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== संधि तंत्र == [[चित्र:909 Types of Synovial Joints esp.jpg|right|thumb|350px]] दो या अधिक अस्थियों के जोड़ को [[संधि (व्याकरण)|संधि]] कहते हैं। इसमें स्नायु (ligaments) सहायक होते हैं। संधियाँ कई प्रकार की होती हैं। गीत के अनुसार इनके भेद निम्नलिखित हैं : * चल संधियाँ, जैसे स्कंध संधि (Shoulder joint)। चल संधियों के प्रभेदों में हैं ** फिसलनेवाली संधियाँ, जैसे रीढ़ की संधियाँ, ** खूँटीदार संधियाँ, जैसे प्रथम, द्वितीय कशेरुक तथा पश्च कपालास्थि संधि, ** कब्जेनुमा संधि, जैसे कूर्पर संधि तथा ** गेंद गड्ढा संधि, जैसे वंक्षण संधि। * अचल संधियाँ, जैसे करोटि और काल संधि (cranial suture)। * अल्प गतिशील संधियाँ - भगास्थि संधि। '''आकृति के अनुसार संधियों का वर्गीकरण''' निम्नलिखित है : * तांतव संधि (fibrous joint), * उपास्थि संधि (cartilaginous joint) तथा * स्नेहक संधि (synovial joints)। '''तांतव संधि''' - इसके उदाहरण कपाल संधियाँ, दाँत के उलूखल तथा जंघिकांतर संधि ( '''''tibiofibular''''' joint)। '''उपस्थि संधि''' - यह दो प्रकार की होती है। इसमें अल्पगति होती है, जैसे भगास्थि संधि। '''स्नेहक संधि''' - इसके अंतर्गत प्राय: शरीर की समस्त संधियाँ आती हैं। इस प्रकार की संधियाँ विभिन्न गतियों के अनुसार अनेक वर्गों में विभाजित की जा सकती हैं। संधियों के ऊपर से पेशियाँ गुजरती हैं तथा उन्हें गति प्रदान करती हैं। संधियों की अपनी रुधिर वाहिकाएँ होती हैं। संधियों का विलगना चोट लगने से होता है। इसे संधिभ्रंश कहते हैं। संधियों की स्नायु पर आघात होने को मोच कहते हैं।
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