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== अनुष्ठान == {{main|रक्षासूत्र}} प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर लड़कियाँ और महिलाएँ [[पूजा की थाली]] सजाती हैं। थाली में राखी के साथ [[रोली]] या [[हल्दी]], [[चावल]], [[दीपक]], [[मिठाई]] और कुछ [[पैसे]] भी होते हैं। लड़के और पुरुष तैयार होकर [[टीका]] करवाने के लिये पूजा या किसी उपयुक्त स्थान पर बैठते हैं। पहले अभीष्ट [[देवता]] की पूजा की जाती है, इसके बाद रोली या हल्दी से भाई का टीका करके चावल को टीके पर लगाया जाता है और सिर पर छिड़का जाता है, उसकी [[आरती]] उतारी जाती है, [[दाहिना|दाहिनी]] [[कलाई]] पर राखी बाँधी जाती है और पैसों से न्यौछावर करके उन्हें गरीबों में बाँट दिया जाता है। भारत के अनेक प्रान्तों में भाई के कान के ऊपर [[भोजली देवी|भोजली]] या [[भोजली देवी|भुजरियाँ]] लगाने की प्रथा भी है। भाई बहन को [[उपहार]] या [[धन]] देता है। इस प्रकार रक्षाबन्धन के अनुष्ठान को पूरा करने के बाद ही भोजन किया जाता है। प्रत्येक पर्व की तरह उपहारों और खाने-पीने के विशेष पकवानों का महत्त्व रक्षाबन्धन में भी होता है। आमतौर पर दोपहर का भोजन महत्त्वपूर्ण होता है और रक्षाबन्धन का अनुष्ठान पूरा होने तक बहनों द्वारा [[व्रत]] रखने की भी परम्परा है। पुरोहित तथा आचार्य सुबह-सुबह यजमानों के घर पहुँचकर उन्हें राखी बाँधते हैं और बदले में धन, वस्त्र और भोजन आदि प्राप्त करते हैं। यह पर्व [[भारत|भारतीय]] समाज में इतनी व्यापकता और गहराई से समाया हुआ है कि इसका सामाजिक महत्त्व तो है ही, [[धर्म]], [[पुराण]], [[इतिहास]], [[साहित्य]] और [[फ़िल्म|फ़िल्में]] भी इससे अछूते नहीं हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.prabhatkhabar.com/religion/raksha-bandhan-2020-date-when-is-the-festival-of-rakshabandhan-know-the-date-auspicious-time-and-its-importance|title=Raksha Bandhan 2020 Date: कब है रक्षाबंधन का त्योहार, जानिए तारीख, शुभ मुहूर्त और इसका महत्व|website=Prabhat Khabar - Hindi News|language=hi|access-date=2020-08-02}}</ref> आप को बता दें कि रक्षाबंधन त्यौहार मनाने का कोई भी प्रमाण हमारे शास्त्रों व पवित्र धर्मग्रंथों जैसे वेद, श्री मद्भगवत गीता, पुराण आदि में नही मिलता, यह बस एक लोक मान्यता है। हैरानी की बात तो यह है कि इस दिन जिन बहनों के भाई नही होते वह रोती है तथा भाई न होने का पश्चाताप करती है। जबकि सच्चाई यह है कि यदि हम एक परमात्मा की भक्ति करें तो हमारी (बहन-भाई की) रक्षा सम्भव है।<ref name=":0" /> [[File:OM in Rakhi.jpg|thumb| राखी में ओम,राखी में गणेश (२ )]] [[File:Ganesha in Rakhi (2).jpg|thumb|राखी में गणेश (२ )]] [[File:Rakhi 2.jpg|thumb|राखी २ ]]
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