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=== हदीस में जुहा नमाज़ के इनाम का विवरण<ref>{{cite web|url=https://www.dawateislami.net/gallery/7909|title=Chast ki nmaz ki fazeelat|access-date=29 अप्रैल 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20160907140149/http://www.dawateislami.net/gallery/7909|archive-date=7 सितंबर 2016|url-status=dead}}</ref> === <blockquote>"जो नमाज़ फज्र जमात से अदा करके ज़िक्र अल्लाह करता रहे, यहां तक कि सूर्य ऊंचा हो गया फिर 2 रकात पढ़े तो उसे पूरे हज और उमरा का सवाब मिलेगा।(हदीस तिर्मिज़ी, 586) ”जो चाशत की दो रकातों को पढ़ा करे उस के (बड़े गुनाह बख़श दीये जाऐंगे (हदीस, सुनन अबु दाऊद, 1382)</blockquote> [[श्रेणी:इस्लाम]] [[श्रेणी:नमाज़]]
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