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== प्रमाण == यदि माना कि होलोमार्फिक फलन का आंशिक अवकलन सतत है, कौशी समाकलन प्रमेय [[ग्रीन प्रमेय]] का सीधा परिणाम सिद्ध किया जा सकता है और <math>f=u+iv</math> के वास्तविक व काल्पनिक भाग का प्रभाव यह है कि इसे <math>\gamma</math> से परिबद्ध क्षेत्र में [[कौची-रीमैन समीकरण|कौशी-रीमान समीकरण]] सन्तुष्ट होनी चाहिये और इसके अतिरिक्त ''U'' के विवृत प्रतिवेश के क्षेत्र में भी। कौशी ने इसे सिद्ध भी किया लेकिन यह बाद में गूर्सा ने सदिश कलन अथवा आंशिक अवकलन की सांत्यतता पद्धति रहित उपलब्द्ध करवाया। हम समाकल्य <math>f</math> को और ऐसे ही अवकलज <math>dz</math> को इनके वास्तविक व काल्पनिक घटकों में विच्छेद किया जा सकता है : :<math> \displaystyle f=u+iv </math> :<math> \displaystyle dz=dx+i\,dy </math> इस अवस्था में हमें निम्न प्राप्त होता है :<math>\oint_\gamma f(z)\,dz = \oint_\gamma (u+iv)(dx+i\,dy) = \oint_\gamma (u\,dx-v\,dy) +i\oint_\gamma (v\,dx+u\,dy)</math> ग्रीन प्रमेय के अनुसार, वास्तविक व काल्पनिक भागों की तुलना करने पर :<math>\oint_\gamma (u\,dx-v\,dy) = \iint_D \left(-\frac{\partial v}{\partial x} -\frac{\partial u}{\partial y} \right)\,dx\,dy </math> :<math>\oint_\gamma (v\,dx+u\,dy) = \iint_D \left( \frac{\partial u}{\partial x}-\frac{\partial v}{\partial y} \right)\,dx\,dy</math> तथापि क्षेत्र <math>D</math> के वास्तविक और काल्पनिक भाग विश्लेषी फलन होंगे, अतः <math>u</math> और <math>v</math> के लिए भी कौशी-रीमान समीकरण संतुष्ट होनी चाहिए : :<math>{ \partial u \over \partial x } = { \partial v \over \partial y } </math> :<math>{ \partial u \over \partial y } = -{ \partial v \over \partial x } </math> अतः हमें प्राप्त होता है कि इनके समाकल (और इनके समाकलन भी) शून्य हैं। :<math>\iint_D \left( -\frac{\partial v}{\partial x} -\frac{\partial u}{\partial y} \right)\,dx\,dy = \iint_D \left( \frac{\partial u}{\partial y} -\frac{\partial u}{\partial y} \right)\,dx\,dy =0</math> :<math>\iint_D \left( \frac{\partial u}{\partial x}-\frac{\partial v}{\partial y} \right)\,dx\,dy = \iint_D \left( \frac{\partial u}{\partial x}-\frac{\partial u}{\partial x} \right) \, dx \, dy = 0</math> जिससे प्राप्त होता है :<math>\oint_\gamma f(z)\,dz =0</math>
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