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प्रेमकृष्ण खन्ना
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=== अन्य संकल्पित परियोजनाएँ === उपरोक्त प्रकल्पों के क्रियान्वयन में खन्नाजी को जिन महान विभूतियों से शुभ कामनायें, सहयोग व आशीर्वाद मिला उनमें भारत के तत्कालीन प्रधानमन्त्री [[लालबहादुर शास्त्री|लाल बहादुर शास्त्री]] व [[इन्दिरा गांधी|इन्दिरा गान्धी]] उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमन्त्री [[चन्द्र भानु गुप्ता|चन्द्रभानु गुप्त]] तथा [[संपूर्णानन्द|सम्पूर्णानन्द]] एवं राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमन्त्री मोहनलाल सुखाडिया के नाम उल्लेखनीय हैं। इसके अतिरिक्त दो अन्य परियोजनाओं का प्रारूप भी वे अपने जीवन काल में कर गये थे-(१) काकोरी शहीद डिग्री कालेज जलालाबाद (शाहजहाँपुर) तथा (२) शहीदे-आजम पं० राम प्रसाद 'बिस्मिल' स्मृति भवन एवं क्रान्तिकारी संग्रहालय (शाहजहाँपुर)। इसके लिये उन्होंने उस समय (सन १९९१ में) १६ लाख रुपये नकद, बहादुरगंज शाहजहाँपुर का तलौआ का मैदान, जिस पर बिस्मिल स्मृति भवन व क्रान्तिकारी संग्रहालय बनाने की उनकी योजना शामिल थी; रजिस्टर्ड वसीयतनामे के तहत अपनी समस्त चल अचल सम्पत्ति ट्रस्ट के नाम कर दी थी। स्मृति भवन व संग्रहालय तो नहीं बना, हाँ जलालाबाद में उनके नाम पर "प्रेम किशन खन्ना राजकीय डिग्री कालेज" अवश्य बन गया। शाहजहाँपुर में खिरनी बाग स्थित राम प्रसाद 'बिस्मिल' का जन्म स्थान<ref>''युग के देवता-बिस्मिल और अशफाक'' पृष्ठ ५४</ref> आज भी किसी व्यक्ति के पास है। उसे न तो उत्तर प्रदेश सरकार और न ही भारत सरकार कोई प्रयास करके राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर सकी। जब दिल्ली के बल्लीमारान मोहल्ले में मिर्जा गालिब की हवेली का पुनरुद्धार व शानदार कायाकल्प केन्द्र सरकार कर सकती है तो बिस्मिल सरीखे क्रान्तिपुरुष का क्यों नहीं?
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