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== प्रति-आपत्ति == जब व्यवहारवाद में किसी पक्ष की ओर से अपील होती है तब उत्तरवादी को आज्ञप्ति के उस भाग के विरुद्ध, जो उसके विपरीत है, प्रति-आपति प्रस्तुत करने का अधिकार होता है। वह अपनी निजी अपील भी कर सकता है परंतु प्रति-अपील तथा प्रति-आपत्ति में यह अंतर होता है कि प्रति-अपील तो अपील के लिए निर्धारत अवधि के भीतर होनी चाहिए तथा संबंधी समसत नियमों का पालन आवश्यक हैं, किंतु प्रति-आपत्ति, व्यवहार-प्रक्रिया-संहिता की क्रमसंखा 41, नियम 23 के अंतर्गत, अपील की सुनवाई की सूचना उत्तरवादी द्वारा प्राप्त की जाने की तिथि से 30 दिन के अंदर प्रस्तुत की जा सकती है। उच्चतम न्यायालय में होनेवाली अथवा दंडविषयक अपीलों में कोई प्रति-आपत्ति नहीं होती।
सारांश:
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