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== कर्मवाद और दु:ख तथा असमानता == कर्मनियम के जीवन की नैतिक व्यवस्था का आधार होने के कारण उससे अनेक समस्याओं का हल भी प्राप्त हो जाता है। जीवन दु:खमय है। वह अनेक प्रकार की बुराइयों तथा विषमताओं से भरा हुआ है। इन सबका कारण क्या है? भारतीय दार्शनिक नागसेन के अनुसार कर्मों के अंतर के कारण ही सभी मनुष्य समान नहीं होते। कुछ अधिक आयुवाले, कुछ कम आयुवाले, कुछ स्वस्थ, कुछ रोगी, कुछ धनी कुछ निर्धन आदि होते हैं। वेदांत के अनुसार ईश्वर जीवों के कर्मानुसार ही उन्हें विभिन्न फल प्रदान करता है। उसमें उसका कोई पक्षपात नहीं हे। इसी प्रकार अन्य भारतीय दर्शन भी दु:ख, असमानता, पुनर्जन्म आदि समस्याओं का समाधान कर्मसिद्धांत के द्वारा करते हैं।
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