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== व्यवसाय == === प्रारंभिक कार्य === सन् 1973 जॉब्स अटारी में तकनीशियन के रूप में कार्य करते किया। वहाँ लोग उन्हें "मुश्किल है लेकिन मूल्यवान" कहते थे। मध्य १९७४, में आध्यात्मिक ज्ञान की खोज में जॉब्स अपने कुछ रीड कॉलेज के मित्रो के साथ कारोली बाबा से मिलने भारत आए। किंतु जब वे कारोली बाबा के आश्रम पहुँचे तो उन्हें पता चला की उनकी मृत्यु सितम्बर १९७३ को हो चुकी थी। उसके बाद उन्होने हैड़खन बाबाजी से मिलने का निर्णय किया। जिस कारण उन्होंने भारत में उन्होने काफ़ी समय दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में बिताया। सात महीने [[भारत]] में रहने के बाद वे वापस [[अमेरिका]] चले गऐ। उन्होने अपनी उपस्थिति बदल डाली, उन्होने अपना सिर मुंडा दिया और पारंपरिक भारतीय वस्त्र पहनने शुरू कर दिए, साथ ही वे जैन, बौद्ध धर्मों के गंभीर व्यवसायी भी बन गये। सन् 1976 में जॉब्स और [[स्टीव वोज़नियाक|वोज़नियाक]] ने अपने स्वयं के व्यवसाय का गठन किया, जिसका नाम उन्होने "एप्पल कंप्यूटर कंपनी" रखा। === एप्पल कंप्यूटर === [[चित्र:Apple_Computer_Logo_rainbow.svg|thumb|125px|left|एप्पल लोगो]] [[चित्र:Apple logo black.svg|thumb|27 अगस्त 1999 से उपयोग किया जा रहा लोगो।]] सन् 1976 में, स्टीव वोज़नियाक ने मेकिनटोश एप्पल 1 कंप्यूटर का आविष्कार किया। जब वोज़नियाक ने यह जॉब को दिखाया तो जॉब ने इसे बेचने का सुझाव दिया, इसे बेचने के लिये वे और वोज़नियाक गैरेज में एप्पल कंप्यूटर का निर्माण करने लगे। इस कार्य को पूरा करने के लिये उन्होने अर्द्ध सेवानिवृत्त [[इंटेल]] उत्पाद विपणन प्रबंधक और इंजीनियर माइक मारककुल्ला से धन प्राप्त किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.prabhatkhabar.com/news/90003-story.html |title=सक्सेस सीढ़ी |access-date=25 मई 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140526011039/http://www.prabhatkhabar.com/news/90003-story.html |archive-date=26 मई 2014 |url-status=dead }}</ref> सन् 1978 में, नेशनल सेमीकंडक्टर से माइक स्कॉट को एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भर्ती किया गया था। सन् 1983 में जॉब्स ने लालची जॉन स्कली को पेप्सी कोला को छोड़ कर एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में काम करने के लिए पूछा, " क्या आप आपनी बाकी ज़िंदगी शुगर पानी बेचने मे खर्च करना चाहते हैं, या आप दुनिया को बदलने का एक मौका चाहते हैं?" अप्रैल 10 1985 और 11, बोर्ड की बैठक के दौरान, एप्पल के बोर्ड के निदेशकों ने स्कली के कहने पर जॉब्स को अध्यक्ष पद को छोड़कर उसकी सभी भूमिकाओं से हटाने का अधिकार दे दिया। परंतु जॉन ने यह फ़ैसला कुछ देर के लिया रोक दिया। मई 24, 1985 के दिन मामले को हल करने के लिए एक बोर्ड की बैठक हुई, इस बैठक में जॉब्स को मेकिनटोश प्रभाग के प्रमुख के रूप में और उसके प्रबंधकीय कर्तव्यों से हटा दिया गया।
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