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== स्थानिक प्रयोग == इसमें चुम्बकों को उन स्थानों पर लगाया जाता है, जो रोगग्रस्त होते हैं, जैसे- घुटना और पैर, दर्दनाक कशेरुका, आँख, नाक आदि। इनमें रोग की तीव्रता तथा रूप के अनुसार एक, दो और यहाँ तक कि तीन चुम्बकों का प्रयोग भी किया जा सकता है। जैसे घुटने तथा गर्दन के तेज दर्द में दो चुम्बकों को अलग-अलग घुटनों पर तथा तीसरे चुम्बक को गर्दन की दर्दनाक कशेरुका पर लगाया जा सकता है। इस प्रयोग विधि की उपयोगिता स्थानिक रोग संक्रमण की अवस्था में भी होती है। अँगूठे में तेज दर्द होने जैसी कुछ अवस्थाओं में कभी-कभी दोनों चुम्बकों के ध्रुवों के बीच अँगूठा रखने से तुरंत आराम मिलता है। ----
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