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=== कोटर सिद्धान्त === {{quote box|quote=... [[प्रमात्रा क्षेत्र सिद्धान्त]] के विकास ने अनावश्यक रूप से कोटर सिद्धान्त की व्याख्या होती है, यहाँ तक की कुछ पुस्तकों में भी इसको उचित ठहराया गया है।|source=[[स्टीवन वैनबर्ग]]<ref>{{cite book|last=वैनबर्ग|first=स्टीवन|title=प्रमात्रा क्षेत्र सिद्धान्त, भाग-1 : मूल|isbn=0-521-55001-7|page=[https://archive.org/details/quantumtheoryoff00stev/page/14 14]|url=https://archive.org/details/quantumtheoryoff00stev/page/14}}</ref>|width=300px}} डिराक समीकरण को हल करने पर हमें ऋणात्मक ऊर्जा की क्वांटम (प्रमात्रा) अवस्था प्राप्त होती है। परिणाम स्वरुप एक [इलेक्ट्रॉन अपनी ऊर्जा को विकिरित करते हुये ऋणात्मक ऊर्जा अवस्था को प्राप्त हो सकता है।
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