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== विवरण == इस अन्योन्य क्रिया को प्रबल कहने का मुख्य कारण इसका सभी अन्योन्य क्रियाओं में प्रबलतम होना है। यह बल विद्युत चुम्बकीय बलों से १०<sup>२</sup> गुणा, दुर्बल बल से १०<sup>६</sup> गुणा और गुरुत्वीय बल से १०<sup>३९</sup> गुणा प्रबल होता है। === प्रबल बल का व्यवहार === इस बल का अध्ययन मुख्यतः क्वांटम क्रोमो गतिकी (QCD) में किया जाता है जो की मानक प्रतिमान का एक महत्वपूर्ण भाग है। गणितीय रूप से क्वांटम क्रोमो गतिकी सममिति समूह SU(3) पर आधारित अक्रमविनिमय आमान सिद्धान्त है। क्वार्क व ग्लुओन ही केवल ऐसे मूलभूत कण हैं जो विलुप्त नहीं होने वाला वर्ण-आवेश रखते हैं अतः प्रबल अन्योन्य क्रिया में भाग लेते हैं। प्रबल बल प्रत्यक्ष रूप से केवल क्वार्क व ग्लुओन से ही क्रिया करता है।
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