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=== मोटरगाड़ियों के इंजन === यह ज्यादातर मान लिया जाता है कि स्टर्लिंग इंजन ऑटोमोटिव अनुप्रयोगों में बहुत कम उर्जा/भार परिमाण, बहुत लागत वाला और बहुत देर में शुरू होने वाला होता है। इसके ताप संयंत्र जटिल तथा महंगे भी होते हैं। एक स्टर्लिंग कूलर के लिए ओट्टो इंजन या डीजल इंजन रेडियेटर से दुगुना ताप निष्पादन करना आवश्यक है। हीटर को आवश्यक रूप से स्टेनलेस स्टील, असाधारण मिश्रधातु, या सेरामिक का बना होना चाहिए जो कि ऊंचे उर्जा घनत्व की आवश्यकता के लिए उच्च तापमान का समर्थन कर सके और हाइड्रोजन गैस को भी ग्रहण कर सके जिनका इस्तेमाल ऑटोमोटिव स्टर्लिंग इंजनों में शक्ति को बढ़ाने के लिए किया जाता है। मुख्य दिक्कतें जो स्टर्लिंग इंजन के ऑटोमोटिव अनुप्रयोग में आती हैं वे हैं शुरू होने का समय, त्वरता की प्रक्रिया, बंद होने का समय और भार, जिनके पहले से ही बनाये समाधान नहीं हैं। फिर भी हल ही में एक संशोधित स्टर्लिंग इंजन का निर्माण किया गया है जिसे आधिकारिक साइडवॉल दहन कक्ष वाले अंतर-दहन के इंजन की अवधारणा (U.S. अधिकृत 7,387,093) से लिया गया है तथा जो यह वादा करता है कि स्टर्लिंग इंजन के स्वाभाविक ऊर्जा घनत्व की कमी तथा विनिर्दिष्ट शक्ति की समस्याओं के साथ ही साथ मंद त्वरता की प्रतिक्रिया की समस्या पर काबू पा लेगा। <ref>जे हस्सी (2008)</ref> फिर भी यह संभव है कि इन सह-निर्मित सिस्टम में इनका इस्तेमाल किया जायेगा जो कि पारंपरिक पिस्टन और गैस टर्बाईन से बची हुई गर्मी का इस्तेमाल सहायकों को शक्ति देने या फिर टर्बो-संयुक्त सिस्टम के रूप में करेगा जो कि क्रैंकशैफ्ट को शक्ति और टोर्क प्रदान कर सकेगा. अनन्य रूप से स्टर्लिंग इंजन द्वारा चालित कम से कम दो मोटर-गाड़ियों का निर्माण [[नासा|NASA]] द्वारा किया गया है, साथ ही साथ फिलिप्स [https://web.archive.org/web/20101015035342/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,904117,00.html ] और अमेरिकन मोटर कार्पोरेशन द्वारा प्रदत्त इंजनों का इस्तमाल फोर्ड मोटर कंपनी द्वारा इससे पूर्व की परियोजनाओं में किया गया। NASA की गाडियों को ठेकेदारों द्वारा निर्मित किया गया तथा MOD I एवं MOD II के रूप में प्राधिकृत किया गया। MOD II ने 1985 में 4 दरवाजे वाले शेवरोलेट सेलेब्रेटी नॉचबुक के सामान्य चिंगारी से जलने वाले इंजन को बदल दिया। 1986 में MOD II डिज़ाइन विवरण (परिशिष्ट A) में परिणाम दिखाते हैं कि वाहन के औसत भार को बिना बढ़ाए, राजमार्ग की माईलेज 40 से 58 mpg (माईल प्रति गैलन) तथा शहरी माईलेज 26 से 33 माईल प्रति गैलन बढ़ाया गया है। NASA के वाहन में शुरूआती समय 30 सेकण्ड तक बढ़ गया, {{Citation needed|date= जनवरी 2008}} जबकि फोर्ड के शोध के वाहन ने अन्दरूनी बिजली के हीटर का प्रयोग किया, जिसने केवल कुछ सेकंडों में ही उसे शुरू किया।
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