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== युद्धनीति == छापामार सैनिकों का सिद्धांत है - 'मारो और भाग जाओ'। ये सहसा आक्रमण करते हैं, अदृश्य हो जाते हैं और थोड़ी दूर पर ही प्रकट हो जाते हैं। वे अपने पास बहुत कम सामान रखते हैं। इनके लिए कोई नियंत्रणकर्ता भी नहीं रहता, अत: इनकी क्रियाशीलता में बाधा नहीं पड़ती। छापामार सेना साधारणत: अपने से बलवान् सेना सहसा आक्रमण करके अपनी रक्षा कर लेती है। उन्हें अपनी बुद्धि विशेष वि·ाास रहता है। अपनी सुरक्षा के लिये ये सूचना देनेवाले की व्यवस्था रखते हैं। छापामार युद्ध का उद्देश्य है शत्रु की नियमित सेना का प्रभाव घटाना। इस उद्देश्य की अच्छे ढ़ंग से पूर्ति करने के लिये ये शत्रु के पीछे कार्य करते हैं। साथ ही बड़े पैमाने पर किए जानेवाले नियमित सेना के कार्यों में भी सहायता पहुँचाते हैं। छापामारों का लक्ष्य सैनिक ही नहीं रहते। वे रेल, यातायात, रसद, पुल और इसी के अन्य साधनों को भी क्षति पहुंचाते हैं, जो शत्रुओं की नियमित सेना कार्यों में बाधा डाल सकें। छापामार युद्धों के लिए तीन प्रमुख वस्तुएँ हैं। पहली छापामार के कार्य के लिये उपयुक्त भूभाग, दूसरी राजनीतिक अवस्था और तीन वस्तु है राष्ट्रीय परिस्थितियाँ। इस प्रकार के कार्य के लिये सबसे अति उपयुक्त पहाड़ी भूमि होती है, जिसमें जंगल हो, अथवा ऐसा ही भूखंड जो जंगलों और दलदलों से भरा हो। छापामार युद्ध से रक्षा के लिये छापामारों द्वारा प्रयुक्त अनियमित विधियों का ज्ञान आवश्यक है जिससे सहकारी प्रयत्नों द्वारा उनके प्रयत्नों को तुरंत नष्ट कर दिया जाय। एक और विशेष उपयोगी विधि उस क्षेत्र को घेर लेना है जिसमें छापामार विश्राम करते हैं।
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