सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
देव आनन्द
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
== फिल्मी सफर == देव आनंद काम की तलाश में मुंबई आये और उन्होंने मिलट्री सेंसर ऑफिस में १६० रुपये प्रति माह के वेतन पर काम की शुरुआत की! शीघ्र ही उन्हें प्रभात टाकीज़ एक फ़िल्म [[हम एक हैं]] में काम करने का मौका मिला! और पूना में शूटिंग के वक़्त उनकी दोस्ती अपने ज़माने के सुपर स्टार गुरु दत्त से हो गयी! कुछ समय बाद अशोक कुमार के द्वारा उन्हें एक फ़िल्म में बड़ा ब्रेक मिला! उन्हें बॉम्बे टाकीज़ प्रोडक्शन की फ़िल्म ज़िद्दी में मुख्य भूमिका प्राप्त हुई और इस फ़िल्म में उनकी सहकारा थीं कामिनी कौशल, ये फ़िल्म १९४८ में रिलीज़ हुई और सफल भी हुई! १९४९ में देव आनंद ने अपनी एक फ़िल्म कम्पनी बनाई, जिसका नाम नवकेतन रखा गया, इस तरह अब वो फ़िल्म निर्माता बन गए! देव आनंद साहब ने अपने मित्र गुरुदत्त का डाइरेक्टर के रूप में चयन किया और एक फ़िल्म का निर्माण किया, जिसका नाम था [[बाज़ी (1951 फ़िल्म)|बाज़ी]], ये फ़िल्म १९५१ में प्रदर्शित हुई और काफी सफ़ल हुई। इसके बाद देव साहब नें कुछ भूमिकाएं निभाई जो कुछ नकरात्मक शेड लिए थीं! जब राज कपूर की [[आवारा (1951 फ़िल्म)|आवारा]] पर्दर्शित हुई, तभी देव आनंद की [[राही]] और [[आंधियां]] भी प्रदर्शित हुईं! इसके बाद आई [[टेक्सी]] ड्राईवर, जो हिट साबित हुई! इस फ़िल्म में इनके साथ थीं [[कल्पना कार्तिक]], जिन्होंने देव साहब के साथ विवाह किया और १९५६ में इन्हें एक पुत्र हुआ, जिसका नाम [[सुनील आनंद]] रखा गया। इसके बाद उनकी कुछ फ़िल्में आयीं जैसे, [[मुनीम जी]], [[सी आई डी]] और [[पेइंग गेस्ट]], उसके बाद तो हर नौजवान उनके स्टाइल का दीवाना हो गया और उनका स्टाइल अपनाने की कोशिश करता! १९५५ में उन्होंने उस ज़माने के एक और सुपर स्टार [[दिलीप कुमार]] के साथ काम किया और फ़िल्म का नाम था [[इंसानियत]]. १९५८ में उनको फ़िल्म [[सेल्यूलर जेल|काला पानी]] के लिए बेहतरीन कलाकार के पुरस्कार से नवाज़ा गया। इसके बाद उनके जीवन में [[सुरैय्या]] आईं, जिनके साथ उन्होंने ६ फ़िल्मो में काम किया! एक बार देव आनंद ने शूटिंग के दौरान सुरैया को पानी में डूबने से बचाया तब से वो उन्हें प्यार करने लगीं, लेकिन सुरैया की दादी धार्मिक कारणों से इनके रिश्ते के खिलाफ थीं! [[सुरैय्या]] आजीवन कुंवारी ही रहीं! देव आनंद ने अभी कुछ ही समय पहले स्वीकार किया, की वो उनसे प्यार करते थे, यदि उनकी शादी सुरैया के साथ हो गयी होती तो उनका जीवन शायद कुछ और ही होता। १९६५ में उनकी पहली रंगीन फ़िल्म प्रदर्शित हुई, जिसका नाम था [[गाइड]], ये एक मशहूर लेखक [[आर के नारायण]] के अपन्यास पर आधारित थी, जिसका निर्माण उनके छोटे भाई [[विजय आनन्द|विजय आनंद]] ने किया था, इस फ़िल्म में देव आनंद के साथ थीं [[वहीदा रहमान]]! ये फ़िल्म देव साहब ही बेहतरीन फ़िल्मों में से एक है, जिसके बारे में कहा जाता है की अब दुबारा गाइड कभी नहीं बन सकती, ऐसी फ़िल्म सिर्फ एक बार ही बनती है। उसके बाद उन्होंने विजय आनंद के साथ मिल कर एक और फ़िल्म का निर्माण किया, जिसका नाम था [[ज्वेल थीफ]], इसमें उनके साथ थीं, [[वैजयंती माला]], [[तनूजा]], [[अंजू महिन्द्रू]] और [[हेलन|हेलेन]]! इसके बाद उनकी अगली फ़िल्म थी [[जॉनी मेरा नाम (1970 फ़िल्म)|जॉनी मेरा नाम]], जो उस समय सफलतम फ़िल्मों में से एक थी। १९७० में बतौर निर्देशक उनकी पहली फ़िल्म आई [[प्रेम पुजारी]], जो सफल नहीं हुई, लेकिन अगले ही वर्ष उनके द्वारा निर्देशित फ़िल्म [[हरे राम हरे कृष्णा]] ने सफलता का स्वाद चखा इस फ़िल्म में उनकी खोज [[ज़ीनत अमान]] ने "जेनिस" नाम की लड़की का किरदार निभाया, जो माता पिता के तनाव से तंग आ कर हिप्पियों के समूह में शामिल हो जाती है। इसी वर्ष उनकी एक और फ़िल्म [[तेरे मेरे सपने]] पर्दर्शित हुई, जिसमें उनके साथ थीं [[मुमताज़]], ये फ़िल्म [[ए.जे क्रोनिन]] के उपन्यास [[The Citadel]] पर आधारित थी, इस फ़िल्म को उनके भाई विजय आनंद द्वारा निर्देशित किया गया था! ज़ीनत अमान के बाद उनकी नयी खोज थी [[टीना मुनीम]], जिनके साथ उन्होंने १९७८ में फ़िल्म [[देस परदेस]] का निर्माण किया, ये भी उनकी एक सफल फ़िल्म थी। १९७७ में उन्होंने एक राजनितिक दल [[नेशनल पार्टी ऑफ़ इंडिया]] का निर्माण किया, जो की तत्कालीन प्रधान मंत्री श्रीमती [[इन्दिरा गांधी|इंदिरा गाँधी]] के खिलाफ था ! लेकिन ये राजनितिक दल ज्यादा समय तक नहीं रहा। देव आनंद की फ़िल्में उनके संगीत के कारण भी प्रसिद्ध है, उनकी फ़िल्मों का संगीत आज भी लोगों को मंत्र मुग्ध करता है! उन्होंने जिन संगीतकारों, लेखकों और गायकों के साथ काम किया उनमे से कुछ इस प्रकार हैं, [[शंकर-जयकिशन]], [[ओ॰ पी॰ नय्यर|ओ पी नैयर]], [[कल्याण जी- आनंद जी]], [[सचिन देव बर्मन]], [[राहुल देव बर्मन]], लेखक: [[हसरत जयपुरी]], [[मज़रूह सुल्तानपुरी]], [[नीरज]], [[शैलेन्द्र]], [[आनंद बख्शी]], गायक: [[मोह्हमद रफ़ी]], [[महेन्द्र कपूर|महेंद्र कपूर]], [[किशोर कुमार]], [[मुकेश (गायक)|मुकेश]] आदि। सितम्बर २००७ में उनकी आत्मकथा [[रोमांसिंग विद लाइफ]] उनके जन्म दिवस के अवसर पर प्रदर्शित की गयी, जहाँ [[भारत]] के प्रधान मंत्री श्री [[मनमोहन सिंह]] जी भी उपस्थित थे।
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)