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== इतिहास == * '''[[१०,०००|10,000]] ईसापूर्व (ईपू)''' - इतिहासकार एस बी राय ने अनुष्ठानिक नदी स्नान को स्वसिद्ध किया। * '''[[६००|600]] ईपू''' - बौद्ध लेखों में नदी मेलों की उपस्थिति। * '''[[४००|400]] ईपू''' - सम्राट चन्द्रगुप्त के दरबार में यूनानी दूत ने एक मेले को प्रतिवेदित किया। * '''ईपू [[३००|300]] ईस्वी''' - रॉय मानते हैं कि मेले के वर्तमान स्वरूप ने इसी काल में स्वरूप लिया था। विभिन्न पुराणों और अन्य प्राचीन मौखिक परम्पराओं पर आधारित पाठों में पृथ्वी पर चार विभिन्न स्थानों पर अमृत गिरने का उल्लेख हुआ है। सर्व प्रथम आगम अखाड़े की स्थापना हुई कालांतर मे विखंडन होकर अन्य अखाड़े बने * '''[[५४७|547]]''' - अभान नामक सबसे प्रारम्भिक अखाड़े का लिखित प्रतिवेदन इसी समय का है। * '''[[६००|600]]''' - चीनी यात्री ह्यान-सेंग ने प्रयाग (वर्तमान [[इलाहाबाद|प्रयागराज]]) पर सम्राट हर्ष द्वारा आयोजित कुम्भ में स्नान किया। * '''[[९०४|904]]''' - निरन्जनी अखाड़े का गठन। * '''[[११४६|1146]]''' - जूना अखाड़े का गठन। * '''[[१३००|1300]]''' - कानफटा योगी चरमपंथी साधु राजस्थान सेना में कार्यरत। * '''[[१३९८|1398]]''' - तैमूर, हिन्दुओं के प्रति सुल्तान की सहिष्णुता के दण्ड स्वरूप दिल्ली को ध्वस्त करता है और फिर [[हरिद्वार]] मेले की ओर कूच करता है और हजा़रों [[हिन्दू|श्रद्धालुओं]] का नरसंहार करता है। ''विस्तार से'' - [[१३९८|1398]] [[हरिद्वार महाकुम्भ नरसंहार]] * '''[[१५६५|1565]]''' - मधुसूदन सरस्वती द्वारा दसनामी व्यव्स्था की लड़ाका इकाइयों का गठन। *[[१६८४|'''1678''']] '''-'''प्रणामी संप्रदायके प्रवर्तक, महामति श्री प्राणनाथजीको विजयाभिनन्द बुद्ध निष्कलंक घोषित । * '''[[१६८४|1684]]''' - फ़्रांसीसी यात्री तवेर्निए नें भारत में [[१२|12]] लाख हिन्दू साधुओं के होने का अनुमान लगाया। * '''[[१६९०|1690]]''' - [[नासिक]] में [[शैव]] और [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] साम्प्रदायों में संघर्ष; [[६०,०००|60,000]] मरे। * '''[[१७६०|1760]]''' - शैवों और वैष्णवों के बीच हरिद्वार मेलें में संघर्ष; [[१,८००|1,800]] मरे। * '''[[१७८०|1780]]''' - ब्रिटिशों द्वारा मठवासी समूहों के शाही स्नान के लिए व्यवस्था की स्थापना। * '''[[१८२०|1820]]''' -हरिद्वार मेले में हुई भगदड़ से [[४३०|430]] लोग मारे गए। [[चित्र:Haridwar Kumbh Mela - 1850s.jpg|450px|thumb|right|अंग्रेज चित्रकार जे एम डब्ल्यू टर्नर द्वारा चित्रित 'हरिद्वार कुम्भ मेला' ; यह चित्र 1850 के दशक में बनाया गया था।]] * '''[[१९०६|1906]]'''- ब्रिटिश कलवारी ने साधुओं के बीच मेला में हुई लड़ाई में बीचबचाव किया। * '''[[१९५४|1954]]''' - चालीस लाख लोगों अर्थात भारत की [[१|1]]% जनसंख्या ने प्रयागराज में आयोजित कुम्भ में भागीदारी की; भगदड़ में कई सौ लोग मरे। * '''[[१९८९|1989]]''' - [[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स|गिनिज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] ने [[६|6]] [[फरवरी]] के प्रयाग मेले में [[१.५|1.5]] करोड़ लोगों की उपस्थिति प्रमाणित की, जोकी उस समय तक किसी एक उद्देश्य के लिए एकत्रित लोगों की सबसे बड़ी भीड़ थी। * '''[[१९९५|1995]]''' - प्रयागराज के “[[कुम्भ मेला#अर्ध कुम्भ|अर्धकुम्भ”]] के दौरान [[३०|30]] जनवरी के स्नान दिवस को [[२|2]] करोड़ लोगों की उपस्थिति। * '''[[१९९८|1998]]''' - हरिद्वार महाकुम्भ में [[५|5]] करोड़ से अधिक श्रद्धालु चार महीनों के दौरान पधारे; [[१४ अप्रैल]] के एक दिन में [[१|1]] करोड़ लोग उपस्थित। * '''[[२००१|2001]]''' - प्रयागराज के मेले में छः सप्ताहों के दौरान [[७|7]] करोड़ श्रद्धालु, [[२४|24]] जनवरी के अकेले दिन [[३|3]] करोड़ लोग उपस्थित। * '''[[२००३|2003]]''' - नासिक मेले में मुख्य स्नान दिवस पर [[६०|60]] लाख लोग उपस्थित। * '''[[२००४|2004]]''' - उज्जैन मेला; मुख्य दिवस [[५|5]] अप्रैल, [[१९|19]] अप्रैल, [[२२|22]] अप्रैल, [[२४|24]] अप्रैल और [[४|4]] मई। * '''[[२००७|2007]]''' - प्रयागराज में अर्धकुम्भ। पवित्र नगरी प्रयागराज में अर्धकुम्भ का आयोजन [[३|3]] जनवरी [[२००७|2007]] से [[२६|26]] फरवरी [[२००७|2007]] तक हुआ। * '''[[२०१०|2010]]''' - हरिद्वार में महाकुम्भ प्रारम्भ। [[१४|14]] जनवरी [[२०१०|2010]] से [[२८|28]] अप्रैल [[२०१०|2010]] तक आयोजित किया जाएगा। ''विस्तार से'' - [[२०१० हरिद्वार महाकुम्भ]] * '''[[२०१५|2015]]''' - नाशिक और त्रयंबकेश्वर में एक साथ जुलाई [[१४|14]] ,[[२०१५|2015]] को प्रातः [[६:१६|6:16]] पर वर्ष [[२०१५|2015]] का कुम्भ मेला प्रारम्भ हुआ और सितम्बर [[२५|25]],[[२०१५|2015]] को कुम्भ मेला समाप्त हो जायेगा। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/spiritual/puja-path-kumbh-mela-begins-lakhs-of-devotees-converge-for-holy-dip-12595137.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=15 जुलाई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150716022309/http://www.jagran.com/spiritual/puja-path-kumbh-mela-begins-lakhs-of-devotees-converge-for-holy-dip-12595137.html |archive-date=16 जुलाई 2015 |url-status=live }}</ref> * '''[[२०१६|2016]]''' - [[उज्जैन]] में [[२२|22]] अप्रैल से आरम्भ * '''[[२०१९|2019]]''' - [[इलाहाबाद|प्रयागराज]] में अर्धकुम्भ * '''[[२०२१|2021]]''' - [[हरिद्वार]] में कुम्भ लगेगा।
सारांश:
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