो ध्रुवों को ४०० कि॰मी॰/घंटे की रफ़्तार से झाड़ देती है। ये मौसमी कार्रवाईयां बड़ी मात्रा में धूल और जल वाष्प का परिवहन करती है, जो पृथ्वी की तरह तुषार और बड़े बादलों को जन्म देती है। २००४ में [[ओपोर्च्युनिटी]] द्वारा जल-बर्फ के बादलों का छायांकन किया गया था। <ref name="clouds" /> दोनों ध्रुवों पर ध्रुवीय टोपियां मुख्यतः जल-बर्फ की बनी है। जमी हुई कार्बन डाइऑक्साइड केवल उत्तरी सर्दियों में उत्तर टोपी पर लगभग एक मीटर की एक अपेक्षाकृत मोटी परत के रूप में इकट्ठी होती है, जबकि दक्षिण टोपी लगभग आठ मीटर की मोटी शुष्क बर्फ से स्थायी रूप से ढंकी होती है।<ref name=darling_marspoles/> मंगल की उत्तरी गर्मियों के दौरान उत्तरी ध्रुवीय टोपी का व्यास १.००० कि॰मी॰ के करीब होता है,<ref name=mira/> और लगभग १६ लाख घन कि॰मी॰ की बर्फ शामिल करती है, जो अगर टोपी पर समान रूप से फैल जाए तो २ कि॰मी॰ की मोटी होगी<ref name="brown" /> (यह [[ग्रीनलैंड बर्फ चादर]] की २८.५ लाख घन कि॰मी॰ की मात्रा के तुल्य है), दक्षिणी ध्रुवीय टोपी का व्यास ३५० कि॰मी॰ और मोटाई ३ कि॰मी॰ है।<ref name="phillips" /> दक्षिण ध्रुवीय टोपी और समीपवर्ती स्तरित निक्षेपों में बर्फ की कुल मात्रा का अनुमान १६ लाख घन कि॰मी॰ का लगाया गया है।<ref name=sci315/> दोनों ध्रुवीय टोपियां सर्पिल गर्ते प्रदर्शित करती हैं, जिसे हाल के बर्फ भेदन रडार [[मंगल उथला रडार ध्वनी यंत्र|शरद]] (मंगल का उथला रडार ध्वनी यंत्र (SHARAD)) के विश्लेषण ने दिखाया है, यह [[अधोगामी हवाओं]] का एक परिणाम हैं और [[कोरिओलिस प्रभाव]] ([[:en:Coriolis Effect|Coriolis Effect]]) के कारण सर्पिल हैं।<ref>{{cite journal| title=Onset and migration of spiral troughs on Mars revealed by orbital radar | author=Smith, Isaac B.; Holt, J. W. | journal=Nature | volume=465 | year=2010 | pages=450–453 | doi=10.1038/nature09049|bibcode = 2010Nature....32..450P | issue=4 }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.space.com/8494-mystery-spirals-mars-finally-explained.html|publisher=Space.com|title=Mystery Spirals on Mars Finally Explained|date=26 मई 2010|accessdate=2010-05-26|archive-url=https://web.archive.org/web/20120403180933/http://www.space.com/8494-mystery-spirals-mars-finally-explained.html|archive-date=3 अप्रैल 2012|url-status=live}}</ref> दक्षिणी बर्फ टोपी के पास के कुछ इलाकों के मौसमी तुषाराच्छादन का परिणाम, जमीन के ऊपर शुष्क बर्फ की १ मीटर मोटी पारदर्शी परत के निर्माण के रूप में होता है। बसंत के आगमन के साथ, धूप उपसतह को तप्त के देती है और वाष्पीकृत CO<sub>2</sub> परत के नीचे से दबाव बनाती है, ऊपर उठती है और अंततः इसको तोड़ देती है। यह प्रक्रिया काली बेसाल्टी रेत या धूल के साथ मिश्रित CO<sub>2</sub> के [[गीजर-सदृश्य विष्फोट]] का नेतृत्व करती है। यह प्रक्रिया तेज होती है, कुछ दिनों, सप्ताहों या महीनों के लिए अंतरिक्ष में घटित होते देखी गई है, बल्कि भूविज्ञान में असामान्य परिवर्तन की एक दर है—विशेष रूप से मंगल के लिए। गीजर के स्थान पर परत के नीचे की गैस तेजी से दौड़ती है जो बर्फ के अन्दर त्रिज्यीय वाहिकाओं की एक मकड़ी जैसी आकृति को तराशती है।<ref name=2006-100/><ref name=Kieffer2000/><ref name=Portyankina/><ref name=Hugh2006/> नासा ने खोज द्वारा में पाया की मंगल ग्रह पर पानी पाया जाता है।{{उद्धरण आवश्यक}} === भूगोल === {{Main|मंगल का भूगोल }} [[चित्र:MarsTopoMap-PIA02031 modest.jpg|thumb|मंगल के स्थलाकृतिक नक्शे पर हावी, ज्वालामुखी पठार (लाल) और आघात घाटियां (नीली)]] हालांकि [[जोहान हेनरिच मैडलर]] और [[विलहेम बियर]] को चंद्रमा के मानचित्रण के लिए बेहतर ढंग से याद किया जाता है, जो कि पहले "हवाई फोटोग्राफर" थे। मंगल की अधिकतर सतही आकृतियां स्थायी थी, उन्होंने इसकी नींव रखना शुरू किया और ग्रह की घूर्णन अवधि का और बारीकी से निर्धारण किया। १८४० में, मैडलर ने दस वर्षों के संयुक्त अवलोकनों के बाद मंगल का पहला नक्शा खींचा। मैडलर और बियर ने विभिन्न स्थलाकृतियों को नाम देने की बजाय उन्हें सरलता से अक्षरों के साथ निर्दिष्ट किया; इस प्रकार मेरिडियन खाड़ी (सिनस मेरिडियन) थी आकृति "a"।<ref name=sheehan_ch04/> आज, मंगल की आकृतियों के नाम विविध स्रोतों पर से रखे गए है। एल्बिडो आकृतियां शास्त्रीय पौराणिक कथाओं पर से नामित है। ६० कि॰मी॰ (३७ मिल) से बड़े क्रेटर, दिवंगत वैज्ञानिकों या लेखकों या अन्य जिन्होंने मंगल के अध्ययन के लिए योगदान दिया है, पर से नामित है। ६० कि॰मी॰ से छोटे क्रेटरों के नाम विश्व के उन शहरों और गाँवों पर से है जिनकी आबादी एक लाख से कम है। बड़ी घाटियों के नाम विभिन्न भाषाओं में सितारों के नाम पर से और इसी तरह छोटी घाटियों के नाम नदियों पर से है।<ref>[http://planetarynames.wr.usgs.gov/Page/Categories Planetary Names: Categories for Naming Features on Planets and Satellites] {{Webarchive|url=https://www.webcitation.org/6TltAQ71G?url=http://planetarynames.wr.usgs.gov/Page/Categories |date=2 नवंबर 2014 }}. Planetarynames.wr.usgs.gov. Retrieved on 2011-12-01.</ref> बड़ी एल्बिडो आकृतियों को अनेक पुराने नामों पर ही रहने दिया गया है, लेकिन प्रायः आकृतियों की प्रकृति की नई जानकारी के हिसाब से इन्हें हटाकर इनका नवीकरण कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए, ''निक्स ओलाम्पिका'' ("ओलम्पस की बर्फ") हो गया ''ओलम्पस मोन्स'' (माउंट ओलम्पस)।<ref name=viking_1950_2000/> मंगल की सतह को भिन्न एल्बिडो के साथ दो प्रकार के क्षेत्रों में विभाजित किया गया है (जिस रूप में इसे पृथ्वी से देखा गया)। रक्तिम लौह आक्साइड से समृद्ध बालू और धूल से आच्छादित मैदानों को [[अरेबिया टेरा]] (अरब की भूमि) या [[अमेज़ोनिस प्लेनेसिया]] (अमेज़न का मैदान) नाम दिया गया। इन मैदानों को कभी मंगल के 'महाद्वीपों' के जैसा समझा जाता था। श्याम आकृतियों को समुद्र होना समझा जाता था, इसलिए उनके नाम [[मेयर एरीथ्रेयम]], [[मेयर सिरेनम]] और [[औरोरा सिनस]] है। पृथ्वी पर से देखी गई सबसे बड़ी श्याम आकृति [[सायर्टिस मेजर प्लैनम]] है।<ref name=seds_huygens/> स्थायी उत्तरी ध्रुवीय बर्फ टोपी [[प्लैनम बोरेयम]] के नाम पर है, जबकि दक्षिणी टोपी को [[प्लैनम ऑस्ट्राले]] कहा जाता है। मंगल का विषुववृत्त इसके घूर्णन द्वारा परिभाषित है, लेकिन इसकी [[मध्याह्न रेखा|प्रमुख मध्याह्न रेखा]] को एक मनमाने बिंदु के चुनाव द्वारा निर्धारित किया गया था, ठीक उसी तरह जैसे पृथ्वी का [[ग्रीनविच]]; मैडलर और बियर ने १८३० में मंगल के अपने पहले नक्शे के लिए एक रेखा का चयन किया था। १९७२ में अंतरिक्ष यान [[मेरिनर ९]] की पहुँच ने मंगल के व्यापक चित्रण प्रदान किये, उसके बाद [[सिनस मेरिडियन]] ("मध्य खाड़ी" या "मेरिडियन खाड़ी") में स्थित एक छोटे से क्रेटर (अब [[आइरी-शून्य]] कहा जाता है) को मूल चुनाव के साथ मेल के लिए ०.०° देशांतर की परिभाषा के लिए चुना गया था।<ref name=archinal_caplinger/> चूँकि मंगल पर महासागर नहीं है, इसलिए कोई 'समुद्र स्तर' भी नहीं है और एक शून्य-उन्नतांश सतह को संदर्भ के स्तर के रूप में भी चयनित किया जाना था; इसे मंगल का ''एरोइड'' (areoid) भी कहा जाता है,<ref name=NASAMola2007/> ठीक स्थलीय [[जियोइड]] ([[:en: Geoid|Geoid]]) के अनुरूप। शून्य उच्चतांश को उस उंचाई द्वारा परिभाषित किया गया है जहां पर ६१०.५ [[पास्कल]] (६.१०५ [[मिलीबार]]) का वायुमंडलीय दबाव है।<ref name=pers66/> यह दबाव जल के [[त्रिगुण बिंदु]] से मेल खाता है और पृथ्वी पर समुद्र स्तर के सतही दबाव (०.००६ एटीएम) का लगभग ०.६% है।<ref name=lunine99/> अभ्यास में, आज इस सतह को सीधे उपग्रह गुरुत्वाकर्षण मापों से परिभाषित किया गया है। {{wide image|Victoria Crater, Cape Verde-Mars.jpg|1100px|मंगल अन्वेषण रोवर [[ओपोर्च्युनिटी]] से ली गई एक लगभग शुद्ध-रंग छवि, केप वेर्ड़े से [[विक्टोरिया क्रेटर]] का दृश्य दिखाते हुए, यह तीन हफ़्तों से ज्यादा की अवधि में खिंची गई थी, १६ अक्टूबर से ६ नवम्बर २००६.}} ==== चतुष्कोणों का नक्शा ==== मंगल ग्रह की तस्वीरों के निम्न नक्शे [[संयुक्त राज्य भूगर्भ सर्वेक्षण]] द्वारा परिभाषित 30 [[मंगल के चतुष्कोणों की सूची|चतुष्कोणों]] में विभाजित है।<ref name="mapping mars">{{cite book| title=Mapping Mars: Science, Imagination, and the Birth of a World | url=https://archive.org/details/mappingmarsscien00mort_0 |first=Oliver |last=Morton |publisher=Picador USA |location=New York |year=2002| isbn=0-312-24551-3 |page=[https://archive.org/details/mappingmarsscien00mort_0/page/98 98] }}</ref><ref>[http://ralphaeschliman.com/id30.htm Online Atlas of Mars] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130505042300/http://ralphaeschliman.com/id30.htm |date=5 मई 2013 }}. Ralphaeschliman.com. Retrieved on 2012-12-16.</ref> यह चतुष्कोण "मंगल ग्रह चार्ट" के लिए उपसर्ग "MC" के साथ क्रमांकित हैं।<ref>[http://photojournal.jpl.nasa.gov/catalog/PIA03467 Catalog Page for PIA03467] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130508171623/http://photojournal.jpl.nasa.gov/catalog/PIA03467 |date=8 मई 2013 }}. Photojournal.jpl.nasa.gov (2002-02-16). Retrieved on 2012-12-16.</ref> चतुष्कोण पर क्लिक करें और आप इसी लेख के पृष्ठों पर ले जाए जाएंगे। उत्तर दिशा शीर्ष पर है,{{Coord|0|N|180|W|globe:Mars}} भूमध्य रेखा के एकदम बांये है। नक्शों की तस्वीरें [[मार्स ग्लोबल सर्वेयर]] द्वारा ली गई थी। {{मंगल के चतुष्कोण}} ==== आघात स्थलाकृति ==== मंगल ग्रह की द्विभाजन स्थलाकृति असाधारण है: उत्तरी मैदान लावा प्रवाहों द्वारा चपटे है, इसके विपरीत दक्षिणी उच्चभूमि, गड्ढों और प्राचीन आघातों द्वारा दागदार है। २००८ के अनुसंधान ने १९८० की अभिधारणा में प्रस्तावित एक सिद्धांत कि, चार अरब वर्ष पहले, [[चन्द्रमा]] के आकार के एक-दहाई से दो-तिहाई की एक चीज ने मंगल ग्रह के उत्तरी गोलार्द्ध को दे मारा था, के सम्बन्ध में साक्ष्य प्रस्तुत किया। यदि मान्य है, इसने मंगल के उत्तरी गोलार्द्ध को बनाया होगा, यह स्थल एक अघात से बना १०,६०० कि॰मी॰ लंबा और ८,५०० कि॰मी॰ चौड़ा गड्ढा है, जो मोटे तौर पर यूरोप, एशिया और आस्र्टेलिया के संयुक्त क्षेत्रफल जितना है, आश्चर्यजनक रूप से [[दक्षिण ध्रुव-ऐटकेन घाटी]] आघात गढ्ढे के रूप में सौरमंडल में सबसे बड़ी है।<ref name=northcratersn/><ref name=northcraterguard /> मंगल अनेक संख्या के [[प्रहार क्रेटर|आघात गड्ढो]] के जख्मों से अटा पड़ा है, ५ कि॰मी॰ या इससे अधिक व्यास के कुल ४३,००० गड्ढे पाए गए है।<ref name=wright03/> निश्चित ही इनमे से सबसे बड़ा है [[हेलास आघात घाटी]], एक फीकी [[धवल आकृति]] जो पृथ्वी से नजर आती है।<ref name=ucar_geography/> मंगल के अपेक्षाकृत छोटे द्रव्यमान के कारण इस ग्रह के साथ किसी वस्तु के टकराने की संभावना पृथ्वी की तुलना में आधी है। मंगल की स्थिति क्षुद्रग्रह पट्टे के करीब है, इसीलिए उस स्रोत से मलबे द्वारा प्रहार होने की संभावना की वृद्धि हुई है। मंगल पर इसी तरह के प्रहार होने की संभावना उन लघु-अवधि [[धूमकेतु|धूमकेतुओं]] के द्वारा और अधिक है, जो कि बृहस्पति की कक्षा के भीतर मौजूद है।<ref name=emp9/> इन सबके बावजूद, मंगल पर अब तक चंद्रमा की तुलना में कम गड्ढे हैं क्योंकि मंगल का वायुमंडल छोटी उल्काओं के प्रहार खिलाफ ग्रह को संरक्षण प्रदान करता है। कुछ गड्ढो की आकारिकी ऐसी है कि वह उल्का प्रहार हो जाने के बाद जमीन में नमी होने का सुझाव देती है।<ref name=emp45/> ==== विवर्तनिक स्थल ==== [[चित्र:Olympus Mons alt.jpg|thumb|शीर्ष से [[ओलम्पस मोन्स]] के शिखर का दृश्य, सौरमंडल में ज्ञात सर्वोच्च पर्वत.]] [[ओलम्पस मोन्स]] (ओलम्पस पर्वत), एक २७ कि॰मी॰ का [[ढाल ज्वालामुखी]] है जो सौरमंडल में सबसे बड़ा ज्ञात पर्वत है।<ref name=glenday09/> यह विशाल उच्चभूमि क्षेत्र [[थर्सिस]] ([[:en:Tharsis|Tharsis]]) में एक विलुप्त ज्वालामुखी है, जो अन्य कई बड़े जवालामुखीयों को शामिल करता है। ओलम्पस मोन्स, ८.८ कि॰मी॰ ऊँचे [[माउंट एवरेस्ट]] से तीन गुना से भी ज्यादा उंचा है।<ref name=scsdes49/> एक बड़ी घाटी, [[वैल्स मेरिनेरिस]] की लम्बाई ४,००० कि॰मी॰ और गहराई ७ कि॰मी॰ तक है। वैल्स मेरिनेरिस की लंबाई यूरोप की लंबाई के बराबर है तथा यह आरपार मंगल की परिधि के पांचवें भाग जितना फैला हुआ है। तुलना के लिए, पृथ्वी पर [[ग्रांड घाटी]] मात्र ४४६ कि॰मी॰ लम्बी और करीबन २ कि॰मी॰ गहरी है। वैल्स मेरिनेरिस, थर्सिस क्षेत्र के फुलाव की वजह से बना था जो वाल्लेस मेरिनेरिस के क्षेत्र में पर्पटी के पतन का कारण है। एक और बड़ी घाटी [[मा'अडिम वैलिस]] ([[हिब्रू]] में मंगल ग्रह के लिए मा'अडिम शब्द है) है। यह ७०० किमी लंबी और फिर से कुछ स्थानों में २० किमी की चौड़ाई और २ किमी की गहराई के साथ ग्रांड घाटी से बहुत बड़ी है। इसकी संभावना है कि मा'अडिम वैलिस पूर्व में तरल पानी से जलमग्न थी।<ref name=lucchita_rosanova/> ==== गुफाएं ==== [[चित्र:Mars caves from NASA orbiters.jpg|thumb|left| मंगल की गुफा के प्रवेश द्वार की [[तापीय उत्सर्जन छविअंकन प्रणाली|थीमिस]] छवि के संभावित अनौपचारिक नाम है: (A) डेना, (B) क्लोए, (C) वेन्डी, (D) एनी, (E) ऐबी (बाएं) और निक्की और (F) जेंने.]] नासा के [[मार्स ओडिसी यान]] ने अपने [[तापीय उत्सर्जन छविअंकन प्रणाली]] ([[:en:Thermal Emission Imaging System|THEMIS]]) से प्राप्त छवियों की सहायता से [[अर्सिया मॉन्स]] ज्वालामुखी के किनारे पर [[गुफा]] के सात संभावित प्रवेश द्वारों का पता लगाया है।<ref name=cushing_titus_wynn07/> इन गुफाओं के नाम उनके खोजकर्ता के प्रियजनों पर रखे गए है, सामूहिक तौर पर इन्हें ' 'सात बहनों' ' के रूप में जाना जाता है।<ref name=nau070328/> गुफा के मुहाने की चौड़ाई १०० मीटर से २५२ मीटर तक मापी गई है और इसकी गहराई ७३ मीटर से ९६ मीटर तक होना मानी गयी है। चूँकि अधिकाँश गुफाओं की फर्श तक रोशनी पहुँच नहीं पाती है, यह संभावना है कि वे इन कम अनुमान की तुलना से विस्तार में कहीं ज्यादा गहरी और सतह के नीचे चौड़ी हो। ' ' डेना' ' एकमात्र अपवाद है, इसका तल दृश्यमान है और गहराई १३० मीटर मापी गई थी। इन कंदराओं के भीतरी भाग, सूक्ष्म उल्कापात, पराबैगनी विकिरण, [[सौर ज्वालाओं]] और उच्च ऊर्जा कणों से संरक्षित रहे हो सकते है जो ग्रह की सतह पर बमबारी करते है।<ref name=bbc070317/> === वायुमंडल === {{Main|मंगल का वायुमंडल }} [[चित्र:Mars atmosphere.jpg|thumb|निम्न-कक्षा छवि में मंगल का कमजोर वातावरण क्षितिज पर दिखाई पड़ रहा है]] मंगल ने अपना [[चुम्बकीय गोला|मेग्नेटोस्फेयर]] ४ अरब वर्ष पहले खो दिया है,<ref name="swind" /> इसीलिए [[सौर वायु]] मंगल के [[आयनमंडल]] के साथ सीधे संपर्क करती है, जिससे उपरी परत से परमाणुओं के बिखरकर दूर होने से वायुमंडलीय सघनता कम हो रही है। [[मार्स ग्लोबल सर्वेयर]] और [[मार्स एक्सप्रेस]] दोनों ने इस आयानित वायुमंडलीय कणों का पता लगाया है जो अंतरिक्ष में मंगल के पीछे फ़ैल रहे हैं।<ref name="swind" /><ref name="swind2" /> पृथ्वी की तुलना में, मंगल ग्रह का वातावरण काफी विरल है। सतही स्तर पर ६०० [[Pa]] (०.६० [[kPa]]) के औसत दबाव के साथ, सतह पर वायुमंडलीय दाब का विस्तार, [[ओलम्पस मोन्स]] पर ३० Pa (०.०३० kPa) निम्न से [[हेल्लास प्लेनिसिया]] में १,१५५ Pa (१ .१५५ kPa) के ऊपर तक है।<ref name=bolonkin09/> अपने सबसे मोटाई पर मंगल का सतही दबाव, पृथ्वी की सतह से ३५ कि॰मी॰ ऊपर पाए जाने वाले दबाव के बराबर है।<ref name=atkinson07/> यह पृथ्वी के सतही दबाव से १% कम है (१०१.३ kPa)। वायुमंडल का [[स्केल हाईट]] लगभग १०.८ कि॰मी॰ है,<ref name=carr06/> जो कि पृथ्वी पर से (६ कि॰मी॰) उंचा है क्योंकि मंगल का सतही गुरुत्व पृथ्वी के सतही गुरुत्व से केवल ३८% है, इस प्रभाव की भरपाई मंगल के वातावरण के ५०% से अधिक औसत आणविक भार और कम तापमान द्वारा की जाती है। मंगल का वायुमंडल ९५% [[कार्बन डाइऑक्साइड]], ३% [[नाइट्रोजन]], १.६% [[आर्गन]] से बना हैं और [[ऑक्सीजन]] और पानी के निशान शामिल हैं।<ref name="nssdc" /> वातावरण काफी धूल युक्त है, जो मंगल के आसमान को एक गहरा पीला रंग देता है जैसा सतह से देखा गया।<ref name="dusty" /> [[चित्र:Martian Methane Map.jpg|thumb|left|मीथेन का नक्शा]] मंगल के वातावरण में [[मीथेन]] का पता ३० [[पीपीबी]] की [[मोल भिन्नता]] के साथ लगाया गया है;<ref name="methane-me" /><ref name="methane" /> यह विस्तारित पंखों में पाई जाती है और रूपरेखा बताती है कि मीथेन असतत क्षेत्रों से जारी की गई थी। उत्तरी मध्य ग्रीष्म में, प्रधान पंख १९,००० मीट्रिक टन मीथेन शामिल करती है, ०.६ किलोग्राम प्रति सेकंड की एक शक्तिशाली स्रोत के साथ।<ref name=plumes/><ref name=hand08/> रूपरेखा सुझाव देती है कि वहां दो स्थानीय स्रोत क्षेत्र हो सकते है, पहला ३०° उत्तर,२६०° पश्चिम के नजदीकी केंद्र और दूसरा ०°, ३१०° पश्चिम के नजदीक।<ref name=plumes /> यह अनुमान है कि मंगल २७० टन / वर्ष मीथेन उत्पादित करता है।<ref name=plumes /><ref name="results" /> गर्भित मीथेन के विनाश का जीवनकाल लम्बे से लंबा ४ पृथ्वी वर्ष और छोटे से छोटा ०.६ पृथ्वी वर्ष हो सकता है।<ref name=plumes /><ref name=nature460/> [[ज्वालामुखी]] गतिविधि, [[धूमकेतु]] संघातों और [[:en:methanogen|मीथेन पैदा करने वाले]] [[सूक्ष्मजीव|सूक्ष्मजीवी]] जीवन रूपों की उपस्थिति, संभव स्रोतों के बीच हैं। मीथेन एक गैर-जैविक प्रक्रिया द्वारा भी पैदा हो सकी है जिसे [[:en:serpentinite|सर्पेंटाइनीजेसन]] कहा जाता है, जो पानी, कार्बन डाईआक्साइड और उस [[ओलीवाइन|ओलिविन]] [[खनिज]] को शामिल करता है, जिसे मंगल पर आम होना माना जाता है।<ref name="olivine" /> === जलवायु === [[चित्र:2005-1103mars-full.jpg|thumb|left|मंगल ग्रह [[हबल अंतरिक्ष दूरदर्शी]] से २८ अक्टूबर २००५, दृश्य धूल तूफान के साथ]] {{Main|मंगल का जलवायु}} सौरमंडल के सभी ग्रहों में, समान घूर्णन अक्षीय झुकाव के कारण मंगल और पृथ्वी पर ऋतुएँ ज्यादातर एक जैसी है। मंगल के ऋतुओं की लम्बाइयां पृथ्वी की अपेक्षा लगभग दोगुनी है, सूर्य से अपेक्षाकृत अधिक से अधिक दूर होने से मंगल के वर्ष, लगभग दो पृथ्वी-वर्ष लम्बाई जितने आगे हैं। मंगल सतह का तापमान भी विविधतापूर्ण है, ध्रुवीय सर्दियों के दौरान तापमान लगभग −८७° से. (−१२५° फे.) नीचे से लेकर गर्मियों में −५° से. (२३° फे.) ऊँचे तक रहता है।<ref name="h" /> व्यापक तापमान विस्तार, निम्न वायुमंडलीय दाब, निम्न [[तापीय जड़त्व]] और पतले वायुमंडल, जो ज्यादा सौर ताप संग्रहित नहीं कर सकता, के कारण है। यह ग्रह पृथ्वी की तुलना में सूर्य से १.५२ गुना अधिक दूर भी है, परिणामस्वरूप मात्र ४३% सूर्य प्रकाश की मात्रा ही पहुँच पाती है।<ref name=disc920901/> यदि मंगल की एक पृथ्वी-सदृश्य कक्षा थी, तो उसकी ऋतुएँ भी पृथ्वी-सदृश्य रही होगी क्योंकि दोनों ग्रहों का [[अक्षीय झुकाव]] लगभग समान है। तुलनात्मक रूप से मंगल की बड़ी कक्षीय विकेन्द्रता एक महत्वपूर्ण प्रभाव रखती है। मंगल {{उपसौर}} के नजदीक होता है तब दक्षिणी गोलार्द्ध में गर्मी और उत्तर में सर्दी होती है और {{अपसौर}} के नजदीक होता है तब दक्षिणी गोलार्द्ध में सर्दी और उत्तर में गर्मी होती है। परिणामस्वरूप, दक्षिणी गोलार्द्ध में मौसम अधिक चरम और उत्तरी गोलार्द्ध में मौसम मामूली होता है अन्यथा मामला कुछ अलग ही होता। दक्षिण में ग्रीष्म तापमान ३०° से. (८६° फे.) तक पहुँच सकता है जो उत्तर में समतुल्य ग्रीष्म तापमान से ज्यादा तप्त होता है।<ref name=goodman97/> मंगल पर हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा [[धूल तूफ़ान]] है। यह विविधता लिए हो सकता है, छोटे हिस्से पर से लेकर इतना विशाल तूफ़ान कि समूचे ग्रह को ढँक दे। वें तब प्रवृत्त पाए जाते है जब सूर्य के समीप होते है और वैश्विक तापमान के लिए वृद्धि दर्शा गए है।<ref name=philips01/> मंगल ग्रह पर पृथ्वी की अपेक्षा गुरुत्वाकर्षण (Gravity) कम है इसे 1/6 मानी जाती है ।
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)