सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
स्वामी निगमानन्द परमहंस
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
=== सांसारिक जीवन === सत्रह बर्ष की आयु में हलिसहर निबसी स्वर्गीय बैद्यनाथ मुखोपाधाय की जेष्ठ कन्या एकादस वर्षीय सुधांशुबाला के साथ नलिनीकांत का बिबाह सम्पर्न हुआ।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(सुधांशुबाला के साथ नलिनीकांत का बिबाह)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=49|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> इस बिच नलिनीकांत ने सर्भे स्कूल का पाठक्रम पूरा करके ओबरसिअर की नौकरी की। <ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(ओबरसिअर की नौकरी)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=49|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> उनके बाद उन्होंने दीनाजपुर जमीदारी के अंतर्गत नारायणपुर में नौकरी शुरु की। एक दिन साम को नारायणपुर कचहरी में कार्यरत रहते समय सुधादेवी (उनकी पत्नी) की छायामूर्ति देखकर बह चौंक उठे। कुछ देर बाद बह मूर्ति गायब हो गई।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(सुधादेवी (उनकी पत्नी) की छायामूर्ति दर्शन)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=50|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> बाद में गांब पहंच कर पता चला कि सुधादेवी इस संसार में नही रहीं। इस घटना से उनमे परलोग के प्रति बिश्वास पैदा हुआ क़ी मृत्यु के साथ परलोग का घनिष्ठ संबंध है। इस मृत्यु और परलोग तत्त्व को जानने केलिए उन्होंने [[चेन्नई|मद्रास]] स्थित थिओसफि संप्रदाय में शामिल हो कर बह बिद्या सीखी।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(थिओसफि संप्रदाय में शामिल हुए निगमानन्द)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=63|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> बह दिबंगत सुधांशुबाला को प्रत्यक्ष रूप में देखना चाहते थे। इसलिए मीडियम के भीतर उनकी आत्मा को लाकर आत्मा के प्रत्यक्ष दर्शन ना होनेसे नलिनीकांत तृप्त नहीं हो पाये। अभ्यास करते समय उन्हें पता चला कि हिन्दू योगियों की कृपा से उन्हें प्रत्यक्ष ज्ञान की प्राप्ति होगी। इसलिए नलिनीकांत [[चेन्नई|मद्रास]] से लौटकर हिन्दूयोगियों की खोज में लग गये।
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)