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== सातवाँ अध्याय == सातवें अध्याय में संघभेद का वृत्तांत दिया गया है। देवदत्त ने पदलोलुपतावश किस प्रकार संघ में फूट डाली, उसकी दुर्गति कैसे हुई, किन किन परिस्थितियों में संघभेद हो सकता है और संघ की सामग्री (एकता) कैसे हो सकती है- इन बातों का वर्णन है। देवदत्त के साथ अनुरुद्ध आदि शाक्य कुमारों और उपालि की प्रव्रज्याकथा भी आई है।
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