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== नेतृत्व का महत्त्व == प्रत्येक समूह के लिए नेतृत्व की आवश्यकता होती है। चाहे वह राजनैतिक हो या सामाजिक, धार्मिक हो या औद्योगिक। कोई भी समूह बिना नेतृत्व के आस्तित्वहीन होता है। औद्योगिक क्षेत्र में मालिक या कर्मचारी ही नेता का चयन करते है। होना यह चाहिए कि मालिक और कर्मचारी दोनों मिलकर नेता का चुनाव करें। इस प्रकार की आदर्श चयन प्रणाली के द्वारा मालिक और कर्मचारी के बीच के छोटे-छोटे झगड़ों को रोका जा सकता है। इससे समस्याओं का समाधान भी जल्दी हो सकता है। मालिकों तथा प्रबंधकों द्वारा चुना व्यक्ति अधिक स्वामि-भक्ति रखता है और कर्मचारियों के हितों को उपेक्षित कर सकता है। इसके विपरीत कर्मचारियों द्वारा चुना व्यक्ति कर्मचारियों के प्रति उत्तरदायी होता है। इस प्रकार नीति संघर्ष बढ़ने लगता है। इसलिए प्रभावशाली नेतृत्व के लिए आवश्यक है कि मालिक और कर्मचारी दोनों मिलकर योग्य, अनुभवी और व्यवहार कुशल व्यक्ति को नेता चुनें। नेतृत्व को तीन स्तर पर तीन वर्गो में बांटा गया है- :(१) उच्चतम स्तर का प्रबंध (Top management), :(२) मध्यम स्तर का प्रबंध (Middle management), :(३) सम्मुख व्यक्ति का प्रबंध (Front line management)। प्रथम स्तर के प्रबंध में उच्च श्रेणी के बिग बॉस (Big Boss), मध्यम स्तर में केवल बॉस (Boss) तथा तीसरी श्रेणी में फोरमैन या सुपरवाइजर आते है। ये तीनों प्रकार के नेता भिन्न-भिन्न स्तरों पर कार्य करते है। इनके उत्तरदायित्व व कर्त्तव्य भी भिन्न होते है। नेता को अपने पद पर बने रहने के लिए आवश्यक होता है कि वह अपने समूह के प्रत्येक पक्ष पर संबंध बनाए रखने में समर्थ हो। इसलिए सुचारू कार्य के लिए यह आवश्यक होता है कि नेता अपने समूह के कर्मचारियों से हमेशा निकट के संबंध बनाए रखें, इससे नेता और कर्मचारियों के बीच तनाव की स्थिति नहीं आएगी और न ही कोई अन्य समस्याएं उत्पादन को प्रभावित करेंगी।
सारांश:
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