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== कणों को त्वरित करने का सिद्धान्त == आवेशित कणों को त्वरित करने के लिए (अर्थात उनकी उर्जा बढाने के लिये) उन्हें एक [[विद्युत्-क्षेत्र|वैद्युत क्षेत्र]] से होकर गुजारा जाता है जिसकी दिशा आवेश के गति की दिशा में होती है। जब किसी '''q''' आवेश को V वोल्ट विभवान्तर वाले दो बिन्दुओं के बीच से गुजारा जाता है तो उसकी [[ऊर्जा|उर्जा]] में qV जूल की वृद्धि हो जाती है। उदाहरण के लिये किसी एलेक्ट्रान को 1 वोल्ट विभवान्तर से होकर गुजारा जाय तो उसकी उर्जा में 1 eV (1 electron-volt) की वृद्धि हो जाती है। ज्ञातव्य है कि एलेक्ट्रॉन का आवेश e=1.6×10^-19 कूलॉम्ब होता है। === त्वरण की विधियाँ === * आवेशों को बहुत अधिक उर्जा प्रदान करने के लिये साधारणतः कई चरणों में त्वरित किया जाता है। * प्रथम चरण में प्रायः आवेशित कण को एक विद्युतस्थैतिक क्षेत्र (एलेक्ट्रोस्टैटिक फिल्ड) से होकर गुजारना पड़ता है। * [[रैखिक कण त्वरक|रेखीय त्वरक]] में [[रेडियो आवृत्ति]] के विद्युत्चुम्बकीय क्षेत्र के द्वारा त्वरण प्रदान किया जाता है। * चक्रीय त्वरकों में त्वरण के लिये रेडियो आवृत्ति की कैविटी (आर एफ् कैविटी) का प्रयोग किया जाता है। * अधिक उर्जा के आवेशित कणों के मार्ग में उच्च [[निर्वात]] की व्यवस्था होती है ताकि ये कण किसी द्रव्य से टक्कर करके अपनी उर्जा नष्ट न कर दें। इसके लिये इन कणों का मार्ग '''बीम पाइप''' से होकर जाता है। बीम पाइप में निर्वात पैदा करने के लिये तरह-तरह के पम्प प्रयोग किये जाते हैं।
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