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=== बीमारी का बोझ === यद्यपि संचरण के एक मापन के रूप में वार्षिक विस्तार—प्रतिवर्ष मिलने वाले कुष्ठरोग के नए मामलों की संख्या—महत्वपूर्ण है, लेकिन कुष्ठरोग के लंबे उष्मायन काल, बीमारी की शुरुआत के बाद इसके निदान में होने वाली देर और बहुत शुरुआती चरणों में कुष्ठरोग की पहचान कर पाने के लिये प्रयोगशाला उपकरणों की कमी के कारण कुष्ठरोग का मापन कर पाना कठिन है। इसके बजाय, पंजीकृत प्रसार का प्रयोग किया जाता है। पंजीकृत प्रसार इस बीमारी के बोझ का एक उपयोगी प्रतिनिधि सूचक है क्योंकि यह समय के किसी भी बिंदु पर इस बीमारी के साथ निदान किये गये और एमडीटी (MDT) का उपचार प्राप्त कर रहे कुष्ठरोग के सक्रिय मामलों की संख्या दर्शाता है। पुनः प्रसार की दर को समय के किसी भी बिंदु पर जिस जनसंख्या में मामले प्राप्त हुए हों, उसमें एमडीटी (MDT) के लिये पंजीकृत मामलों की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है।<ref name="WHO_1985">{{cite journal |author= World Health Organization.|title=Epidemiology of leprosy in relation to control. Report of a WHO Study Group |journal=World Health Organ Tech Rep Ser |volume=716 |issue= |pages=1–60 |year=1985 |pmid=3925646 |isbn= 9241207167 |publisher= World Health Organization |location= Geneva |oclc= 12095109}}</ref> नए मामलो की पहचान इस बीमारी का एक अन्य सूचक है, जिसकी जानकारी देशों द्वारा सामान्यतः एक वार्षिक आधार पर दी जाती है। उस वर्ष बीमारी की शुरुआत के रूप में निदान किये गये मामलों की संख्या (वास्तविक विस्तार) और पिछले वर्ष शुरु हुए मामलों का एक बड़ा अनुपात (जिसे पहचाने न गए मामलों का संचित प्रसार कहा जाता है) इसमें शामिल होता है। स्थानिक देश भी पहचान के समय स्थापित विकलंगता के नए मामलों की संख्या की जानकारी देते हैं, जो कि संचित प्रसार का एक सूचक है। इस बीमारी की शुरुआत के समय का निर्धारण कर पाना सामान्यतः अविश्वसनीय होता है, बहुत श्रम-साध्य होता है और शायद ही कभी इन आंकड़ों की रिकॉर्डिंग में किया जाता है।
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