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== ये बनती कैसे हैं ? == रेडियो तरंगें विद्युत धारा को रेडियो आवृत्ति पर प्रत्यावर्तन करने पर बनती हैं। यह धारा एक विशिष्ट चालक जिसे एण्टीना कहते हैं, से पास कराई जाती है। इसकी लम्बाई तरंग दैर्घ्य के बराबर ही होनी चाहिये, जिससे कि दक्षता से कार्य हो पाए। अत्यधिक लम्बी तरंगें प्रायौगिक नहीं हैं, क्योंकि उनके हेतु अत्यधिक लम्बा एण्टीना चाहिए, जो सम्भव नहीं है। हालांकि वे भी कभी कभी तडित (बिजली) गिरते समय बनती हैं। रेडियो तरंगें अंतरिक्षीय प्रक्रिया से भी बनतीं हैं, परंतु वे सुदूर गहन अंतरिक्ष में ही बनती हैं।
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