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== निदान == [[Image:Thorax CT peripheres Brronchialcarcinom li OF.jpg|thumb|बाएं फेफड़े में कैंसर कारक ट्यूमर दर्शाता [[सीटी स्कैन]]]] यदि कोई व्यक्ति ऐसे लक्षण रिपोर्ट करता है जो फेफड़े के कैंसर का इशारा करें तो पहला परीक्षण चरण [[सीने का रेडियोग्राफ]] करना है। यह एक स्पष्ट द्रव्यमान [[मध्यस्थानिका]] का विस्तार ([[लिंफनोड]] के विस्तार को दर्शाती), [[श्वासरोध]] (निपात), जमाव ([[निमोनिया]]) या [[फुफ्फुसीय बहाव]] को दिखा सकता है।<ref name="Merck" /> [[X-ray computed tomography|सीटी इमेजिंग]] आम तौर से, रोग के प्रकार और हद के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करने के लिए किया जाता है। [[ब्रॉन्कोस्कोपी]] या सीटी-निर्देशित [[बायप्सी]] को अक्सर [[हिस्टोपैथोलॉजी]] के लिए ट्यूमर के नमूने के लिए किया जाता हैं।<ref name="Collins" /> सीने के रेडियोग्राफ में कैंसर एक [[एकल फेफड़ा गांठ]] के रूप में दिख सकता है। हालांकि [[विभेदक निदान]] विस्तृत है। कई अन्य भी ऐसे रोग हैं जो ऐसे ही लगते हैं जिनमें [[तपेदिक]], फंगल संक्रमण, मेटास्टेटिक कैंसर या [[अनसुलझा निमोनिया]] शामिल है। एकल फेफड़ा गांठ के कम आम कारणों में [[हमरटोमा]], [[ब्रॉन्कोजेनिक सिस्ट]], [[एडीनोमा]], [[आर्ट्रियोवेनस मैलफंक्शन]], [[फेफड़े का सीक्वेस्ट्रेशन]], [[रुमेटी गांठ]], [[वेगनर्स ग्रैन्यूलोमेटोसिस]] या [[लिम्फोमा]] शामिल है।<ref>{{Cite book | last=Miller |first=WT | title=Fishman's Pulmonary Diseases and Disorders | publisher=McGraw-Hill | year=2008 | page=486 | edition=4th | isbn=0-07-145739-9 }}</ref> फेफड़े का कैंसर एक [[incidentaloma|प्रासंगिक खोज]] हो सकती है क्योंकि किसी असंबद्ध कारण से भी सीने के रेडियोग्राफ या सीटी स्कैन को किये जाने पर कोई एकल फेफड़े की गांठ मिल सकती है।<ref name="Fishman1815">{{Cite book | last=Kaiser | first=LR | title=Fishman's Pulmonary Diseases and Disorders | publisher=McGraw-Hill | year=2008 | pages=1815–1816 | edition=4th | isbn=0-07-145739-9 }}</ref> फेफड़े के कैंसर का निश्चित निदान, चिकित्सीय तथा रेडियोलॉजिकल गुणों के संदर्भ में संदेहास्पद ऊतकों के [[histopathology|ऊतकीय]] परीक्षण से होता है।<ref name="Harrison" /> === वर्गीकरण === {| class="wikitable floatright" style="text-align:center;font-size:90%;width:45%;margin-left:1em" |+ style="background:#E5AFAA;"|'''Age-adjusted [[incidence (epidemiology)|incidence]] of lung cancer by histological type'''<ref name="MurrayNadel46" /> |- style="background: #E5AFAA;text-align:center;font-size:90%;" ! abbr="Type" | Histological type ! abbr="Frequency" | Incidence per 100,000 per year |- | All types | 66.9 |- | Adenocarcinoma | 22.1 |- | Squamous-cell carcinoma | 14.4 |- | Small-cell carcinoma | 9.8 |} फेफड़े के कैंसर को [[histopathology|ऊतकीय प्रकार]] के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है।<ref name="Holland-Frei78" /> यह वर्गीकरण, रोग के निर्धारण प्रबंधन तथा परिणामों की भविष्यवाणी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। फेफड़े के कैंसरों का अधिकांश, [[उपत्वचीय कोशिकाओं]] से पैदा होने वाले[[कार्सिनोमा]]—दुर्दमताएं हैं। फेफड़े के कार्सिनोमाओं को [[माइक्रोस्कोप]] से हिस्टोपैथोलॉजिस्ट द्वारा देखे जाने पर दुर्दम कोशिकाओं के आकार व स्वरूप से वर्गीकृत किया जाता है। गैर-छोटी कोशिका तथा छोटी-कोशिका फेफड़ा कार्सिनोमा दो व्यापक वर्ग हैं।<ref name="Robbins" /> ==== गैर-छोटे कोशिका फेफड़े के कार्सिनोमा ==== [[Image:Squamous carcinoma lung 2 cytology.jpg|thumb|left| [[स्क्वैमस कार्सिनोमा]] का [[माइक्रोग्राफ]] एक प्रकार का गैर-छोटा-कोशिका कार्सिनोमा, [[एफएनए नमूने]], [[पैप स्टेन]]]] एनएससीएलसी के तीन मुख्य प्रकार [[एडेनोकार्सिनोमा]], [[स्क्वैमस-कोशिका फेफड़ा कार्सिनोमा]] और [[बड़ा-कोशिका-फेफड़ा कार्सिनोमा]] हैं।<ref name="Harrison" /> फेफड़े के कैंसर में से लगभग 40% एडेनोकार्सिनोमा होते हैं जो कि आम तौर पर परिधीय फेफड़ा ऊतकों में शुरु होते हैं।<ref name="Holland-Frei78">{{cite book | last=Lu | first=C |author2=Onn A, Vaporciyan AA et al. | title=Holland-Frei Cancer Medicine |edition=8th | chapter=78: Cancer of the Lung | publisher=People's Medical Publishing House | year=2010 |isbn=9781607950141}}</ref> एडेनोकार्सिनोमा अधिकांश मामले धूम्रपान से संबंधित है; हालांकि वे लोग, जिन्होने पूरे जीवन में 100 से कम सिगरटें पी हैं (“कभी भी धूम्रपान न करने वाले”),<ref name="Harrison" /> उनमें एडेनोकार्सिनोमा, फेफड़े के कैंसर का सबसे मुख्य कारण है।<ref name="Subramanian">{{cite journal | last=Subramanian | first=J |author2=Govindan R |title=Lung cancer in never smokers: a review | journal=Journal of Clinical Oncology | volume=25 | issue=5 | pages=561–570| publisher=American Society of Clinical Oncology | month=February | year=2007 | pmid=17290066 |doi=10.1200/JCO.2006.06.8015 }}</ref> एडेनोकार्सिनोमा का एक उप-प्रकार [[ब्रॉन्किओलोआवियोलर कार्सिनोमा]], कभी धूम्रपान न करने वाली महिलाओं में अधिक आम है और उनमें अधिक लंबी उत्तरजीविता हो सकती है।<ref name="Raz"/> स्क्वैमस-कोशिका कार्सिनोमा 30% से अधिक फेफड़े के कैंसर के लिए जिम्मेदार है। वे आम तौर पर बड़े वायु-मार्गों में होते हैं। एक खोखली गुहा तथा संबंधित [[necrosis|कोशिका मृत्यु]] आम तौर पर ट्यूमर के केन्द्र में पायी जाती है।<ref name="Holland-Frei78" /> फेफड़े के कैंसरों का लगभग 9% बड़ी-कोशिका कार्सिनोमा होते हैं। इनको यह नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि कैंसर कोशिकाए बड़ी होती हैं जिनमें अतिरिक्त [[साइटोप्लास्म]], बड़ा [[cell nucleus|नाभिक]] और विशिष्ट [[nucleolus|न्यूक्लिओली]] होता है।<ref name="Holland-Frei78" /> ==== छोटी-कोशिका फेफड़ा कार्सिनोमा ==== [[Image:Lung small cell carcinoma (1) by core needle biopsy.jpg|thumb|left|छोटी-कोशिका फेफड़ा कार्सिनोमा (कोर नीडिल बायप्सी का माइक्रोस्कोप का दृष्य)]] [[चोटी-कोशिका फेफड़ा कैंसर]] (एसीसएलसी) में कोशिका में न्यूरोस्रावी कणिकाएं ([[vesicle (biology)|पुटिकाएं]] होती हैं जिनमें [[न्यूरोएंडोक्राइन]] [[हार्मोन]] शामिल होते हैं), जो ट्यूमर को एक एंडोक्राइन/पैरानियोप्लास्टिक सिंड्रोम संबंध प्रदान करते हैं।<ref name="Rosti" /> अधिकांश मामले बड़े वायुमार्गों (प्राथमिक तथा द्वितीयक [[bronchus|श्वासनली]]) में उत्पन्न होते हैं।<ref name="Collins" /> ये कैंसर रोग के दौरान शीघ्र व तेजी से फैलते हैं। प्रस्तुति के समय साठ से सत्तर प्रतिशत में मेटास्टेटिक रोग होता है। इस प्रकार के फेफड़े के कैंसर मजबूती के साथ धूम्रपान से जुड़े होते हैं।<ref name="Harrison" /> ==== अन्य ==== चार मुख्य ऊतकीय उपप्रकार पहचाने गए हैं हालांकि कुछ कैंसरों में विभिन्न उपप्रकारों का संयोजन समाविष्ट हो सकता है।<ref name=Robbins>{{cite book | last=Maitra | first=A |author2=Kumar V | year=2007 | title=Robbins Basic Pathology|edition=8th | publisher=Saunders Elsevier | pages=528–529 | isbn=978-1-4160-2973-1 }}</ref> दुर्लभ उपप्रकारों में [[Salivary gland cancer|ग्रंथियों के ट्यूमर]], [[lung carcinoid|कार्सिनॉएड ट्यूमर]] और अविभाजित कार्सिनोमा शामिल हैं।<ref name="Harrison" /> ==== विक्षेप ==== {| class="wikitable floatright" style="text-align:center;font-size:90%;width:45%;margin-left:1em" |+ style="background:#E5AFAA;"|'''Typical [[immunostaining]] in lung cancer'''<ref name="Harrison" /> |- style="background: #E5AFAA;text-align:center;font-size:90%;" ! abbr="Type" | Histological type ! abbr="Frequency" | Immunostain |- | Squamous-cell carcinoma | [[Cytokeratin|CK]]5/6 positive <br>[[Keratin 7|CK7]] negative |- | Adenocarcinoma | CK7 positive <br>[[NK2 homeobox 1|TTF-1]] positive |- | Large-cell carcinoma | TTF-1 negative |- | Small-cell carcinoma | TTF-1 positive <br>[[Neural cell adhesion molecule|CD56]] positive <br>[[Granin|Chromogranin]] positive<br>[[Synaptophysin]] positive |} शरीर के दूसरे हस्सों से ट्यूमर के विस्तार के लिए, फेफड़ा एक आम स्थान है। द्वितियक कैंसर अपने मूल के स्थान के आधार पर वर्गीकृत किए जाते हैं; उदाहरण के लिए स्तन कैंसर जो कि फेफड़े में फैल जाता है उसे विक्षेपित स्तन कैंसर कहते हैं। विक्षेपों में अक्सर सीने के रेडियोग्राफ में गोल उपस्थिति का गुण दिखता है।<ref name="Seo" /> प्राथमिक फेफड़े के कैंसर अपने आप में सबसे अधिक आम तौर पर मस्तिष्क, हड्डियों, यकृत तथा [[अधिवृक्क ग्रंथियों]] विक्षेपित होते दिखते है।<ref name="Holland-Frei78" /> किसी बायप्सी की [[इम्युनोस्टेनिंग]] अक्सर मूल स्रोत के निर्धारण में सहायक होती है।<ref name="pmid18784820">{{cite journal |author=Tan D, Zander DS |title=Immunohistochemistry for Assessment of Pulmonary and Pleural Neoplasms: A Review and Update |journal=Int J Clin Exp Pathol |volume=1 |issue=1 |pages=19–31|year=2008|pmid=18784820 |pmc=2480532 }}</ref> === चरण निर्धारण === फेफड़े के [[कैसर का चरण निर्धारण]] मूल स्रोत से कैंसर के विस्तार की स्थिति की दर का आंकलन है। यह [[रोग के निदान]] तथा फेफड़े के कैंसर के संभावित उपचार को प्रभावित करने वाले कारकों में से एक है।<ref name="Harrison" /> गैर-छोटी कोशिका फेफड़े के कैंसर (एनएससीएलसी) के चरण निर्धारण का आरंभिक मूल्यांकन [[TNM staging system|टीएनएम वर्गीकरण]] का उपयोग करता है। यह प्राथमिक '''t'''umor (ट्यूमर) के आकार, लिंफ '''n'''ode (नोड) सहभागिता तथा दूरस्थ '''m'''etastasis (विक्षेप) पर आधारित होता है। इसके बाद टीएनएम वर्णनकर्ताओं का उपयोग करते हुए अदृष्य कैंसर से लेकर 0, IA (one-A), IB, IIA, IIB, IIIA, IIIB and IV (four) तक के समूहों में से एक असाइन किया जाता है। यह चरण समूह उपचार के चुनाव में तथा रोग के निदान में सहायता करता है।<ref name="Rami-Porta">{{Cite journal | last=Rami-Porta | first=R | author2=Crowley JJ, Goldstraw P | title=The revised TNM staging system for lung cancer | journal=Annals of Thoracic and Cardiovascular Surgery | volume=15 | issue=1 | pages=4–9 | month=February | year=2009 | url=http://www.atcs.jp/pdf/2009_15_1/4.pdf | pmid=19262443 | access-date=13 मई 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20120509223416/http://www.atcs.jp/pdf/2009_15_1/4.pdf | archive-date=9 मई 2012 | url-status=live }}</ref> छोटी-कोशिका फेफड़ा कार्सिनोमा (एससीएलसी) को पारंपरिक रूप से ‘सीमित चरण’ (छाती को आधे हिस्से में सीमित तथा एकल सहनीय [[रेडियोथेरेपी]] क्षेत्र के विस्तार के भीतर) या ‘व्यापक चरण’ (अधिक विस्तृत रोग) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।<ref name="Harrison" /> हालांकि, टीएनएम वर्गीकरण तथा समूहन रोग के निदान के परिकलन में उपयोगी हैं।<ref name="Rami-Porta" /> एनएससीएलसी तथा एससीएलसी, दोनो के लिए दो आम प्रकार के चरण निर्धारण – चिकित्सीय चरण निर्धारण तथा शल्य क्रिया चरण निर्धारण हैं। चिकित्सीय चरण निर्धारण को निश्चित शल्यक्रिया से पहले किया जाता है। यह इमेजिंग अध्ययन (जैसे कि [[X-ray computed tomography|सीटी स्कैन]] तथा [[positron emission tomography|पीईटी स्कैन]]) परिणामों तथा बायप्सी परिणामों पर आधारित होता है। शल्यक्रिया चरण निर्धारण को मूल्यांकन किसी शल्यक्रिया के दौरान या बाद में तथा शल्यक्रिया व चिकित्सीय परिणामों के संयुक्त परिणामों के आधार पर किया जाता है जिसमें थोरैकिक लिंफ नोड्स का चिकित्सीय नमूना लेना शामिल है।<ref name="Holland-Frei78" />
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