सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
अन्तर्दहन इंजन
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
== इंजन की नाप == इंजनों की नाप सिलिंडर के व्यास (Bore) और पिस्टन की दौड़(Stroke) से बताई जाती है। उदहारणत:, 12-18 इंच के इंजन का अर्थ यह है कि सिलिंडर का व्यास 12 इंच है और पिस्टन की दौड़ 18 इंच है। आधुनिक मोटरकार इंजनों में अपने उसी नाप के 20-30 वर्ष पहले के पूर्वजों की अपेक्षा कहीं अधिक सामर्थ्य रहता है। सामर्थ्य निम्नलिखित कारणों से बढ़ा है: # वाल्वों का अधिक ऊँचाई तक उठना और अंतर्ग्रहण छिद्र का बड़ा होना, जिससे ईधन मिश्रण के आने में कम द्रवघर्षण उत्पन्न होता है और इसलिए सिलिंडर में घुसनेवाले मिश्रण की तौल अधिक होती है; # निकास वाल्व का कुछ शीघ्र खुल जाना, जिससे पिस्टन पर उल्टा दाब नहीं पड़ता और ऋणात्मक कार्य नहीं करना पड़ता; # निकास वाल्व का कुछ देर में बंद होना, जिसके कारण जली गैसों को बाहर निकलने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है और वे अपने ही जडत्व से सिलिंडर से लगभग पूर्णत: निकल जाती हैं; # अंतर्ग्रहण वाल्व का कुछ बाद में बंद होना, जिससे संपीडन आघात के पश्चात् पिस्टन के चल पड़ने पर भी आनेवाला ईंधन-मिश्रण अपनी जडत्व (इनर्शिया) से आता रहता है और इस प्रकार तीव्रगति इंजनों में पहले की अपेक्षा अब अधिक मिश्रण सिलिंडरों में घुस पाता है; # अधिक अच्छी अंतर्ग्ररहण नलिकाएँ, जिनसे विविध सिलिंडरों में अधिक बराबरी से ईधन मिश्रण पहुँचता है; # चल भागों का बढ़िया आसंजन (फ़िट) और अधिक अच्छी यांत्रिक रचना, जिससे घर्षण और घरघराहट दोनों में कमी होती है; # अधिक तीव्रगति इंजन, जिसका बनना अधिक शुद्ध निर्माण और चल भागों के अधिक उत्तम संतुलन से संभव हो सका है।
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)