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== भाषाई-साम्राज्यवाद के शस्त्र एवं उपकरण == भाषाई-साम्राज्यवाद फैलाने का सबसे सशक्त और ऐतिहासिक उपकरण राजनैतिक साम्राज्य है। [[दक्षिण एशिया]] में अंग्रेज़ी भाषा का साम्राज्य तथा [[अफ़्रीका]] के अनेक देशों में [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ़्रांसीसी]] का साम्राज्य राजनैतिक साम्राज्य में निहित शक्तियों के दुरुपयोग का ही परिणाम है। किन्तु इसके साथ-साथ भाषाई-साम्राज्य को बनाए रखने और सतत् प्रसार को सुनिश्चित करने के लिये मिथ्या-प्रचार, अर्धसत्य, दुष्प्रचार आदि का सहारा लिया जाता है। इसके अतिरिक्त यह सुनिश्चित किया जाता है कि रोज़गार पाने के लिये आरोपित भाषा का अच्छा ज्ञान अनिवार्य हो। ''इसके लिये एक अल्पसंख्यक अभिजात वर्ग तैयार किया जाता है जो इस भाषा का दुरुपयोग करके शेष समाज का शोषण करता रहे तथा वह वर्ग जाने-अनजाने इस विदेशी भाषा का हित साधन करता रहता है''। पिलिप्सन की पुस्तक में इस बात का विश्लेषण है कि किस प्रकार [[ब्रिटिश काउन्सिल]] तथा अन्य संस्थाएँ भ्रामक-प्रचार (''रिटोरिक'') का प्रयोग करके अंग्रेज़ी साम्राज्य को बढ़ावा देती है। इन भ्रमजालों के कुछ नमूने हैं : * अंग्रेज़ी-शिक्षण का सर्वोत्तम तरीका उसे एकभाषीय रूप से पढ़ाना है। (एकभाषीय भ्रम) * अंग्रेज़ी शिक्षण के लिये आदर्श अध्यापक वही है जिसकी मातृभाषा अंग्रेज़ी हो। (मातृभाषी भ्रम) * जितनी कम आयु से अंग्रेज़ी सिखायी जाय, परिणाम उतने ही अच्छे होंगे। (शीघ्रारम्भ भ्रम) * जितनी अधिक अंग्रेज़ी पढा़यी जाएगी, परिणाम उतना ही अच्छा होगा। (अधिकतम-अनावरण भ्रम) * यदि अन्य भाषाओं का अधिक प्रयोग किया जायेगा तो, अंग्रेज़ी का स्तर गिरेगा। (व्यकलित भ्रम) अंग्रेज़ी भाषा के विषय में विविध माध्यमों से अर्धसत्यों से मिश्रित प्रचार को फैलाया जाता है: * अंग्रेज़ी को दैवी, धनी, सभ्य और रोचक बताया जाता है। ऐसा प्रतीत कराया जाता है कि दूसरी भाषाएँ इन गुणों से हीन हैं। * अंग्रेज़ी में प्रशिक्षित अध्यापक एवँ शिक्षा-सामग्री के भरपूर उपलब्धता की बात कही जाती है। अंग्रेज़ी के बारे में कुछ कथन उसके उपयोगिता और महत्व का अतिशयोक्तिपूर्ण प्रचार करते हुए दिये जाये हैं; जैसे: * अंग्रेज़ी विश्व का प्रवेशद्वार है। * अंग्रेज़ी लोगों को प्रौद्योगिकी के संचालन में सक्षम बनाती है। * अंग्रेज़ी आधुनिकता का प्रतीक है।
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