सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
संवैधानिक उपचार
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
=== बंदी प्रत्यक्षीकरण प्रादेश === '''{{मुख्य|बन्दी प्रत्यक्षीकरण}}''' उक्त प्रादेशों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है बंदी प्रत्यक्षीकरण प्रादेश (Writ of Habeas Corpus)। इसका वास्तविक अर्थ है "बंदी को सशरीर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए"। यह प्रादेश किसी व्यक्तिविशेष अथवा कारागार की हिरासत में निरुद्ध (detained) बंदी के व्यक्तिस्वातंत्र्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण अस्त्र है। इस प्रादेश द्वारा न्यायालय बंदी व्यक्ति को अपने समक्ष उपस्थित किए जाने का आदेश देता है और उसके निरोध (detention) के कारणों की छानबीन करता है। यदि न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि बंदी का निरोध (detention) अवैध तथा अनौचित्यपूर्ण (unproper) है, तो उस दशा में उसे निर्मुक्त (free) कर दिया जाता है। इस प्रादेश का उपयोग अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण (imternational extradition) की वैधता की जाँच, सशस्त्र सेना अथवा नौसेना द्वारा बंदी बनाए गए व्यक्तियों की निर्मुक्ति, विदेशियों के देश से निष्कासन या निर्वासन को रोकने, तथा कारागार अथवा व्यक्ति विशेष की हिरासत में अवैध रूप से निरुद्ध (detained) व्यक्ति की निर्मुक्ति के लिए होता है। यह प्रादेश न्यायालय द्वारा आधिकारिक (as of right) रूप से जारी किया जाता है किंतु वह इसे प्रकृत्या जारी नहीं करता (not as of course)। प्रादेश के जारी किए जाने की स्वीकृति तभी प्रदान की जाती है जब कि प्रार्थी हलफनामे (affidevit) द्वारा संबलित याचिका में यह प्रदर्शित करे कि उसका निरोध अवैध तथा अनुचित है। याचिका स्वयं प्रार्थी द्वारा अथवा उससे संबंधित किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत की जा सकती है। निरोध की वैधता की छानबीन बंदी के निरोधक (person detaining) द्वारा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की तिथि को की जाती है।
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)