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राबर्ट ओवेन
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== प्रारंभिक जीवन == ओवन का जन्म 14, मई 1771 को सेंट्रलवैल्स के एक साधारण-से कस्बे न्यूटाउन में हुआ था। सात भाई-बहनों में से एक ओवेन के पिता साधारण व्यापारी थे। लोहे के औजारों की बिक्री की दुकान थी उनकी. जबकि मां का संबंध एक संपन्न किसान परिवार से था। ओवेन का बचपन घने अभावों के बीच बीता. उसकी शिक्षा की शुरुआत तो ठीक-ठाक हुई मगर वह पूरी हो उससे पहले, मात्रा नौ वर्ष की अवस्था में ही उसे स्कूल छोड़कर नौकरी करनी पड़ी. काम की तलाश में वह अपने सबसे बड़े भाई विलियम के साथ लंदन चला गया। उसको पहली नौकरी लंकाशायर में दर्जी के रूप में मिली। कुछ वर्षों तक ओवेन वहां पर काम सीखता रहा। उससे आगे के नौ वर्ष ओवेन ने नौकरी करते हुए बिताए. धीरे-धीरे उसने कुछ रकम और कुछ सपने भी जमा किए। इस बीच महत्त्वाकांक्षाएं जो परिस्थितिवश कुछ समय के लिए दब गई थीं, वे फिर से सिर उठाने लगीं। भाप के इंजन का आविष्कार उससे कुछ ही वर्षों पहले हुआ था, भापशक्ति से चलने वाले करघों के कारण कपड़ा उद्योग में क्रांति आई हुई थी। इसी कारण मैनचेस्टर के कपड़ा उद्योग का उन दिनों बड़ा नाम था। 1790 के आखिरी महीनों में ओवेन ने अपने बड़े भाई विलियम से सौ पौंड की रकम उधार ली। अपनी महत्त्वाकांक्षाओं का खूबसूरत सपना मन में सजाए एक दिन वह मैनचेस्टर पहुंच गया। अपनी मामूली-सी पूंजी से उसने जोन के साथ मिलकर एक धागे की जूतियां बुुनने के छोटे-से कारखाने की शुरुआत की। जोन उससे पहले मैकेनिक का काम करता था। काम को देखते हुए सौ पौंड की पूंजी बहुत कम थी। बड़ी कंपनियों के साथ कठिन स्पर्धा में ओवेन की मिल टिक नहीं पाई। इस बीच जोन के साथ साझेदारी निभाने में भी समस्याएं आने लगी थीं। इसलिए मात्रा तीन महीने के अंतराल में जोन के साथ अपने साझेदारी तोड़कर ओवेन ने अपने अलग कारखाने की नींव रखी। ओवेन उसे चालू रखने के लिए संघर्ष कर ही रहा था कि मैनचेस्टर के एक बड़े कारखाने में प्रबंधक का पद रिक्त होने की सूचना उसे मिली। उसने अपनी मिल का लालच छोड़ दिया और उस नौकरी पर जा लगा। उस समय उसकी उम्र केवल इकीस वर्ष थी। वह एक प्रकार से सतत संघर्ष एवं सफलता की शुरुआत थी। मेहनती और लगनशील तो वह था ही। छह महीने के अल्प समय में ही वह मिल मालिक के दिलो-दिमाग पर अपनी कार्यशैली का सिक्का जमाने में सफल हो गया। उस कारखाने में उस समय पांच सौ मजदूर काम करते थे। ओवेन के लिए यह बड़ी उपलब्धि थी, किंतु उसकी सफलताओं का सही मायने में तो यह प्रारंभ ही था। रात-दिन के कठिन परिश्रम, प्रतिभा और लगन से ओवेन ने उस कारखाने को कुछ ही वर्षों में ब्रिटेन के सर्वश्रेष्ठ कारखानों में ला दिया। ओवेन उद्यमशीलता का अनुमान मात्रा एक उदाहरण से लगाया जा सकता है कि उसने अपने कारखाने के लिए अमेरिकी द्वीपों से रूई का आयात किया। वह दक्षिणी राज्यों से पहला रूई का पहला आयात था। यही नहीं ओवेन ने रूई कताई के कार्य में भी उल्लेखनीय दक्षता प्राप्त की। निर्विवाद रूप से उसका कारखाना तत्कालीन ब्रिटेन के सर्वश्रेष्ठ कताई कारखानों में से एक था; जिसकी सफलता का श्रेय यदि किसी को दिया जा सकता है तो वह केवल ओवेन ही था। इकीस वर्ष का तरुण ओवेन 1795 में मेनचेस्टर के एक ओर बड़ी कपड़ा मिल काल्र्टन ट्विस्ट कंपनी का प्रबंधक और हिस्सेदार बन चुका था; जिससे उसका नाम वहां के सर्वाधिक सफल उद्यमियों में गिना जाने लगा। उन्हीं दिनों ओवेन को अपनी फैक्ट्री के कार्य से न्यू लेनाॅर्क जाना पड़ा, जो अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण वस्त्र उद्योग के लिए बहुत ही उपयुक्त स्थान था। तब तक वह एक सुदर्शन युवक बन चुका था। वस्तुतः ओवेन को खबर मिली थी कि न्यू लेनाॅर्क के प्रसिद्ध कपड़ा व्यवसायी डेविड डेल अपनी कपड़ा मिलों का सौदा करना चाहते हैं। डेविड डेल की ख्याति दूरदर्शी एवं कामयाब उद्यमियों में होती थी। ओवेन की ख्याति उन तक पहुंच चुकी थी। उसकी बेजोड़ प्रतिभा और लगनशीलता से डेल चमत्कृत थे। न्यू लेनाॅर्क पहुंचते ही ओवेन के जीवन में एक और सुखद मोड़ आया। डेविड डेल की एक बेटी थीµकाॅरोलिना डेल. युवा ओवेन उसके प्यार में पड़ गया। काॅरोलिना भी उसके आकर्षण से बच न सकी। डेविड डेल ने ओवेन के हाथों न केवल कपड़ा मिलों के एक हिस्से का सौदा किया, बल्कि अपनी कन्या का विवाह भी उसके साथ कर दिया। यह सितंबर, 1799 की घटना थी, जिसने ओवेन को एक साथ कई उपलब्धियों से लाद दिया। विवाह के पश्चात ओवेन वहीं अपना घर बनाकर रहने लगा।
सारांश:
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