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=== ट्रांज़िस्टर डिज़ाइन मे तरक्की === शोक्ली को अप्रसन्नता थी कि उन्हे बर्दीन और ब्रैट्टैन के साथ ट्रांज़िस्टर के आविष्कार के श्रेय में भाग देना पडा। बैल लैब्स के वकीलों को जब पता चला के शोक्ली के लेखों मे कुछ समान्ताएँ थीं [[जूलियस एड्गर लिलियन]] के [[१९२५.|१९२५]] के पेटेंट से, तो उन्होंने शोक्ली के नाम को ट्रांज़िस्टर के पेटेंट से बाहर रखने का विचार किया। शोक्ली इससे अत्यंत नाराज हुए और उन ने ठान ली यह दिखाने की कि असली दिमाग किसका है। कुछ ही महीनों में एक नये तरह के ट्रांज़िस्टर का आविष्कार किया, जो नोक-संयोग ट्रांज़िस्टर की तुलना में स्थिर और टिकाऊ था। साठवें दशक में इस ट्रांज़िस्टर की धूम थी। यह और विक्सित हो कर [[द्विध्रुवीय जोड ट्रांज़िस्टर|<span title="Bipolar junction transistors">द्विध्रुवीय जोड ट्रांज़िस्टर</span>]] बना। अस्थिरता की समस्याओं को दूर करने के बाद बची समस्या शुद्धता की। [[जर्मेनियम]] का शुद्धिकरण काफी जटिल था - इसमें कुछ सुधार शुद्धिकृत पानी के प्रयोग से हुआ, मगर फिर भी, जर्मेनियम के तापमान पर अतिसंवेदनशीलता के कारण यह सुझाया गया के [[सिलिकॉन]] एक बेहतर विकल्प होगा। बहुत कम वैज्ञानिकों ने इस पर ध्यान दिया। सिलिकॉन से बने ट्रांज़िस्टर को पहले बनाया [[गॉर्डन टील]] ने, जिनकी कंपनी, [[टेक्सस इन्सट्रुमैन्ट्स|<span title="Texas Instruments">टेक्सस इन्सट्रुमैन्ट्स</span>]], ने भरपूर फायदा उठाया। इसके बाद जर्मेनियम का प्रयोग ट्रांज़िस्टरों में खत्म सा हो गया। "[[ज़ोन घोलन]]" के तकनीक का प्रयोग करके कृस्टकों को और भी शुद्ध किया गया। ट्रांज़िस्टर के बने रेडियो और अन्य उपकरण मार्केट मे बहुतायत से मिलने लगे।
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