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== प्रमुख कृतियाँ == मिश्र जी की ज़्यादातर कृतियाँ आज अप्राप्य है। इनके द्वारा प्रणीत ग्रन्थों की संख्या पचास के आसपास बतलाई जाती है, किन्तु इनकी वैद्यक साहित्य की दो पुस्तकें क्रमश: "गुल्लर गुण विकास" (पद्य) और "आरोग्य प्रकाश" (गद्य) ही उपलब्ध है। साहित्य की महत्वपूर्ण विधाओं को अपना समर्थ रचनात्मक संस्पर्श देने वाले मिश्र जी ने अपनी आत्म कथा भी लिखी थी। अपने समय को समग्रता में रेखांकित करने वाली इनकी आत्म कथा प्रकाशित नहीं हो सकी।<ref>बिहार की साहित्यिक प्रगति, पृष्ठ :१२९</ref>
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