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=== सार्वजनिक वित्त एक वास्तविक विज्ञान है=== विज्ञान किसी विषय का क्रमागत अध्ययन है जिसमें तथ्यों के कारण तथा परिणाम का अध्ययन किया जाता है। सार्वजनिक वित्त में सरकार के आय तथा व्यय सम्बन्धी विषय का क्रमागत अध्ययन किया जाता है। इसमें सरकार की आय तथा व्यय सम्बन्धी तथ्यों में पाये जाने वाले कारण तथा परिणाम के सम्बन्ध का भी अध्ययन किया जाता है। उदाहरण के लिए,सार्वजनिक वित्त के अध्ययन से ज्ञात होता है कि यदि कर ऊंची दर पर लगाये जायेंगे तो उनका उत्पादन तथा उपभोग पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।इस प्रकार सार्वजनिक वित्त एक वास्तविक विज्ञान है। अब प्रश्न यह है कि सार्वजनिक वित्त वास्तविक विज्ञान के साथ-साथ आदर्शात्मक विज्ञान भी है। वास्तविक विज्ञान का सम्बन्ध ‘क्या है’ से है जबकि आदर्शात्मक विज्ञान का सम्बन्ध ‘क्या होना चाहिए’ से है। सार्वजनिक वित्त वास्तविक विज्ञान के साथ-साथ आदर्शात्मक विज्ञान भी है क्योंकि सार्वजनिक वित्त के अध्ययन से यह भी ज्ञात होता है कि कर कितनी मात्रा में लगाये जाने चाहिए। सार्वजनिक व्यय कौन सी मदों पर अधिक तथा कौन सी मदों पर कम किया जाना चाहिए। इस प्रकार सार्वजनिक वित्त एक आदर्शात्मक विज्ञान भी है। अन्य शब्दों में इसका अर्थ यह है कि सार्वजनिक वित्त द्वारा केवल कार्यों की व्याख्या ही नहीं की गई है, बल्कि यह अच्छे है या बुरे हैं, यह मूल्यांकन भी किया जाता है। सार्वजनिक वित्त का यह कल्याणकारी पहलू ही इसको आदर्शात्मक विज्ञान बनाता है। इसलिए सार्वजनिक वित्त ‘क्या होना चाहिए’ से भी संबंधित हैं। इसलिए इसका प्रयोग राजस्व क्रियाओं के रूप में व्यापार चक्र में उतार चढ़ाव रोकने बेरोजगारी रोकने तथा छिपी बेरोजगारी कम करने आय व धन का समान वितरण सुनिश्चित करने, आर्थिक स्थिरता व वृद्धि तथा क्षेत्रीय समस्याएं घटाने में किया जाता है।
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