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== व्यवहारवाद का शिक्षा में योगदान == पी0 साइमण्ड ने शिक्षण व अधिगम के क्षेत्र में व्यवहारवाद की उपयोगिता बताते हुये कहा कि सीखने में पुरस्कार (पुर्नबलन) की महती भूमिका है, जिसकी जानकारी एक अध्यापक के लिये होना आवश्यक है। अध्यापक द्वारा प्रदत्त पुनर्बलन बच्चों के भविष्य की गतिविधियों के क्रियान्वयन में निर्देशन का कार्य करता है। अध्यापक द्वारा मात्र सही या गलत की स्वीकृति ही बच्चे के लिये पुरस्कार का कार्य करती है। व्यवहारवाद का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान निम्नलिखित है - *1. व्यवहारवाद ने जो विधियां व तकनीक प्रदान करी उनसे बच्चों के व्यवहार को समझने में काफी मदद मिली। *2. सीखने और प्रेरणा के क्षेत्र में व्यवहारवाद ने जो विचार प्रस्तुत किये वे अत्यन्त महत्वपूर्ण है। *3. बच्चों के संवेगों का प्रयोगात्मक अध्ययन करके व्यवहारवादी मनोवैज्ञानिकों ने इनके संवेगात्मक व्यवहार को समझने का ज्ञान प्रदान किया। *4. व्यवहारवाद ने मानव व्यवहार पर वातावरणीय कारकों की भूमिका पर विशेष जोर दिया। वाटसन ने पर्यावरणी कारकों को बच्चों के वयक्तित्व विकास में काफी महत्वपूर्ण बताया। वाटसन का यह कथन कि यदि उन्हें एक दर्जन भी स्वस्थ बच्चे दिये जाते है तो वे उन्हें चाहे तो डाक्टर, इंजीनियर, कलाकार या भिखारी कुछ भी उचित वातावरण प्रदान कर बना सकते है, ने वातावरण की भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला। *5. स्किनर द्वारा सीखने के लिये जो नयी विधि [[कार्यक्रमित अधिगम|कार्यक्रमित सीखना]] (प्रोग्राम्ड लर्निंग) दी गयी, ने शिक्षा मनोविज्ञान के क्षेत्र में हलचल मचा दिया। आधुनिक मनोवैज्ञानिकों ने इस विधि को अत्यन्त महत्वपूर्ण माना है और अनेक तरह के पाठों को सिखाने में उन्हें सफलता भी मिली। *6. कुसमायोजित बालकों के समायोजन के लिए व्यवहारवाद द्वारा जो विधियां दी गयी वे अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। *7. व्यवहारवाद ने मानव व्यहवार को समझने के लिये पूर्ववर्ती समस्त वाद जोकि मानसिक प्रक्रियाओं पर बल देते थे, के विवाद का अंत किया।
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