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== भारतेंदु युग == [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र|भारतेंदु हरिश्चंद्र]] (1850-1885) को हिन्दी-साहित्य के आधुनिक युग का प्रतिनिधि माना जाता है। उन्होंने [[कविवचन सुधा]], हरिश्चन्द्र मैगजीन और [[हरिश्चंद्र पत्रिका]] निकाली. साथ ही अनेक नाटकों की रचना की. उनके प्रसिध्द नाटक हैं- चंद्रावली, भारत दुर्दशा, अंधेर नगरी. ये नाटक रंगमंच पर भी बहुत लोकप्रिय हुए. इस काल में निबंध नाटक उपन्यास तथा कहानियों की रचना हुई. इस काल के लेखकों में [[बालकृष्ण भट्ट]], [[प्रतापनारायण मिश्र|प्रताप नारायण मिश्र]], [[राधा चरण गोस्वामी]], [[उपाध्याय बदरीनाथ चौधरी प्रेमघन]], [[लाला श्रीनिवास दास]], [[देवकीनन्दन खत्री|बाबू देवकी नंदन खत्री]] और [[किशोरी लाल गोस्वामी]] आदि उल्लेखनीय हैं। इनमें से अधिकांश लेखक होने के साथ साथ पत्रकार भी थे। श्रीनिवासदास के उपन्यास परीक्षागुरू को हिन्दी का पहला उपन्यास कहा जाता है। कुछ विद्वान श्रद्धाराम फुल्लौरी के उपन्यास भाग्यवती को हिन्दी का पहला उपन्यास मानते हैं। बाबू [[देवकीनन्दन खत्री|देवकीनंदन खत्री]] का चंद्रकांता तथा चंद्रकांता संतति आदि इस युग के प्रमुख उपन्यास हैं। ये उपन्यास इतने लोकप्रिय हुए कि इनको पढने के लिये बहुत से अहिंदी भाषियों ने हिंदी सीखी. इस युग की कहानियों में [[शिवप्रसाद सितारे हिन्द]] की राजा भोज का सपना महत्त्वपूर्ण है। [[बलदेव अग्रहरि]] की सन १८८७ में प्रकाशित नाट्य पुस्तक 'सुलोचना सती' में सुलोचना की कथा के साथ आधुनिक कथा को भी स्थान दिया गया हैं, जिसमे संपादको और देश सुधारको पर व्यंग्य किया गया हैं। कई नाटको में मुख्य कथानक ही यथार्थ चित्रण प्रस्तुत करते हैं। बलदेव अग्रहरि की सुलोचना सती में भिन्नतुकांत छंद का आग्रह भी दिखाई देता हैं।<ref>{{cite book |url=http://books.google.co.in/books?id=JPMSAAAAMAAJ |title=हिन्दी नाटकः पुनर्मूल्यांकन |author=सत्येन्द्र तनेजा |publisher=ग्रंथम (कानपुर) |year=१९७१ |isbn= |access-date=29 जुलाई 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140407102019/http://books.google.co.in/books?id=JPMSAAAAMAAJ |archive-date=7 अप्रैल 2014 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite book|url=http://books.google.co.in/books?id=s-1HAAAAMAAJ|title=भरतेन्दुकालीन नाटक साहित्य|author=गोपीनाथ तिवारी|publisher=हिन्दी भवन|year=१९५९|isbn=|access-date=29 जुलाई 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407102037/http://books.google.co.in/books?id=s-1HAAAAMAAJ|archive-date=7 अप्रैल 2014|url-status=live}}</ref>
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