सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
गोटी
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
==खेल की प्रक्रिया== खेल के प्रारंभ की अवस्था में काले वृत्तों में काली तथा श्वेत वृत्तों में श्वेत गोटियाँ बैठाई जाती हैं। खेल की प्रारंभिक चाल काली गोटवाला व्यक्ति चलता है और इसके बाद दूसरी चाल सफेद गोटवाला चलता है। कोई गोट एक घर से दूसरे ऐसे घर में चली जा सकती है जो पहले घर के कर्णवत् एक से अधिक घर हों तो यह चलनेवाली की इच्छा पर है कि वह अपनी गोट जिस ओर चाहे चल सकता है। यदि विपक्षी की गोट अगले घर में हो और उसके आगे (कर्णवत्) घर रिक्त हो तो खिलाड़ी अपनी गोट उस रिक्त घर में पहुँचाकर बीच में पड़नेवाली विपक्षी की गोट को उठा ले सकता है।विपक्षी की गोट को इस प्रकार उठा लेने की क्रिया को बंदीकरण (Capture) कहते हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि कोई गोट केवल आगे ही चली जा सकती है। जब कोई गोट विपक्षी के प्रथम श्रेणीवाले सफेद घरों में से किसी एक में पहुँच जाती है, तो उसे राजमुकुट धारण कराया जाता है, क्योंकि ये घर 'राजा के घर' कहे जाते हैं। मुकुट धारण करने की क्रिया राजा के घर में पहुँची हुई गोट पर उसी रंग की दूसरी गोट रखकर संपन्न कराई जाती है। यह मुकुटधारी नया राजा आगे पीछे किसी ओर भी कर्णवत् घर में जा सकता है और उपर्युक्त बंदीकरण विधि से विपक्षी की किसी भी गोट को बंदी बना सकता है। किंतु राजा के घर में पहुँची हुई कोई विपक्षी गोट तब तक नहीं चली जा सकती जब तक मुकुट धारण की क्रिया संपन्न न हो जाय। कोई पक्ष जब अपनी किसी गोट को, विपक्षी की गोट पार कराते हुए, अगले घर में डाल सकने में चूक जाता है और विपक्षी की गोट को उठा नहीं लेता, तो विपक्षी उसे दंडित कर सकता है। इसे 'हफिंग' (huffing) भी कहते हैं। तब यह विपक्षी की इच्छा पर निर्भर करता है कि वह दंडस्वरूप उस गोट को, जिसके कारण उसकी अपनी गोट को बंदी हो जाना चाहिए था, स्वयं उठा ले अथवा उस पक्ष को अपनी चाल को वापस कर पुन: वही चाल चलकर अपनी गोट को बंदी बनाने के लिये बाध्य करे, जैसा भी वह अपने हित के अनुकूल समझे। ज्ञातव्य है कि इस खेल में कभी-कभी विजयी होने के निमित्त अपनी ही गोट को विपक्षी द्वारा बंदी बनवा लेना भी आवश्यक हो जाता है। कोई पक्ष जब विपक्षी की सभी गोटो को बंदी बना लेता है अथवा उन गोटों का मार्ग इस प्रकार अवरुद्ध कर देत है कि वह विवश हो जाय और आगे कोई चाल चल ही न सके, तो वह पक्ष '''विजय''' माना जाता है। जब कोई पक्ष विजयश्री न प्राप्त कर सके और खेल की स्थिति कुछ इस प्रकार की हो जाय जिससे यह स्पष्ट हो जाय कि आगे निर्णय हो सकना असंभव है, तो उस बाजी को अनिर्णीत घोषित कर दिया जाता है। प्रत्येक बाजी समाप्त होने के बाद खिलाड़ी आपस में गोटें बदल लेते हैं। चाल चलते समय यह आवश्यक है कि कोई खिलाड़ी जिस गोट को छू ले, और उसकी चलने की गुंजायश है तो वह उसी गोट को चले। [[श्रेणी:खेल]]
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)